चाईबासा: Project Pran पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक सेवाओं को और अधिक सशक्त एवं नागरिक-अनुकूल बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मनीष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार की उपस्थिति में चक्रधरपुर प्रखंड के नकटी एवं आसनतलिया पंचायत सचिवालयों का संयुक्त निरीक्षण किया। यह निरीक्षण प्रोजेक्ट प्राण के तहत 15वें वित्त आयोग मद से संचालित पंचायत सचिवालय सुदृढ़ीकरण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता एवं उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा के उद्देश्य से किया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पंचायत सचिवालयों में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी एजेंसियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
Project Pran के तहत हो रहा पंचायत सचिवालयों का आधुनिकीकरण
पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट प्राण का उद्देश्य पंचायत सचिवालयों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर ग्रामीण प्रशासन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनकेंद्रित बनाना है।
इस परियोजना के तहत पंचायत सचिवालयों में आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जा रहा है ताकि ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध कराया जा सके।
नकटी और आसनतलिया पंचायत सचिवालयों का हुआ संयुक्त निरीक्षण
उपायुक्त मनीष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने चक्रधरपुर प्रखंड के नकटी और आसनतलिया पंचायत सचिवालयों का संयुक्त रूप से निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, उपलब्ध संसाधनों तथा नागरिकों को दी जा रही सेवाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली और शेष कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

आधारभूत सुविधाओं की हुई विस्तृत समीक्षा
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने पंचायत सचिवालयों में उपलब्ध विभिन्न सुविधाओं का विस्तार से निरीक्षण किया।
इनमें प्रमुख रूप से
- कार्यालय कक्षों की व्यवस्था,
- अभिलेखों का संधारण,
- विद्युत आपूर्ति,
- पेयजल सुविधा,
- स्वच्छता व्यवस्था,
- नागरिकों के बैठने की व्यवस्था,
- डिजिटल सेवाओं का संचालन,
- सूचना पट्ट एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं
शामिल थीं।
अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि प्रत्येक पंचायत सचिवालय ग्रामीणों के लिए एक पूर्णतः कार्यशील सेवा केंद्र के रूप में विकसित हो।
पंचायत सचिवालयों को बनाया जाएगा आधुनिक सेवा केंद्र
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि पंचायत सचिवालय केवल प्रशासनिक भवन नहीं हैं, बल्कि ग्रामीणों के लिए सरकारी सेवाओं का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंचायत सचिवालयों को इस प्रकार विकसित किया जाए कि ग्रामीणों को विभिन्न प्रमाण-पत्र, योजनाओं की जानकारी, आवेदन प्रक्रिया तथा अन्य प्रशासनिक सेवाओं के लिए बार-बार प्रखंड या जिला मुख्यालय का चक्कर न लगाना पड़े।
गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि—
- सभी निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप हों।
- सामग्री की गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए।
- कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं।
- निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर गुणवत्ता में कमी पाई गई तो संबंधित एजेंसी के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीण प्रशासन को बनाया जाएगा अधिक प्रभावी
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि प्रोजेक्ट प्राण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण प्रशासन को अधिक प्रभावी, उत्तरदायी और पारदर्शी बनाना है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित पंचायत सचिवालयों के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंचेगा और सेवा वितरण व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षित सेवा केंद्र विकसित करने पर दिया जोर
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने भी पंचायत सचिवालयों की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि पंचायत सचिवालयों को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं सुगम सार्वजनिक सेवा केंद्र के रूप में विकसित करना आवश्यक है।
बेहतर आधारभूत संरचना उपलब्ध होने से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही विभिन्न प्रशासनिक सेवाएं प्राप्त होंगी, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी तथा समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा।
उप विकास आयुक्त ने दिए आवश्यक निर्देश
उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार ने संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी एजेंसियों को निर्देश दिया कि—
- सभी सुविधाओं का नियमित रखरखाव सुनिश्चित करें।
- अधूरे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें।
- पंचायत सचिवालयों को पूरी तरह कार्यात्मक बनाया जाए।
- नागरिक सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी न रहने दी जाए।
उन्होंने कहा कि पंचायत सचिवालय ग्रामीण विकास योजनाओं के सफल क्रियान्वयन का प्रमुख आधार हैं।
तकनीकी एवं प्रशासनिक दिशा-निर्देश भी दिए गए
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक दिशा-निर्देश भी दिए।
उन्होंने कार्यदायी एजेंसियों को समय-समय पर गुणवत्ता परीक्षण कराने तथा सभी कार्यों का नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
इसके साथ ही विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया।
ग्रामीणों को मिलेगा सीधा लाभ
प्रोजेक्ट प्राण के तहत पंचायत सचिवालयों के सुदृढ़ीकरण से ग्रामीणों को अनेक सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
इनमें प्रमुख रूप से
- सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी।
- प्रमाण-पत्र एवं अन्य प्रशासनिक सेवाएं पंचायत स्तर पर मिल सकेंगी।
- डिजिटल सेवाओं का विस्तार होगा।
- नागरिकों को जिला एवं प्रखंड कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
- ग्रामीण प्रशासन अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगा।
जिला प्रशासन की प्राथमिकता
जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी पंचायत सचिवालयों को आधुनिक, डिजिटल और नागरिक-अनुकूल बनाया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सुशासन को और अधिक मजबूत किया जा सके।
प्रशासन का मानना है कि मजबूत पंचायत सचिवालय ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी संचालन की आधारशिला हैं और इनके माध्यम से सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक आसानी से पहुंचाया जा सकता है।
चक्रधरपुर प्रखंड के नकटी एवं आसनतलिया पंचायत सचिवालयों का उपायुक्त मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अमित रेणु एवं उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार द्वारा किया गया संयुक्त निरीक्षण ग्रामीण प्रशासन को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। निरीक्षण के दौरान आधारभूत सुविधाओं, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सेवा वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रोजेक्ट प्राण के माध्यम से पंचायत सचिवालयों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित कर ग्रामीणों के लिए प्रभावी, पारदर्शी और जनहितकारी सेवा केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन लगातार कार्य कर रहा है।




















