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Death Threat: केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को जान से मारने की धमकी: सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

On: March 20, 2026 5:12 PM
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अज्ञात कॉल से मचा हड़कंप, मामला बना “सीरियस सिक्योरिटी ब्रीच”

Death Threat | New Delhi

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केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोकदल (RLD) प्रमुख जयंत चौधरी को 18 मार्च 2026 की सुबह मिली जान से मारने की धमकी ने राजनीतिक और सुरक्षा तंत्र में हड़कंप मचा दिया है। घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद मामला अभी भी जांच के दायरे में है और सुरक्षा एजेंसियां इसे बेहद गंभीरता से ले रही हैं।

धमकी मिलने के तुरंत बाद जहां एक ओर पुलिस ने जांच शुरू की, वहीं दूसरी ओर जयंत चौधरी की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस मामले को “सीरियस सिक्योरिटी ब्रीच” मानते हुए बहुस्तरीय जांच की जा रही है।

निजी सहायक को मिला कॉल और व्हाट्सऐप मैसेज

इस पूरे मामले की शुरुआत एक अज्ञात नंबर से आए कॉल और व्हाट्सऐप मैसेज से हुई, जो सीधे जयंत चौधरी के निजी सहायक विश्वेन्द्र शाह तक पहुंचा।

मैसेज में न सिर्फ उन्हें गोली मारने की धमकी दी गई, बल्कि उनके आधिकारिक दौरों का जिक्र भी किया गया। “MP-5 गन” जैसे शब्दों के इस्तेमाल ने इस धमकी को और गंभीर बना दिया है। इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि आरोपी को उनके मूवमेंट की जानकारी थी।

तुगलक रोड थाने में शिकायत, सुरक्षा बढ़ाई गई

धमकी के बाद जयंत चौधरी की टीम ने तुरंत दिल्ली के तुगलक रोड थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं।

उनके आवास और दैनिक आवागमन की सुरक्षा को मजबूत किया गया है। साथ ही उनकी सुरक्षा व्यवस्था का पुनर्मूल्यांकन (रिव्यू) भी किया गया है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।

जांच की दिशा: नंबर ट्रेसिंग से लेकर डिजिटल एनालिसिस तक

फिलहाल पुलिस कॉल करने वाले नंबर की ट्रेसिंग, व्हाट्सऐप मैसेज की तकनीकी जांच और आरोपी की पहचान से जुड़े पहलुओं पर काम कर रही है।

अब तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है और न ही कोई औपचारिक चार्जशीट सामने आई है। हालांकि, जांच एजेंसियां हर एंगल से मामले को खंगाल रही हैं—चाहे वह व्यक्तिगत दुश्मनी हो, संगठित नेटवर्क या कोई अन्य कारण।

मोहम्मद इस्माइल पर संदेह, लेकिन पूरी तस्वीर अभी साफ नहीं

जांच के दौरान जिस नाम की पहचान सामने आई है, वह मोहम्मद इस्माइल का है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, वह पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले का रहने वाला बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि उसी नाम से जुड़े नंबर से धमकी भरे कॉल और मैसेज भेजे गए थे। हालांकि, अब तक उसके किसी राजनीतिक जुड़ाव, आपराधिक इतिहास या संगठन से संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस फिलहाल उसके मकसद, संभावित नेटवर्क और मानसिक स्थिति तक की जांच कर रही है।

रेकी की आशंका, कई सवाल अब भी बाकी

कुछ रिपोर्ट्स में यह भी संकेत मिला है कि आरोपी ने जयंत चौधरी के घर और दौरों से जुड़ी जानकारी जुटाई थी। हालांकि, इस पर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा था या किसी व्यक्ति विशेष की हरकत। जांच एजेंसियां इस पहलू को भी गंभीरता से देख रही हैं।

जांच जारी, सच्चाई का इंतजार

जयंत चौधरी को मिली धमकी का मामला अभी पूरी तरह खुला नहीं है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं और आरोपी तक पहुंचने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं।

अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में क्या खुलासा होता है और इस धमकी के पीछे की असली वजह क्या निकलकर सामने आती है।

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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