जमशेदपुर: भारतीय गैर सरकारी शिक्षक संघ सह समाजसेवी संस्था IPTA की 437वीं राष्ट्रीय बैठक रविवार, 19 जुलाई 2026 को गूगल मीट के माध्यम से सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इस ऑनलाइन बैठक में बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों के सैकड़ों पदाधिकारी एवं सक्रिय सदस्य जुड़े। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन के विस्तार, नई कार्ययोजना, जिला स्तरीय संगठन को मजबूत बनाने तथा समाज सेवा एवं शिक्षा के क्षेत्र में संगठन की भूमिका को और प्रभावी बनाना रहा।
बैठक के दौरान सभी पदाधिकारियों ने संगठन की विचारधारा, उद्देश्यों तथा भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। वक्ताओं ने अपने-अपने अनुभव साझा करते हुए संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
संगठन विस्तार को बनाया गया प्रमुख एजेंडा
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण विषय IPTA के विस्तारीकरण पर केंद्रित रहा। संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और जनसेवा के क्षेत्र में गैर सरकारी संगठनों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में IPTA को गांव, पंचायत, प्रखंड, जिला और राज्य स्तर तक मजबूत संगठनात्मक ढांचा तैयार करना होगा।
बैठक में निर्णय लिया गया कि अधिक से अधिक शिक्षकों, समाजसेवियों, युवाओं और जागरूक नागरिकों को संगठन से जोड़कर जनहित के कार्यों को गति दी जाएगी। इसके लिए सभी राज्यों के पदाधिकारियों को सदस्यता अभियान चलाने तथा स्थानीय स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित करने का दायित्व सौंपा गया।
जिला स्तर पर नई समितियों के गठन पर बनी सहमति
बैठक के दौरान जिला स्तर पर संगठन को और मजबूत बनाने के लिए नई समितियों के गठन पर भी चर्चा हुई। सभी जिला अध्यक्षों से अपने-अपने जिलों में सक्रिय टीम तैयार करने तथा संगठन की गतिविधियों को गांवों तक पहुंचाने का आग्रह किया गया।
पदाधिकारियों ने कहा कि मजबूत जिला संगठन ही राष्ट्रीय संगठन की सबसे बड़ी ताकत होता है। इसलिए प्रत्येक जिले में सक्रिय कार्यकारिणी, नियमित बैठकें और जनसंपर्क अभियान चलाए जाएंगे, जिससे संगठन की पहुंच अधिक से अधिक लोगों तक हो सके।
राष्ट्रीय नेतृत्व ने संगठन की भावी रणनीति रखी
बैठक में राष्ट्रीय समन्वयक लोकेश कुमार झा ने संगठन के विस्तार की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि IPTA का उद्देश्य केवल शिक्षकों को एक मंच पर लाना ही नहीं, बल्कि शिक्षा, सामाजिक न्याय, जनजागरूकता और समाज सेवा के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाना भी है।
उन्होंने सभी राज्यों के पदाधिकारियों से संगठन के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने और अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयास और अनुशासन के बल पर IPTA आने वाले समय में देश के प्रमुख सामाजिक संगठनों में अपनी अलग पहचान बनाएगा।
विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने रखे अपने विचार
बैठक में बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से जुड़े पदाधिकारियों ने संगठन की गतिविधियों पर अपने विचार रखे। बिहार की ओर से सुभाष चंद्र झा और प्रदेश उपाध्यक्ष नीतीश कुमार ने संगठन की मजबूती पर अपने सुझाव दिए। वहीं झारखंड से जुड़े पदाधिकारियों ने राज्य स्तर पर चल रही गतिविधियों की जानकारी साझा की।
वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा, सामाजिक सेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में IPTA लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। आने वाले समय में संगठन की गतिविधियों को और व्यापक बनाया जाएगा।
बैठक का संचालन एवं प्रमुख पदाधिकारियों की भूमिका
बैठक का संचालन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रंजीत श्रीवास्तव ने किया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए बैठक के एजेंडे को विस्तार से रखा तथा सभी वक्ताओं को अपने विचार रखने का अवसर प्रदान किया।
बैठक में डॉ. मनीष कुमार, अशोक प्रसाद, प्रवीण झा, देव प्रकाश, सुमित मिश्रा, कन्हैया कुमार, डोली प्रधान, अखिलेश कुमार, संजीव सिंह, मुरारी कुमार, रवि शंकर चौधरी, रमेश शर्मा, करण कुमार, सृष्टि कुमारी, आशुतोष कुमार, राजकुमार, एम.डी. नौशाद आलम, रीना शाह, नित्यानंद उपाध्याय, कमलेश कुमार, कुमकुम श्रीवास्तव, आर.बी. निराला सहित अनेक पदाधिकारी सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।
सभी ने संगठन की मजबूती और सामाजिक दायित्वों को आगे बढ़ाने के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ेगी सक्रियता
बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि IPTA केवल एक शिक्षक संगठन नहीं बल्कि समाज सेवा के क्षेत्र में भी सक्रिय भूमिका निभाने वाला संगठन है। भविष्य में शिक्षा जागरूकता अभियान, सामाजिक सहयोग कार्यक्रम, युवा नेतृत्व विकास, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता तथा जरूरतमंद लोगों की सहायता जैसे कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाएगी।
पदाधिकारियों ने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंच बनाकर संगठन जनहित के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाएगा। इसके लिए डिजिटल माध्यमों के साथ-साथ जमीनी स्तर पर भी लगातार अभियान चलाए जाएंगे।
संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाने का संकल्प
बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों ने संगठन की एकता, अनुशासन और सक्रियता बनाए रखने का संकल्प लिया। सभी राज्यों के प्रतिनिधियों ने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों के माध्यम से IPTA आने वाले समय में शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि समय-समय पर ऑनलाइन एवं ऑफलाइन बैठकों का आयोजन किया जाएगा ताकि संगठन की गतिविधियों की समीक्षा होती रहे और नई योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
गूगल मीट के माध्यम से आयोजित IPTA की 437वीं राष्ट्रीय बैठक संगठन के विस्तार, जिला स्तरीय ढांचे को मजबूत बनाने और शिक्षा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में नई दिशा तय करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण रही। राष्ट्रीय नेतृत्व से लेकर जिला स्तर तक के पदाधिकारियों ने एकजुट होकर संगठन को मजबूत बनाने, सदस्यता अभियान तेज करने तथा जनहित के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। बैठक से यह स्पष्ट संदेश गया कि IPTA आने वाले समय में देशभर में अपने संगठनात्मक विस्तार और सामाजिक सरोकारों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।
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