
जमशेदपुर/आदित्यपुर : श्रीनाथ कॉलेज ऑफ़ एजूकेशन में 22 एवं 23 मई 2026 को दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कॉलेज सभागार में आयोजित इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का विषय “रिइमेजिंग एजुकेशन फॉर विकसित भारत@2047 : स्ट्रैटेजिक इंप्लीकेशंस, इन्नोवेशंस एंड चैलेंजेस” रहा। सेमिनार में देश के विभिन्न राज्यों से आए शिक्षाविदों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने भाग लेकर शिक्षा, नवाचार और विकसित भारत की अवधारणा पर अपने विचार साझा किए।

सेमिनार के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में कोल्हान विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर डॉ. राजेंद्र भारती उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत के निर्माण की दिशा में शिक्षा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे समय में जब देश विकसित भारत@2047 के लक्ष्य की ओर अग्रसर है, तब शिक्षा व्यवस्था, रणनीतियों और चुनौतियों पर गंभीर मंथन आवश्यक हो जाता है। उन्होंने कहा कि एक मंच पर विभिन्न शिक्षाविदों के विचारों का आदान-प्रदान सकारात्मक परिणामों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सेमिनार के दूसरे एवं अंतिम दिन समापन सत्र में कोल्हान विश्वविद्यालय के सीबीसी डॉ. प्रभात कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए शिक्षा को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ना आवश्यक है। साथ ही शिक्षा में नवाचार और कौशल आधारित प्रणाली को बढ़ावा देना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की राह में आने वाली चुनौतियों को दूर करने के लिए युवाओं को स्किल्ड और आत्मनिर्भर बनाना होगा।
संस्था के चेयरमैन श्री सुखदेव महतो ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि किसी भी देश के विकास में शिक्षा, शोध और नवाचार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेमिनार जैसे आयोजन शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करते हैं। इस दौरान उन्होंने विश्वास जताया कि संगोष्ठी में प्रस्तुत शोध पत्र और विचार सभी प्रतिभागियों के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे।
राष्ट्रीय सेमिनार में देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए विशेषज्ञों ने रिसोर्स पर्सन के रूप में भाग लिया। इनमें जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से डॉ. विरांगोनी सिरसा, गुवाहाटी असम से डॉ. सुमना दास, एपीजे अब्दुल कलाम गवर्नमेंट कॉलेज से डॉ. पी. सुजाथा, ओसमानिया यूनिवर्सिटी से डॉ. चलामाला वेंकटेश्वरलू एवं डॉ. के. सरूजना, डीबीएमएस कॉलेज ऑफ एजूकेशन की प्रिंसिपल डॉ. जूही समर्पिता, रंभा कॉलेज ऑफ एजूकेशन गीतिलता की प्राचार्या डॉ. कल्याणी कबीर, कोल्हान विश्वविद्यालय पीजी डिपार्टमेंट ऑफ एजूकेशन के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मनोज कुमार एवं डॉ. सुचित्रा बेहरा, करीम सिटी कॉलेज शिक्षा संकाय की विभागाध्यक्ष डॉ. सुचित्रा भुईया एवं डॉ. संध्या सिन्हा तथा जमशेदपुर वूमेन्स यूनिवर्सिटी से डॉ. संजय भुईया शामिल रहे।
सेमिनार में शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने भी अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किए। वहीं जेकेएम कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट साइंस एंड कॉमर्स के प्रिंसिपल डॉ. आर. श्रीकांथन नायर राष्ट्रीय संगोष्ठी के कीनोट स्पीकर रहे।
आयोजन समिति में श्रीनाथ कॉलेज ऑफ एजूकेशन की प्राचार्या डॉ. मौसुमी महतो, आईक्यूएसी सेल इंचार्ज सहायक प्राध्यापक श्रीमती लीना महंता, श्री विनय सिंह शांडिल्य, श्रीमती रचना रश्मि, श्री सुधांशु शेखर महतो, श्री सूर्यजीत सिंह, श्रीमती चंचला कुमारी महतो, श्री गणेश महतो, श्रीमती जयश्री सिंह, श्रीमती रेखा कुमारी गोप, श्रीमती बीना महतो एवं श्रीमती मधु शर्मा सहित अन्य सदस्यों का उल्लेखनीय योगदान रहा।
सेमिनार के समापन अवसर पर सभी शोध-पत्र प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।











































