
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में Society कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में आंगनबाड़ी सेवाओं, पोषण कार्यक्रमों, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना तथा विभिन्न आधारभूत सुविधाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में उपायुक्त ने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी लंबित कार्य पूरे करने तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि समाज कल्याण विभाग की योजनाएं महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी हैं, इसलिए इनमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
जून के अंतिम सप्ताह तक पूरी हो आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका की नियुक्ति
बैठक में जिले में रिक्त पड़े 42 आंगनबाड़ी सेविका तथा 55 सहायिका पदों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश देते हुए कहा कि संबंधित क्षेत्रों में आमसभा आयोजित कर जून माह के अंतिम सप्ताह तक सभी रिक्त पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त मानव संसाधन आवश्यक है। रिक्त पदों के कारण बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए।
जुलाई तक पूरे होंगे सभी निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्र
बैठक में जिले में निर्माणाधीन 17 आंगनबाड़ी केंद्रों की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने सभी कार्यकारी एजेंसियों को निर्देश दिया कि जुलाई माह के भीतर निर्माण कार्य हर हाल में पूरा कर लिया जाए।
उन्होंने कहा कि नए भवन बनने से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा पोषण एवं शिक्षा संबंधी गतिविधियों का संचालन और प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।
महिला पर्यवेक्षिकाओं को नियमित निरीक्षण का निर्देश
उपायुक्त ने नव नियुक्त महिला पर्यवेक्षिकाओं को सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने और निरीक्षण प्रतिवेदन समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नियमित मॉनिटरिंग से योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी और किसी भी प्रकार की कमी को समय रहते दूर किया जा सकेगा।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निरीक्षण के दौरान केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति, पोषण आहार वितरण, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाओं का विशेष रूप से मूल्यांकन किया जाए।
पेयजल, शौचालय और बिजली जैसी सुविधाएं जल्द हों पूरी
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता को लंबित शौचालय निर्माण एवं नल-जल योजनाओं का कार्य जून माह के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया।
इसके साथ ही सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में विद्युत कनेक्शन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सूची जिला कार्यालय एवं विद्युत विभाग को उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि सभी केंद्रों में बिजली की सुविधा उपलब्ध हो सके।
जियो-टैग फोटो सर्वेक्षण में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में जियो-टैग फोटो सर्वेक्षण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सर्वेक्षण कार्य के दौरान नियमित रूप से फोटो साझा किए जाएं तथा पोषण गतिविधियों के संचालन के लिए खाली पड़े सरकारी भवनों की पहचान कर उनका उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि तकनीकी माध्यमों के उपयोग से योजनाओं की निगरानी अधिक प्रभावी होगी और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का प्रतिदिन शत-प्रतिशत संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन नियमित रूप से संचालित हों और किसी भी केंद्र में कार्य बाधित न हो। उन्होंने पोषण ट्रैकर एप पर सभी गतिविधियों की नियमित और समयबद्ध प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि डिजिटल मॉनिटरिंग व्यवस्था को मजबूत बनाकर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जा सकता है।
खराब प्रदर्शन पर सीडीपीओ का वेतन स्थगित करने का निर्देश
बैठक में फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) के प्रदर्शन की समीक्षा के दौरान धालभूमगढ़, बहरागोड़ा और पटमदा प्रखंडों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया। इस पर उपायुक्त ने संबंधित सीडीपीओ का वेतन स्थगित करने का निर्देश दिया।
साथ ही सभी प्रखंडों को अगले 15 दिनों के भीतर 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने का निर्देश देते हुए कहा कि कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कुपोषित बच्चों की पहचान और उपचार में नहीं हो लापरवाही
उपायुक्त ने कुपोषण उपचार केंद्रों (एमटीसी) की समीक्षा करते हुए वहां शत-प्रतिशत ऑक्यूपेंसी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिले में कुपोषित बच्चों की पहचान और उनके उपचार में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें तत्काल उपचार केंद्रों तक पहुंचाया जाए ताकि उनका समय पर इलाज हो सके।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में कम प्रगति पर जताई नाराजगी
बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा के दौरान कई प्रखंडों में कम उपलब्धि पर उपायुक्त ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना के सभी पात्र लाभुकों को चिन्हित कर उन्हें योजना से आच्छादित किया जाए।
उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ किसी भी पात्र महिला से छूटना नहीं चाहिए।
लंबित मामलों के निष्पादन के लिए चलेगा विशेष अभियान
उपायुक्त ने सभी सीडीपीओ एवं महिला पर्यवेक्षिकाओं को निर्देश दिया कि लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए विशेष अभियान चलाया जाए और सभी लंबित प्रकरणों को जल्द समाप्त किया जाए।
उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग की योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार लाना है, इसलिए सभी अधिकारी पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।
योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर प्रशासन का विशेष फोकस
बैठक के अंत में उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि आंगनबाड़ी सेवाएं, पोषण कार्यक्रम और मातृ एवं शिशु कल्याण योजनाएं समाज के सबसे महत्वपूर्ण वर्ग से जुड़ी हैं। इनके प्रभावी संचालन से ही स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण संभव है।
उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि आपसी समन्वय के साथ सभी योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि जिले के प्रत्येक पात्र लाभुक को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।




































