जमशेदपुर; उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में कार्यालय कक्ष में जमशेदपुर-पीएनडीटी से संबंधित विभिन्न विषयों पर समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ0 साहिर पाल सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं समिति सदस्य उपस्थित रहे।
PC पीएनडीटी बैठक में चिकित्सकों के नाम जोड़ने के प्रस्ताव, नवीकरण पंजीकरण, स्थान परिवर्तन, पंजीकरण समर्पण एवं मशीन विक्रय, नई मशीन/बाय बैक इंस्टॉलेशन, मशीन ट्रांसफर, नए पंजीकरण एवं न्यायालय वाद पर चर्चा की गई।
PC पीएनडीटी बैठक में समिति द्वारा छह केंद्र को नवीनीकरण, तीन केंद्र को चिकित्सक संबद्ध करने, एक केंद्र को जगह परिवर्तन, एक केंद्र को अनुरोध पर रजिस्ट्रेशन निरस्त करने, चार केंद्र को नई मशीन लगाने, एक केंद्र को मशीन स्थानांतरण, दो केंद्र को नया रजिस्ट्रेशन प्रदान एवं एक कोर्ट केस में कोर्ट के निर्णयानुसार केंद्र को खोलने को स्वकृति प्रदान की गई।

उपायुक्त ने सभी मामलों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि
PC-पीएनडीटी अधिनियम का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन एवं सभी प्रस्तावों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप निष्पादित करने के निर्देश भी दिए गए।
PC-पीएनडीटी बैठक के दौरान संबंधित पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित निरीक्षण करने, रिकॉर्ड संधारण को अद्यतन रखने तथा कानून के प्रावधानों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का निर्देश दिया गया।

श्री कर्ण सत्यार्थी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि PC-पीएनडीटी अधिनियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम समाज में कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियों को रोकने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए सभी संस्थानों एवं चिकित्सा केंद्रों को इसके प्रावधानों का पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ अनुपालन करना अनिवार्य है। उपायुक्त ने लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सभी प्रस्तावों को निर्धारित प्रक्रिया एवं नियमों के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बनी रहे। साथ ही उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित निरीक्षण करने, सभी अभिलेखों एवं रिकॉर्ड को अद्यतन रखने तथा आमजन के बीच कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए, जिससे इस अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके और समाज में सकारात्मक संदेश प्रसारित हो।







