
जमशेदपुर: भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण Special Intensive Revision – SIR 2026 कार्यक्रम के तहत करीम एजुकेशनल कॉम्प्लेक्स में एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को मतदाता सूची के महत्व, मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया, नाम जोड़ने एवं संशोधन कराने की प्रक्रिया तथा लोकतंत्र में नागरिकों की भूमिका के प्रति जागरूक बनाना था।

इस कार्यक्रम का आयोजन मतदाता साक्षरता क्लब के सहयोग से किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित SIR-2026 अभियान की विस्तृत जानकारी दी गई और उन्हें मतदाता जागरूकता के दूत के रूप में समाज में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची का महत्व
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए करीम सिटी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रेयाज़ ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की सफलता उसके जागरूक और जिम्मेदार नागरिकों पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज होना लोकतांत्रिक अधिकारों के उपयोग की पहली शर्त है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे केवल स्वयं जागरूक न बनें, बल्कि अपने परिवार, पड़ोस और समाज के अन्य लोगों को भी मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा जब अधिक से अधिक नागरिक चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भागीदारी करेंगे।
डॉ. रेयाज़ ने कहा कि युवाओं की भूमिका लोकतांत्रिक व्यवस्था को सशक्त बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। आने वाले वर्षों में यही युवा देश के निर्णयों को प्रभावित करने वाले मतदाता बनेंगे, इसलिए उन्हें अभी से निर्वाचन प्रक्रिया की सही जानकारी होना आवश्यक है।

SIR-2026 की पूरी प्रक्रिया विद्यार्थियों को समझाई गई
कार्यक्रम में करीम सिटी कॉलेज के नोडल पदाधिकारी सैयद साजिद परवेज ने विद्यार्थियों को SIR-2026 की पूरी प्रक्रिया विस्तारपूर्वक समझाई। उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन, समावेशी और त्रुटिरहित बनाना है।
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर अपना नाम जुड़वा सकता है। इसी प्रकार यदि मतदाता सूची में किसी व्यक्ति के नाम, पता, आयु या अन्य विवरण में त्रुटि है तो उसका भी सुधार कराया जा सकता है।
उन्होंने ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन करने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया तथा विद्यार्थियों को निर्वाचन आयोग के डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग की जानकारी दी।
निर्वाचन प्रक्रिया में युवाओं की भूमिका पर जोर
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि युवाओं को केवल मतदान तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज डिजिटल युग में जानकारी का प्रसार बहुत तेजी से होता है। ऐसे में विद्यार्थी अपने परिवार और समुदाय को सही जानकारी देकर मतदाता सूची में नाम जोड़ने, त्रुटियों को सुधारने तथा निर्वाचन संबंधी अन्य प्रक्रियाओं में सहयोग कर सकते हैं।
वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र की सफलता केवल चुनाव कराने से नहीं होती, बल्कि यह सुनिश्चित करने से होती है कि प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अवसर मिले और उसकी पहचान मतदाता सूची में सही रूप से दर्ज हो।
कार्यक्रम में मौजूद रहे कई शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि
जागरूकता कार्यक्रम में करीम एजुकेशनल कॉम्प्लेक्स से जुड़े विभिन्न शिक्षण संस्थानों के प्रमुख एवं नोडल पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर सेंट्रल करीम प्लस-2 हाई स्कूल की प्राचार्या श्रीमती वाहेदा तबस्सुम, करीम सिटी इंटर कॉलेज, मानगो के प्राचार्य शाहनवाज़, सेंट्रल करीमिया स्कूल के नोडल पदाधिकारी एमडी फखरुद्दीन अंसारी तथा करीम सिटी इंटर कॉलेज के नोडल पदाधिकारी बलराम भी मौजूद रहे।
सभी वक्ताओं ने विद्यार्थियों को मतदाता जागरूकता से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
SIR-2026 की महत्वपूर्ण तिथियों की दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित SIR-2026 कार्यक्रम की प्रमुख तिथियों की जानकारी भी विद्यार्थियों को दी गई।
विद्यार्थियों ने पूछे कई महत्वपूर्ण प्रश्न
कार्यक्रम को इंटरैक्टिव बनाने के लिए प्रश्नोत्तर सत्र का भी आयोजन किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने, पते में परिवर्तन, आयु प्रमाण पत्र, ऑनलाइन आवेदन, मतदान केंद्र निर्धारण तथा निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे।
विशेषज्ञों एवं नोडल अधिकारियों ने सभी प्रश्नों के विस्तृत उत्तर देते हुए विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। इस सत्र में विद्यार्थियों ने विशेष रुचि दिखाई और निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति अपनी जागरूकता का परिचय दिया।
मतदाता जागरूकता अभियान को मजबूत करने की अपील
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे अपने परिवार, रिश्तेदारों और आसपास के लोगों को मतदाता सूची की जांच करने तथा आवश्यकतानुसार नाम जोड़ने या संशोधन कराने के लिए प्रेरित करें।
वक्ताओं ने कहा कि कई बार पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में नहीं होता या उसमें त्रुटियां रह जाती हैं, जिससे मतदान के समय उन्हें परेशानी होती है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए समय रहते आवश्यक सुधार कराना बेहद जरूरी है।
सटीक और समावेशी मतदाता सूची बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों और अधिकारियों ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 अभियान का उद्देश्य केवल मतदाता सूची का अद्यतन करना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र नागरिक को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ना भी है।
उन्होंने कहा कि एक सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित मतदाता सूची निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनावों की आधारशिला होती है। इसलिए निर्वाचन आयोग द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
करीम एजुकेशनल कॉम्प्लेक्स में आयोजित SIR-2026 जागरूकता कार्यक्रम ने छात्र-छात्राओं को मतदाता सूची, निर्वाचन प्रक्रिया और लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को यह संदेश दिया गया कि वे केवल मतदाता ही नहीं, बल्कि लोकतंत्र के सशक्त प्रहरी भी हैं। मतदाता सूची को अधिक सटीक, समावेशी और त्रुटिरहित बनाने की दिशा में यह कार्यक्रम एक सार्थक और प्रभावी पहल साबित हुआ, जो भविष्य में मतदाता जागरूकता अभियान को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।











































