
जमशेदपुर: आगामी मॉनसून और बरसात के मौसम को देखते हुए पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। DM संभावित जलजमाव पेयजल आपूर्ति सफाई व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को लेकर जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में जिले के सभी नगर निकायों के पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बरसात के दौरान आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए।

उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि वर्षा ऋतु में छोटी-सी लापरवाही भी बड़े संकट का कारण बन सकती है। इसलिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दें और सभी व्यवस्थाएं पहले से दुरुस्त कर लें।
साफ-सफाई और जल निकासी व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
बैठक में DM ने नगर निकायों को शहर की साफ-सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में नालियों की नियमित सफाई और जल निकासी व्यवस्था बेहतर होना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी प्रमुख नालों और ड्रेनेज सिस्टम की समय-समय पर सफाई सुनिश्चित की जाए ताकि बारिश के दौरान पानी का बहाव बाधित न हो और जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो। जहां भी अवरोध की संभावना हो, वहां पहले से आवश्यक कार्रवाई कर ली जाए।
पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की जांच और मरम्मत के निर्देश
बैठक में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की भी विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी नगर निकायों को निर्देश दिया कि जलापूर्ति तंत्र की जांच कर आवश्यक मरम्मत एवं रखरखाव कार्य शीघ्र पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने या जलापूर्ति बाधित होने की संभावना रहती है। इसलिए सभी संबंधित एजेंसियां पहले से तैयारी कर लें, ताकि नागरिकों को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी रह सके।
जलजमाव वाले क्षेत्रों की हुई विशेष समीक्षा
बैठक में पिछले तीन वर्षों के दौरान जिले के जलजमाव प्रभावित क्षेत्रों की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि जिन इलाकों में हर वर्ष बारिश के दौरान जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है, वहां प्राथमिकता के आधार पर स्थायी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे क्षेत्रों की सूची तैयार कर आवश्यक तकनीकी उपाय अपनाए जाएं, जिससे भविष्य में जलजमाव की समस्या को कम किया जा सके। साथ ही बारिश शुरू होने से पहले सभी संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण भी किया जाए।
प्रत्येक नगर निकाय में बनेगी क्विक रिस्पॉन्स टीम
DM राजीव रंजन ने सभी नगर निकायों को निर्देश दिया कि बरसात के मौसम में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) का गठन किया जाए।
उन्होंने कहा कि भारी वर्षा, जलभराव, पेड़ गिरने, सड़क अवरुद्ध होने या अन्य आपात स्थितियों में यह टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य करेगी। इससे नागरिकों को त्वरित सहायता मिल सकेगी और किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सकेगा।
आम नागरिकों के लिए जारी होगा टोल फ्री नंबर
बैठक में उपायुक्त ने सभी नगर निकायों को निर्देश दिया कि आम लोगों की शिकायतों और आपातकालीन सूचनाओं के त्वरित समाधान के लिए टोल फ्री नंबर जारी किया जाए और उसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
उन्होंने कहा कि नागरिकों को ऐसी व्यवस्था उपलब्ध होनी चाहिए, जहां वे जलभराव, पेयजल समस्या, नाली जाम, सड़क क्षति या अन्य समस्याओं की तत्काल सूचना दे सकें। शिकायत मिलने पर संबंधित विभागों द्वारा त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
स्वर्णरेखा और खरकई नदी के तटीय क्षेत्रों पर विशेष नजर
DM ने बैठक में स्वर्णरेखा और खरकई नदी के तटीय क्षेत्रों की विशेष समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भारी वर्षा के दौरान इन क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने और जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना रहती है।
ऐसी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन को पहले से तैयारी रखने की आवश्यकता है, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
सुरक्षित आश्रय स्थलों की होगी पूर्व तैयारी
संभावित बाढ़ अथवा जलभराव की स्थिति को देखते हुए DM ने निर्देश दिया कि सामुदायिक भवनों, सरकारी विद्यालयों तथा अन्य सरकारी भवनों को पहले से चिन्हित कर सुरक्षित आश्रय स्थल के रूप में तैयार रखा जाए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में लोगों को घर खाली करना पड़े तो उन्हें तत्काल सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित होनी चाहिए। इसके लिए आवश्यक पेयजल, बिजली, शौचालय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी तैयारी करने को कहा गया।
सभी विभागों के बीच समन्वय से होगी तैयारी
बैठक में DM ने नगर निकायों, जुस्को तथा अन्य संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान किसी भी समस्या का समाधान तभी संभव होगा जब सभी विभाग आपसी सहयोग और त्वरित समन्वय के साथ कार्य करें।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी आवश्यक संसाधनों और मशीनों को पहले से तैयार रखा जाए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका तुरंत उपयोग किया जा सके।
नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता
DM राजीव रंजन ने कहा कि जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता आम नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना है। बरसात के मौसम में जलभराव, गंदगी, पेयजल संकट और अन्य समस्याओं से बचाव के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार रहेगा।
उन्होंने सभी नगर निकायों को निर्देश दिया कि किसी भी शिकायत का त्वरित समाधान किया जाए और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी न होने दी जाए। साथ ही अधिकारियों को नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में अपर उपायुक्त, मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त, जेएनएसी के उप नगर आयुक्त, चाकुलिया नगर पंचायत एवं जुगसलाई नगर परिषद के पदाधिकारी, जुस्को के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सभी ने मॉनसून पूर्व तैयारियों को समय पर पूरा करने और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई।









































