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‘मिशन जीरो’ से स्वच्छता कार्यों में मौतों पर लगेगी रोक, भुवनेश्वर में राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित

On: August 22, 2026 9:34 PM
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  • सुरक्षित, सम्मानजनक और पूरी तरह मशीनीकृत स्वच्छता व्यवस्था बनाने पर जोर

भुवनेश्वर। स्वच्छता कार्यों के दौरान होने वाली मौतों को पूरी तरह समाप्त करने के उद्देश्य से शनिवार को भुवनेश्वर के स्टेट कन्वेंशन सेंटर, लोकसेवा भवन में ‘मिशन जीरो : स्वच्छता कार्यों में होने वाली मौतों को समाप्त करना’ विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा, आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल, संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करने और मशीनीकृत स्वच्छता सेवाओं के विस्तार पर व्यापक चर्चा हुई।

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कार्यशाला में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव सुधांश पंत, ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग, आवास एवं शहरी विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव उषा पाढ़ी समेत केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि, स्वच्छता क्षेत्र के विशेषज्ञ, तकनीकी संस्थान, उपकरण निर्माता, नागरिक संगठनों और स्वच्छता कर्मियों ने हिस्सा लिया।

स्वच्छता कार्य में शून्य मौत का लक्ष्य

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्वच्छता कार्यों के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं और मौतों को पूरी तरह रोकना रहा। इसके लिए संस्थागत तंत्र को मजबूत करने, उचित तकनीक अपनाने, आपातकालीन प्रतिक्रिया व्यवस्था को बेहतर बनाने और शहरों में मशीनीकृत स्वच्छता सेवाओं को व्यापक स्तर पर लागू करने पर जोर दिया गया।

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव सुधांश पंत ने कहा कि स्वच्छता कार्यों में शून्य मौत सुनिश्चित करना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप राष्ट्रीय प्राथमिकता है। उन्होंने सुरक्षित, व्यवस्थित और सम्मानजनक स्वच्छता सेवाओं के लिए केंद्र, राज्य, शहरी निकायों और अन्य हितधारकों के बीच समन्वित प्रयास की आवश्यकता बताई।

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NAMASTE और GARIMA योजनाओं पर जोर

कार्यशाला में स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण के लिए संचालित NAMASTE और GARIMA योजनाओं के बारे में भी चर्चा हुई। इन योजनाओं का उद्देश्य स्वच्छता कार्यों में मशीनीकरण बढ़ाने के साथ कर्मियों को व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है।

अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2024 में शुरू किया गया ‘स्वच्छता सारथी/वेस्ट पिकर’ घटक भी इस व्यवस्था को मजबूत करता है। इसके जरिए कचरा बीनने वाले श्रमिकों को सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण की योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया है। NAMASTE योजना को वर्ष 2031 तक बढ़ाया गया है और इसके तहत व्यवस्थित स्वच्छता सेवा उपलब्ध कराने के लिए Emergency Response Sanitation Units (ERSUs) को आगे बढ़ाने पर भी जोर है।

आधुनिक मशीनों और सुरक्षा उपकरणों का प्रदर्शन

राष्ट्रीय कार्यशाला में स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा और कार्यक्षमता बढ़ाने वाली आधुनिक मशीनों, सुरक्षा उपकरणों और तकनीकों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। केंद्रीय अधिकारी ने प्रदर्शनी में लगाए गए विभिन्न स्टॉल का निरीक्षण किया और तकनीकी समाधान उपलब्ध कराने वाले हितधारकों से बातचीत की।

इसके अलावा वेस्ट पिकर्स और स्वच्छता कर्मियों से जुड़े Waste-to-Wealth Self Help Groups ने भी अपने उत्पाद और कार्यों का प्रदर्शन किया। इससे स्वच्छता क्षेत्र में रोजगार, उद्यमिता और टिकाऊ कचरा प्रबंधन की संभावनाओं को भी सामने लाया गया।

मैनुअल और जोखिमपूर्ण स्वच्छता कार्य खत्म करने पर जोर

कार्यशाला में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि जोखिमपूर्ण मैनुअल स्वच्छता कार्यों को समाप्त करने के लिए सरकारों, शहरी निकायों, तकनीकी संस्थानों, उपकरण निर्माताओं और समुदायों के बीच समन्वित प्रयास जरूरी है।

‘मिशन जीरो’ का लक्ष्य स्वच्छता कार्यों को मशीनीकरण, संस्थागत तैयारी, कर्मियों की सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और आजीविका सहायता के माध्यम से सुरक्षित एवं सम्मानजनक बनाना है, ताकि कोई भी स्वच्छता कर्मी अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए अपनी जान न गंवाए।

सुरक्षित और सम्मानजनक स्वच्छता व्यवस्था की दिशा में कदम

राष्ट्रीय कार्यशाला में शामिल विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा को केवल तकनीकी मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक गरिमा और मानव सुरक्षा से जुड़ा विषय बताया। कार्यशाला ने देशभर में ऐसी स्वच्छता व्यवस्था विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई, जिसमें आधुनिक तकनीक और मशीनीकरण के जरिए जोखिमपूर्ण कार्यों को कम किया जाए और स्वच्छता कर्मियों को सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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