- धर्मपत्नी सुधा गुप्ता के साथ विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान भोलेनाथ से प्रदेशवासियों के उज्ज्वल भविष्य की प्रार्थना, श्रद्धालुओं के बीच हुआ प्रसाद वितरण
जमशेदपुर, 10 अगस्त 2026: पवित्र श्रावण मास की दूसरी सोमवारी के अवसर पर सोमवार को पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता बन्ना गुप्ता ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती सुधा गुप्ता के साथ भगवान भोलेनाथ की विधिवत पूजा-अर्चना एवं रुद्राभिषेक किया। कदमा स्थित उनके आवासीय कार्यालय के समीप आयोजित विशेष रुद्राभिषेक एवं प्रसाद वितरण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता एवं शहर के गणमान्य लोग शामिल हुए।
श्रावण मास की दूसरी सोमवारी को लेकर सुबह से ही कार्यक्रम स्थल पर धार्मिक वातावरण बना रहा। वैदिक मंत्रोच्चार और भगवान शिव के जयघोष के बीच बन्ना गुप्ता एवं उनकी धर्मपत्नी सुधा गुप्ता ने भगवान भोलेनाथ का विधिपूर्वक पूजन किया। इसके बाद भगवान शिव का रुद्राभिषेक संपन्न कराया गया। पूजा-अर्चना के दौरान प्रदेश एवं प्रदेशवासियों की सुख-शांति, खुशहाली, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रार्थना की गई।


रुद्राभिषेक के उपरांत पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि श्रावण का पावन महीना भगवान शिव की आराधना, आस्था और भक्ति का प्रतीक है। इस पवित्र माह में भगवान भोलेनाथ की पूजा करने से मन को आध्यात्मिक शांति मिलती है। उन्होंने कहा कि उनकी कामना है कि भगवान शिव की कृपा झारखंड के प्रत्येक परिवार पर बनी रहे और प्रदेश में सुख, शांति एवं समृद्धि का वातावरण कायम हो।
उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ सभी लोगों के जीवन में खुशहाली लाएं और हर परिवार स्वस्थ, सुरक्षित एवं समृद्ध रहे, यही उनकी प्रार्थना है। उन्होंने झारखंड के विकास, सामाजिक सौहार्द और प्रदेशवासियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी भगवान शिव से आशीर्वाद मांगा।
श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया गया प्रसाद
रुद्राभिषेक एवं पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं और कार्यक्रम में उपस्थित लोगों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने कार्यक्रम में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

कई प्रमुख लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त राजीव रंजन, मानगो नगर निगम के उप नगर आयुक्त जितेंद्र यादव, महंत विद्यानंद सरस्वती, कुणाल षाड़ंगी, सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष मानव केडिया, शिव शंकर सिंह, सरदार शैलेंद्र सिंह, आस्तिक महतो, मस्तान सिंह, खगन चंद महतो, अनिल नरेड़ी, विजय खां, आर. रवि प्रसाद, अशोक अग्रवाल, लाल चंद्र अग्रवाल, निर्मल काबरा, अशोक मोदी, विजय अग्रवाल, राकेशेश्वर पांडेय, सुरेश संथालिया, बॉबी सिंह, अशोक चौधरी, महेंद्र मिश्रा, फकीरचंद अग्रवाल, एलबी सिंह, राजू गिरि, अजय सिंह, आरके सिंह, पुरंदर नारायण सिंह, देबू चटर्जी, नकुल तिवारी, अवधेश सिंह, दीपू सिंह, राहुल कश्यप, अविनाश सिंह राजा, परितोष सिंह, मनोज झा, बबुआ झा, प्रभात ठाकुर, श्याम किनकर झा, जयप्रकाश साहू, मनोज भगत, अमित प्रसाद, राजू दास, अभिषेक मोहंती, सुनील गुप्ता, बबन शुक्ला, दीपक यादव, रवि दुबे, राजेश गोराई सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
सरकारी पदाधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए जिनमें मुख्य रूप से डीडीसी जमशेदपुर, एडीसी जमशेदपुर, अपर नगर आयुक्त जमशेदपुर अशेष समिति, मानगो नगर निगम के अपर नगर आयुक्त जीतेन्द्र यादव, उप नगर आयुक्त बिजय वर्मा, डीएसपी मुख्यालय, डीएसपी लॉ एंड आर्डर, विभिन्न थाना के इंचार्ज समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारीगण उपस्थित हुए।
इसके अलावा मानगो नगर निगम के वार्ड पार्षदगण, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों से जुड़े लोग, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में भाग लिया।

आस्था और सामाजिक सहभागिता का दिखा संगम
श्रावण की दूसरी सोमवारी पर आयोजित इस कार्यक्रम में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सहभागिता भी देखने को मिली। सुबह से ही श्रद्धालुओं का कार्यक्रम स्थल पर पहुंचना शुरू हो गया था। पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक के दौरान वातावरण भक्तिमय बना रहा। लोगों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित श्रद्धालुओं एवं गणमान्य लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजकों की ओर से श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक उत्साह और भक्ति का माहौल बना रहा।
श्रावण मास में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है। इसी धार्मिक भावना के साथ आयोजित रुद्राभिषेक कार्यक्रम में झारखंड की खुशहाली और प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की गई। कार्यक्रम ने एक ओर जहां शिवभक्ति और आस्था का संदेश दिया, वहीं दूसरी ओर विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों की सहभागिता ने इसे सामुदायिक आयोजन का स्वरूप भी प्रदान किया।



















