अहमदाबाद: अहमदाबाद के हेबतपुर इलाके में एक Woman के साथ दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि सोसायटी में महज चार दिन पहले सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी पर आए एक व्यक्ति ने महिला को छत पर बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, पुलिस के अनुसार, वारदात से जुड़े सबूत जुटाने के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम से भागने की कोशिश की और एक पुलिसकर्मी की सर्विस पिस्तौल छीनने का प्रयास किया।
इस दौरान हुई झड़प में गोली चलने से एक कांस्टेबल घायल हो गया। जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी। घायल आरोपी और कांस्टेबल दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
चार दिन पहले सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी पर आया था आरोपी
पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान धरम सिंह के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के हरदोई का रहने वाला बताया जा रहा है।
बताया गया है कि धरम सिंह घटना से करीब चार दिन पहले ही संबंधित सोसायटी में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम करने आया था। इतनी कम अवधि में ही उस पर महिला के साथ गंभीर अपराध करने का आरोप लगा है।
पुलिस अब आरोपी के पुराने रिकॉर्ड और उसके अहमदाबाद आने से लेकर नौकरी मिलने तक की परिस्थितियों की भी जांच कर सकती है।
छत पर टहल रही महिला को बनाया निशाना
पुलिस के मुताबिक, शनिवार रात महिला सोसायटी की छत पर टहलने गई थी। आरोप है कि इसी दौरान सिक्योरिटी गार्ड धरम सिंह ने महिला को पकड़ लिया।
आरोप है कि उसने महिला का गला दबाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी ने छत का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और वहां से फरार हो गया।
घटना के बाद महिला ने पुलिस को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
महिला का मोबाइल भी चोरी होने का आरोप
मामले में महिला का मोबाइल फोन चोरी होने की बात भी सामने आई है। पुलिस आरोपी को इसी मोबाइल फोन की बरामदगी और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाने के लिए मौके पर लेकर गई थी।
इसी दौरान पुलिस के अनुसार आरोपी ने भागने की कोशिश की।
पुलिस की पिस्तौल छीनकर भागने की कोशिश
पुलिस के मुताबिक, रविवार देर रात आरोपी को घटना से जुड़े सबूत जुटाने के लिए हेबतपुर इलाके में ले जाया गया था। इसी दौरान उसने पुलिस टीम पर हमला करने की कोशिश की और एक इंस्पेक्टर की सर्विस पिस्तौल छीनने का प्रयास किया।
आरोपी और पुलिसकर्मियों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। इसी दौरान गोली चल गई, जो कांस्टेबल वीरेंद्र सिंह को लग गई।
कांस्टेबल के घायल होने के बाद पुलिस टीम ने आरोपी को रोकने के लिए जवाबी कार्रवाई की। इसमें आरोपी के पैर में गोली लगी।
घायल कांस्टेबल और आरोपी अस्पताल में भर्ती
गोली लगने के बाद आरोपी धरम सिंह और घायल कांस्टेबल वीरेंद्र सिंह को उपचार के लिए सोला सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस दोनों के उपचार के साथ-साथ पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि झड़प के दौरान गोली किस परिस्थिति में चली और घटना में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की क्या भूमिका रही।

सीसीटीवी फुटेज से आरोपी तक पहुंची पुलिस
महिला की शिकायत मिलने के बाद अहमदाबाद पुलिस और क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।
पुलिस को मिले फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपी की पहचान की गई और उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कथित रूप से वारदात के कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी को पकड़ लिया।
पुलिस पर हमले के आरोप में नया मामला
महिला से दुष्कर्म के मामले के अलावा अब आरोपी पर पुलिसकर्मियों पर हमला करने और सर्विस पिस्तौल छीनने के प्रयास से जुड़े आरोप भी लगाए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, इस घटना में कांस्टेबल के घायल होने के बाद आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, अंतिम कानूनी स्थिति जांच और दर्ज मामलों के आधार पर स्पष्ट होगी।
पुलिस कर रही पूरे मामले की जांच
पुलिस अब महिला की शिकायत, मेडिकल जांच, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन और घटनास्थल से मिले संभावित साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बना रही है।
इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी महिला को कैसे छत तक पहुंचने के बाद नियंत्रित कर पाया और घटना के बाद वह किस रास्ते से वहां से निकला।

