
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में राष्ट्रीय Food सुरक्षा अधिनियम एवं झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। इसी क्रम में समाहरणालय सभागार में जिला आपूर्ति विभाग की मासिक समीक्षात्मक बैठक उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में खाद्यान्न वितरण प्रणाली की वर्तमान स्थिति, लंबित मामलों, लाभुक सत्यापन, शिकायतों के निष्पादन तथा विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचे। इसके लिए सभी लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए तथा वितरण व्यवस्था को और अधिक जवाबदेह एवं लाभुक केंद्रित बनाया जाए।
लंबित राशन कार्ड मामलों का इस माह के भीतर करें निष्पादन
बैठक के दौरान राशन कार्ड मैनेजमेंट सिस्टम के अंतर्गत लंबित मामलों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि 2273 लंबित राशन कार्ड मामलों, 869 निष्क्रिय राशन कार्डों तथा 3834 डुप्लीकेट लाभुकों से जुड़े मामलों का इस माह के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि लाभुक सत्यापन एवं डाटा शुद्धिकरण अभियान को गंभीरता से लिया जाए, ताकि अपात्र लोगों को हटाकर वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ दिया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई करते हुए पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने का निर्देश दिया।
लंबे समय से राशन नहीं लेने वालों की होगी पहचान
उपायुक्त राजीव रंजन ने बैठक में कहा कि ऐसे लाभुकों की पहचान की जाए जो लंबे समय से जन वितरण प्रणाली के तहत राशन नहीं उठा रहे हैं। ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए पात्रता की जांच की जाए।
उन्होंने कहा कि कई बार अपात्र लोग राशन कार्ड का लाभ लेते रहते हैं, जबकि वास्तविक जरूरतमंद लोग योजना से वंचित रह जाते हैं। इसलिए नियमित सत्यापन और डाटा अपडेट करने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जाना आवश्यक है।
पीवीटीजी परिवारों के लिए डाकिया योजना की हुई समीक्षा
बैठक में विशेष रूप से पीवीटीजी (विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह) परिवारों के लिए संचालित डाकिया योजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने जानकारी दी कि जिले के सभी प्रखंडों में योजना के तहत खाद्यान्न आपूर्ति संतोषजनक ढंग से संचालित हो रही है।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि किसी भी पात्र लाभुक को खाद्यान्न प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी करने और आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
राशन वितरण में गड़बड़ी पर होगी सख्त कार्रवाई
उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी अथवा जिम्मेदार व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए खाद्यान्न वितरण अत्यंत संवेदनशील विषय है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना होगा।
लंबित शिकायतों के समयबद्ध समाधान पर दिया गया जोर
बैठक में पीजीएमएस पोर्टल एवं ईआरसीएमएस के अंतर्गत लंबित शिकायतों और आवेदनों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी शिकायतों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए और किसी भी आवेदन को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
उन्होंने कहा कि जन वितरण प्रणाली से जुड़ी शिकायतों का त्वरित समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। यदि लाभुकों को समय पर समाधान मिलेगा तो व्यवस्था के प्रति उनका विश्वास भी मजबूत होगा।
जन वितरण दुकानों का होगा नियमित औचक निरीक्षण
बैठक में उपायुक्त ने जिले की सभी जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों का नियमित औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान राशन वितरण, स्टॉक रजिस्टर, लाभुक सूची तथा अन्य आवश्यक अभिलेखों की जांच की जाए ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निरीक्षण रिपोर्ट नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए और जहां भी अनियमितता मिले वहां तत्काल कार्रवाई की जाए।
Food भंडारण और आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश
उपायुक्त ने खाद्यान्न भंडारण एवं आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि गोदामों में खाद्यान्न का सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित किया जाए तथा समय पर उचित मूल्य की दुकानों तक खाद्यान्न की आपूर्ति की जाए।
उन्होंने परिवहन व्यवस्था में सुधार लाने तथा खाद्यान्न आपूर्ति में किसी भी प्रकार की देरी को समाप्त करने के निर्देश दिए ताकि लाभुकों को निर्धारित समय पर राशन उपलब्ध हो सके।
लंबित गोदाम मरम्मत कार्य जल्द पूरा करने के निर्देश
बैठक के दौरान जिले में लंबित गोदाम मरम्मतीकरण कार्यों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सभी लंबित मरम्मत कार्यों को शीघ्र पूरा किया जाए ताकि खाद्यान्न भंडारण में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।
उन्होंने कहा कि मजबूत भंडारण व्यवस्था खाद्य सुरक्षा प्रणाली की सफलता के लिए अत्यंत आवश्यक है और इस दिशा में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
पारदर्शी व्यवस्था से मिलेगा पात्र लाभुकों को समय पर लाभ
उपायुक्त राजीव रंजन ने बैठक में कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य Food सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समय पर पहुंचाना है। इसके लिए तकनीकी सुधार, नियमित निगरानी, शिकायतों का त्वरित समाधान और लाभुक सत्यापन की प्रक्रिया को मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें ताकि जिले में खाद्यान्न वितरण व्यवस्था और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बन सके।
बैठक में एडीएम (एसओआर) राहुल जी आनंद, जिला आपूर्ति पदाधिकारी जुल्फीकार अंसारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, विपणन पदाधिकारी तथा संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।




































