
चाईबासा: Go सम्मान आह्वान अभियान के तहत आज 27 अप्रैल 2026 को निकाली गई भव्य संकीर्तन रैली सफल रही। बाल मंडली निमडीह से शुरू होकर अनुमंडल कार्यालय तक पहुंची रैली में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। SDO को सौंपे ज्ञापन में गौ माता को राष्ट्रीय माता घोषित करने की मांग उठी। यह गो सम्मान आह्वान अभियान का हिस्सा है, जो देशभर में गौ संरक्षण का संदेश दे रहा है। आइए इस प्रेरक आयोजन को विस्तार से जानें।

Go सम्मान आह्वान अभियान राष्ट्रव्यापी जागृति का आह्वान
Go सम्मान आह्वान अभियान एक राष्ट्रीय मुहिम है, जो 27 अप्रैल 2026 को गो सम्मान दिवस के रूप में मना रही। बागेश्वर धाम सरकार, विभिन्न संतों के नेतृत्व में यह अभियान चल रहा, जिसमें 5000+ तहसीलों से ज्ञापन दिए जा रहे। मुख्य मांगें: गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध, गौ माता को राष्ट्रीय माता दर्जा, गो सेवा मंत्रालय का गठन।
चाईबासा की रैली इसी का स्थानीय भाग। झारखंड जैसे राज्य में जहां गौशालाएं सक्रिय हैं, यह अभियान गति पकड़ रहा। उद्देश्य: समाज में गौ प्रेम जागृत करना।

चाईबासा रैली बाल मंडली से अनुमंडल कार्यालय तक
रैली बाल मंडली, निमडीह से शुरू होकर अनुमंडल कार्यालय, सदर चाईबासा पहुंची। बैनर-पोस्टर, संकीर्तन और भजन से सजा मार्गदर्शन। सभी वर्गों – श्रद्धालु, संत, नगरवासी – ने भाग लिया।
मां कामधेनु सेवा समिति की अध्यक्ष श्रीमती कमला देवी और सचिव श्रीमती प्रेमा शर्मा ने संचालन किया। संयोजक सर्वेश प्रसाद और सहसंयोजक दुवारिका शर्मा की भूमिका अहम। SDO को ज्ञापन देकर समापन। माहौल भक्तिमय रहा।
मुख्य योगदानकर्ता
- डॉली कर, रिंकू यादव, मंजू निषाद
- परमिला देवी, संजू देवी, मीरा देवी
- चंद्र देवी, शोभा सह, बिश्नोती देवी
- दीपक गुप्ता, शुभम तिवारी, अंकित साहू
- हिमांशु पासवान, समीर पाल, संतोष सिंह
- वरुण प्रजापति
ये कार्यकर्ता अभियान की रीढ़ बने।
ज्ञापन की मुख्य मांगें Go माता के सम्मान हेतु
SDO को सौंपे ज्ञापन में:
- गौ माता को राष्ट्रीय माता घोषित करना।
- गौ संरक्षण के ठोस कदम।
- गौहत्या रोकथाम।
- गोशाला मजबूतीकरण।
ये मांगें राष्ट्रपति, PM, राज्यपाल, CM तक पहुंचेंगी। चाईबासा में गौशालाओं की स्थिति सुधार की जरूरत।
Go संरक्षण का महत्व आर्थिक-सांस्कृतिक दृष्टि
भारत में गौ माता हिंदू संस्कृति का प्रतीक है। गो सम्मान आह्वान अभियान जागरूकता फैला रहा। फायदे:
- आर्थिक: गोबर से बायोगैस, खाद।
- सांस्कृतिक: धार्मिक महत्व।
- पर्यावरण: मिट्टी संरक्षण।
- स्वास्थ्य: आयुर्वेदिक औषधियां।
झारखंड में स्ट्रे गौवंश समस्या। अभियान से गोशालाएं मजबूत होंगी।
अन्य स्थानों से तुलना
| स्थान | आयोजन | मांगें |
|---|---|---|
| चाईबासा | संकीर्तन रैली | राष्ट्रीय माता दर्जा |
| बीकानेर | सभा | गो सेवा मंत्रालय |
| नागौर | शोभायात्रा | गौहत्या प्रतिबंध |
| सीकर | प्रदर्शन | संरक्षण कानून |
यह तालिका अभियान की व्यापकता दिखाती।

मां कामधेनु सेवा समिति स्थानीय स्तर पर सक्रिय
चाईबासा की यह समिति Go सेवा में अग्रणी। कमला देवी, प्रेमा शर्मा ने कई गौशाला कार्यक्रम चलाए। रैली उनकी मेहनत का फल। महिलाओं का नेतृत्व प्रेरक।
आगे की योजना निरंतर अभियान
27 जुलाई 2026 को दूसरा गो सम्मान दिवस। चाईबासा में और रैलियां, गौशाला विकास। सभी वर्ग जुटें।
चाईबासा की भव्य संकीर्तन रैली Go सम्मान आह्वान अभियान को मजबूत बनाएगी। कमला देवी, सर्वेश प्रसाद जैसे कार्यकर्ताओं का योगदान laudable। गौ माता का सम्मान सबका कर्तव्य। अभियान जारी रहे, गौशालाएं फुलें!