मामले में उपलब्ध सभी साक्ष्यों का मिलान कर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
पीजी और सोसायटी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने सोसायटी और पीजी में रहने वाली महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। किसी नए कर्मचारी की नियुक्ति से पहले उसके दस्तावेजों और पृष्ठभूमि की उचित जांच कितनी महत्वपूर्ण है, यह मामला इस ओर भी ध्यान आकर्षित करता है।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए सोसायटी प्रबंधन और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा कर्मचारियों के सत्यापन, सीसीटीवी निगरानी और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना महत्वपूर्ण माना जाता है।

गुजरात में पुलिस फायरिंग की घटनाओं का भी जिक्र
उपलब्ध विवरण में गुजरात में पिछले कुछ समय के दौरान पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपियों पर गोली चलने की कई घटनाओं का भी उल्लेख किया गया है। इन मामलों में पुलिस के अनुसार आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने, पुलिस पर हमला करने या हथियार छीनने की कोशिश की थी।
हालांकि, प्रत्येक घटना की परिस्थितियां अलग हैं और किसी भी पुलिस कार्रवाई की वैधानिकता का निर्धारण संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होता है।
2026 में सामने आई पुलिस फायरिंग की घटनाएं
दिए गए विवरण के अनुसार वर्ष 2026 में गुजरात में निम्न घटनाओं का उल्लेख किया गया है—
13 मार्च, अरावली
राजस्थान से आरोपी को लाते समय पुलिस पर कथित हमले के बाद सुखलाल जाट पर स्टेट मॉनिटरिंग सेल की टीम द्वारा गोलीबारी किए जाने का उल्लेख है।
8 मई, सूरत ग्रामीण
हथियार जब्ती की कार्रवाई के दौरान छिपाई गई पिस्टल से पुलिसकर्मियों पर कथित हमला करने के आरोप में शुभम ठाकुर पर पुलिस फायरिंग की बात सामने आई।
11 मई, सूरत शहर
गिरफ्तारी से बचने की कोशिश के दौरान पुलिस पर कथित हमले के मामले में हत्या के आरोपी राहुलकुमार जोगी को गोली लगने का उल्लेख किया गया है।
25 जून, अहमदाबाद
हत्या के आरोपी धर्मेंद्रसिंह बारड पर गिरफ्तारी से बचने और पुलिस पर कथित हमला करने के दौरान क्राइम ब्रांच द्वारा गोलीबारी किए जाने की जानकारी दी गई है।
20 जुलाई, आनंद
बलात्कार और हत्या के आरोपी सुरेश परमार पर पुलिस पर कथित चाकू से हमला करने के बाद पुलिस कार्रवाई में उसकी मौत होने का उल्लेख है।
पिछले मामलों का भी किया गया उल्लेख
दिए गए विवरण में 2025 की कई अन्य घटनाओं का भी उल्लेख है, जिनमें वलसाड, अहमदाबाद, गांधीनगर, नवसारी, राजकोट ग्रामीण, सूरत, दाहोद और सुरेंद्रनगर में पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपियों को गोली लगने की घटनाएं शामिल बताई गई हैं।

इनमें अलग-अलग मामलों में पुलिस के अनुसार आरोपियों द्वारा हमला करने, हथियार छीनने या गिरफ्तारी से बचने की कोशिश किए जाने की बात कही गई थी।
पुलिस कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया
किसी भी पुलिस फायरिंग की घटना के बाद उसके कारणों और परिस्थितियों की जांच महत्वपूर्ण होती है। पुलिस के अनुसार इस मामले में आरोपी ने पुलिस टीम पर हमला किया और सर्विस पिस्तौल छीनने का प्रयास किया, जिसके बाद गोली चली।
मामले की पूरी तस्वीर जांच के बाद सामने आएगी। आरोपी पर लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।

अहमदाबाद के हेबतपुर इलाके में Woman से दुष्कर्म के आरोप ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आरोपी धरम सिंह के बारे में बताया गया है कि वह महज चार दिन पहले सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी पर आया था। महिला ने आरोप लगाया कि उसने छत पर उसे बंधक बनाकर दुष्कर्म किया और बाद में बाहर से दरवाजा बंद कर फरार हो गया।
पुलिस ने सीसीटीवी और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया। बाद में पुलिस के अनुसार, मोबाइल फोन बरामदगी और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य जुटाने के दौरान आरोपी ने भागने और पुलिस की पिस्तौल छीनने की कोशिश की। झड़प के दौरान कांस्टेबल वीरेंद्र सिंह घायल हुए, जबकि जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी।
फिलहाल दोनों अस्पताल में भर्ती हैं और पुलिस मामले की जांच कर रही है। दुष्कर्म के आरोपों के साथ पुलिस पर हमले और पिस्तौल छीनने के प्रयास से जुड़े आरोपों की भी कानूनी जांच जारी है।




















