
जमशेदपुर: Tinplate डिवीजन के कर्मचारियों द्वारा जॉइंट डिपार्टमेंटल काउन्सिल (JDC) के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे स्वयंसेवी पहल के तहत 6 अप्रैल 2024 को Tinplate यूनियन महिला महाविद्यालय में अग्नि सुरक्षा जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। टाटा स्टील के Tinplate डिवीजन के कर्मचारियों ने अपनी स्वैच्छिक सेवा से 95 छात्राओं और 11 शिक्षकों को आग के खतरों से बचाव की महत्वपूर्ण जानकारी दी। यह सत्र न सिर्फ जागरूकता बढ़ाने वाला था, बल्कि व्यावहारिक ट्रेनिंग भी प्रदान करने वाला था।

ऐसी पहलें दर्शाती हैं कि बड़ी कंपनियां सिर्फ उत्पादन ही नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी निभा रही हैं। जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर में जहां आग लगने की घटनाएं आम हैं, यह सत्र छात्राओं के लिए वरदान साबित हुआ। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि सत्र कैसे चला, क्या-क्या सिखाया गया, इसमें शामिल लोगों के बारे में और Tinplate डिवीजन की अन्य स्वयंसेवी गतिविधियों के बारे में। अगर आप स्कूल-कॉलेज में पढ़ते हैं या अभिभावक हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बहुत उपयोगी होगी। आइए, शुरू करते हैं!
Tinplate डिवीजन और JDC स्वयंसेवी पहल का आधार
टाटा स्टील का Tinplate डिवीजन जमशेदपुर में स्थित एक प्रमुख इकाई है, जो टिन पैकेजिंग सामग्री बनाती है। यहां के कर्मचारी जॉइंट डिपार्टमेंटल काउन्सिल (JDC) के मार्गदर्शन में स्वयंसेवी पहल चला रहे हैं, जो समुदाय सेवा पर केंद्रित हैं। Tinplate डिवीजन के कर्मचारियों द्वारा जॉइंट डिपार्टमेंटल काउन्सिल (JDC) के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे स्वयंसेवी पहल में सुरक्षा जागरूकता, करियर काउंसलिंग और सड़क सुरक्षा जैसे कार्यक्रम शामिल हैं।
JDC में प्रबंधन और Tinplate यूनियन के प्रतिनिधि मिलकर काम करते हैं, जैसे दीपक वर्गीस (हेड एचआरबीपी), मनोज कुमार सिंह (महासचिव, टाटा Tinplate वर्कर्स यूनियन), सूर्य भूषण शर्मा और जेनिफर जैकलीन। यह पहल कर्मचारियों को अपनी स्किल्स समुदाय के साथ शेयर करने का मौका देती है। पिछले दो महीनों में आंध्रा स्कूल, क्रिश्चियन स्कूल और इसी महिला महाविद्यालय में सड़क सुरक्षा सत्र आयोजित हो चुके हैं। इससे कंपनी की छवि मजबूत होती है और स्थानीय लोग लाभान्वित होते हैं।
अग्नि सुरक्षा जागरूकता सत्र क्या हुआ और कैसे?
दिनांक 6 अप्रैल 2024 को आयोजित अग्नि सुरक्षा जागरूकता सत्र एक घंटे का था, जिसमें 95 छात्राएं और 11 शिक्षक शामिल हुए। सत्र का मुख्य फोकस आग के खतरों, आपातकालीन प्रतिक्रिया और अग्निशामक यंत्रों के उपयोग पर था। Tinplate डिवीजन की फायर टीम ने लाइव प्रदर्शन कर छात्राओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
टीम के सदस्य बी. बी. सिंह, आकाश मलाकर और रवि ने अग्निशामक यंत्रों को सही तरीके से चलाने के स्टेप्स दिखाए – जैसे पिन निकालना, नोजल की दिशा और दूरी। उन्होंने आसपास आग लगने पर सुरक्षित व्यवहार सिखाया, जैसे लो-लेवल क्रॉलिंग, स्मोक से बचना और 101 पर कॉल करना। Tinplate डिवीजन के कर्मचारियों द्वारा जॉइंट डिपार्टमेंटल काउन्सिल (JDC) के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे स्वयंसेवी पहल का यह हिस्सा छात्राओं को आत्मविश्वास दे गया। JDC सदस्यों का सहयोग रहा, जिससे कार्यक्रम सफल रहा।

आग के खतरों से बचाव के व्यावहारिक टिप्स
