
जमशेदपुर: भारत Election आयोग द्वारा संचालित मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन)-2026 कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पूर्वी सिंहभूम जिले में बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) एवं बीएलओ पर्यवेक्षकों के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण टाउन हॉल, सिदगोड़ा तथा आरवीएस स्कूल, डिमना में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में बीएलओ, पर्यवेक्षक, मास्टर ट्रेनर एवं निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारी शामिल हुए।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम श्री राजीव रंजन एवं झारखंड के अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों, कार्यक्रम की रूपरेखा तथा मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को निष्पक्षता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
लोकतंत्र की मजबूती का आधार है शुद्ध मतदाता सूची
प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त श्री राजीव रंजन ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती और विश्वसनीयता का आधार एक शुद्ध एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची होती है। यदि मतदाता सूची सही और अद्यतन होगी, तभी प्रत्येक पात्र नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेगा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान बीएलओ और उनके पर्यवेक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ये अधिकारी सीधे जनता के संपर्क में रहते हैं और मतदाता सूची को अद्यतन बनाने में अहम योगदान देते हैं। उन्होंने सभी बीएलओ को निर्देश दिया कि वे घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करें, निर्धारित प्रपत्रों को सही ढंग से भरें तथा पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए गंभीरता के साथ कार्य करें।
आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन जरूरी
अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करना सभी निर्वाचन कर्मियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को त्रुटिरहित और अद्यतन बनाना केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं बल्कि लोकतंत्र के प्रति हमारी जवाबदेही भी है।
उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान प्रत्येक बीएलओ को अपने निर्धारित मतदान क्षेत्र के सभी परिवारों तक पहुंचना होगा और मतदाताओं के विवरण का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से गुणवत्तापूर्ण कार्य निष्पादन की अपेक्षा करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या त्रुटि भविष्य में निर्वाचन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
घर-घर जाकर होगा मतदाताओं का सत्यापन
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत किए जाने वाले कार्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 30 जून 2026 से 29 जुलाई 2026 तक बीएलओ अपने-अपने क्षेत्रों में घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे।
इस दौरान प्रत्येक परिवार से संपर्क कर मतदाता संबंधी जानकारी का मिलान किया जाएगा। साथ ही नए पात्र मतदाताओं की पहचान, मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं की जानकारी तथा मतदाता सूची में आवश्यक संशोधन संबंधी जानकारी भी एकत्र की जाएगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सत्यापन प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं से गणना प्रपत्र भरवाए जाएंगे तथा आवश्यक दस्तावेज भी प्राप्त किए जाएंगे। इन दस्तावेजों के आधार पर मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाया जाएगा।
दावे और आपत्तियों के निष्पादन की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान बीएलओ और पर्यवेक्षकों को मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने, संशोधन कराने तथा अन्य निर्वाचन संबंधी दावों और आपत्तियों के निष्पादन की प्रक्रिया भी समझाई गई।
अधिकारियों ने बताया कि पुनरीक्षण अभियान के दौरान प्राप्त होने वाले सभी आवेदन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जांचे जाएंगे। पात्र व्यक्तियों का नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा, जबकि त्रुटिपूर्ण या अपात्र प्रविष्टियों को आवश्यक प्रक्रिया के तहत संशोधित किया जाएगा।
इसके अलावा प्रशिक्षणार्थियों को यह भी बताया गया कि किसी भी शिकायत या आपत्ति का निपटारा समयबद्ध और निष्पक्ष तरीके से किया जाना आवश्यक है।
ईसीआईनेट के माध्यम से ऑनलाइन प्रविष्टि पर दिया गया प्रशिक्षण
विशेष प्रशिक्षण सत्र में निर्वाचन आयोग के डिजिटल प्लेटफॉर्म ईसीआईनेट (ECINET) के उपयोग पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से मतदाता सूची के अद्यतन कार्य को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा रहा है।
बीएलओ को ऑनलाइन डेटा प्रविष्टि, दस्तावेज अपलोड करने, मतदाता विवरण अपडेट करने तथा डिजिटल रिकॉर्ड संधारण की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इससे भविष्य में निर्वाचन संबंधी कार्यों को अधिक सुगम और त्रुटिरहित बनाने में सहायता मिलेगी।
मतदाताओं को जागरूक करने की भी होगी जिम्मेदारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम में यह भी स्पष्ट किया गया कि बीएलओ केवल सत्यापन कार्य तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उन्हें मतदाता जागरूकता अभियान में भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
घर-घर संपर्क के दौरान बीएलओ लोगों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, आवश्यक संशोधन कराने तथा निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित विभिन्न जानकारियों के प्रति जागरूक करेंगे। विशेष रूप से नए मतदाताओं, युवाओं एवं पहली बार मतदान करने वाले नागरिकों को मतदान के महत्व के बारे में जानकारी दी जाएगी।
Election प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में कदम
विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और पारदर्शी बनाना है। इससे निर्वाचन प्रक्रिया में निष्पक्षता और विश्वसनीयता बढ़ेगी तथा प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार सुनिश्चित किया जा सकेगा।
प्रशासन का मानना है कि प्रशिक्षित बीएलओ एवं पर्यवेक्षकों की सक्रिय भागीदारी से यह अभियान सफलतापूर्वक संचालित होगा और मतदाता सूची में त्रुटियों को न्यूनतम किया जा सकेगा।
कई वरिष्ठ अधिकारी रहे उपस्थित
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान ईआरओ सह एसडीएम धालभूम श्री अर्नव मिश्रा, अपर उपायुक्त श्री अनुराग तिवारी, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती प्रियंका सिंह, सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (AERO), मास्टर ट्रेनर, बीएलओ पर्यवेक्षक एवं बड़ी संख्या में बीएलओ उपस्थित रहे।
सभी अधिकारियों ने प्रशिक्षणार्थियों से निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। साथ ही यह भरोसा जताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 अभियान पूर्वी सिंहभूम जिले में सफलतापूर्वक संपन्न होगा और मतदाता सूची को अधिक सुदृढ़ एवं त्रुटिरहित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।










