सत्र में सिखाए गए कुछ महत्वपूर्ण टिप्स:
- आग लगने पर सबसे पहले: इमारत से बाहर निकलें, लिफ्ट न लें, सीढ़ियां इस्तेमाल करें।
- अग्निशामक यंत्र का PASS तरीका: Pull (पिन खींचें), Aim (निशाना लगाएं), Squeeze (ट्रिगर दबाएं), Sweep (इधर-उधर हिलाएं)।
- घरेलू सावधानियां: गैस सिलेंडर चेक करें, मोमबत्ती बुझाकर सोएं, इलेक्ट्रिकल वायरिंग नियमित जांचें।
- स्कूल में: फायर ड्रिल प्रैक्टिस करें, एग्जिट पाथ क्लियर रखें।
ये टिप्स हर किसी के लिए उपयोगी हैं, खासकर महिला महाविद्यालय जैसी जगहों पर जहां छात्राएं अकेले रहती हैं।
अन्य स्वयंसेवी पहलें सड़क सुरक्षा और करियर काउंसलिंग
Tinplate डिवीजन के कर्मचारियों द्वारा जॉइंट डिपार्टमेंटल काउन्सिल (JDC) के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे स्वयंसेवी पहल में सड़क सुरक्षा जागरूकता सत्र भी शामिल हैं। पिछले दो महीनों में आंध्रा स्कूल और क्रिश्चियन स्कूल में ये सत्र हुए, जहां वरिष्ठ अधिकारी जैसे उत्तम कुमार मिश्रा (चीफ सीआरएम), बृजेश कुमार (सीनियर एरिया मैनेजर, सेफ्टी) और बिनोद कुमार सिंह ने सहयोग किया। छात्रों को हेलमेट, सीट बेल्ट और ट्रैफिक सिग्नल्स के बारे में बताया गया।
इसके अलावा, Tinplate यूनियन महिला महाविद्यालय में करियर काउंसलिंग सत्र भी आयोजित किए गए। यहां छात्राओं को नौकरी, उच्च शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट की जानकारी दी गई। टाटा स्टील जैसे संस्थान महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ये कदम उठा रहे हैं, जो समाज के लिए सकारात्मक है। ऐसी पहलें से छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे बेहतर करियर चुनती हैं।
इन पहलों से समुदाय को क्या लाभ?
ये स्वयंसेवी पहलें सिर्फ जागरूकता ही नहीं बढ़ातीं, बल्कि जीवन बचाती हैं। Tinplate डिवीजन के कर्मचारियों द्वारा जॉइंट डिपार्टमेंटल काउन्सिल (JDC) के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे स्वयंसेवी पहल से स्थानीय स्कूल-कॉलेज मजबूत होते हैं। कंपनी को सामाजिक प्रतिष्ठा मिलती है, कर्मचारियों को संतुष्टि और छात्राओं को व्यावहारिक ज्ञान। जमशेदपुर में आग की घटनाओं में कमी आएगी, सड़क हादसे कम होंगे और लड़कियां करियर में आगे बढ़ेंगी।
सरकार भी ऐसी CSRs को प्रोत्साहित करती है। भविष्य में और संस्थानों में ऐसे सत्र होंगे, जो पूरे झारखंड के लिए फायदेमंद साबित होंगे।
स्वयंसेवा की शक्ति कॉर्पोरेट और समुदाय का मेल
कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) आज जरूरी है। Tinplate डिवीजन का उदाहरण दिखाता है कि कर्मचारी अपनी छुट्टी लेकर भी सेवा कर सकते हैं। Tinplate डिवीजन के कर्मचारियों द्वारा जॉइंट डिपार्टमेंटल काउन्सिल (JDC) के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे स्वयंसेवी पहल से यूनियन-मैनेजमेंट का रिश्ता मजबूत होता है। अभिभावकों के लिए संदेश: अपने बच्चों को ऐसी जागरूकता सिखाएं।
Tinplate डिवीजन के कर्मचारियों द्वारा जॉइंट डिपार्टमेंटल काउन्सिल (JDC) के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे स्वयंसेवी पहल एक प्रेरणा हैं। अग्नि सुरक्षा सत्र से छात्राओं को जीवनरक्षक ज्ञान मिला, जो उन्हें सुरक्षित बनाएगा। टाटा स्टील का यह प्रयास दिखाता है कि बड़ी कंपनियां समुदाय का हिस्सा हैं। ऐसे कार्यक्रमों से समाज सुरक्षित और शिक्षित बनेगा। दोस्तों, जागरूक रहें, दूसरों को भी सिखाएं!









