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दलमाबेड़ा टोला के ग्रामीणों को वर्षों बाद मिल रहे जाति प्रमाण-पत्र

On: February 13, 2026 12:17 PM
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जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के मुसाबनी प्रखंड अंतर्गत फॉरेस्ट ब्लॉक ग्राम पंचायत के दलमाबेड़ा टोला के ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत की खबर है। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की पहल पर यहां वर्षों से लंबित जाति प्रमाण-पत्र बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और पात्र लोगों को प्रमाण-पत्र जारी भी किए जाने लगे हैं।

दरअसल 5 फरवरी को क्षेत्र भ्रमण के दौरान दलमाबेड़ा टोला के करीब 45 परिवारों के 250 से अधिक ग्रामीणों ने उपायुक्त से मुलाकात कर बताया था कि जाति और आवासीय प्रमाण-पत्र नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में उन्हें भारी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने बताया था कि उनके पास 1932 और 1937 के खतियान हैं, लेकिन 1964 में क्षेत्र को फॉरेस्ट लैंड दर्ज किए जाने के कारण प्रमाण-पत्र बनवाने में दिक्कत आ रही थी।

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मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने जांच के निर्देश दिए और वंशावली तैयार कर ग्रामसभा की सहमति के आधार पर जाति एवं आवासीय प्रमाण-पत्र निर्गत करने को कहा। इसके बाद अंचल एवं प्रखंड प्रशासन की टीम ने दलमाबेड़ा टोला में विशेष कैंप लगाकर आवेदन लेने और प्रमाण-पत्र बनाने की प्रक्रिया शुरू की।

अंचल अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप 11 फरवरी को प्राप्त आवेदनों की प्रक्रिया पूरी करते हुए 12 फरवरी को कई ग्रामीणों के जाति प्रमाण-पत्र बनाकर वितरित कर दिए गए हैं। अब तक कुल 36 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 6 आवेदकों को प्रमाण-पत्र जारी कर दिया गया है, जबकि शेष 30 आवेदनों पर प्रक्रिया जारी है और 13 फरवरी तक सभी प्रमाण-पत्र तैयार कर दिए जाएंगे।

वर्षों बाद जाति प्रमाण-पत्र बनना शुरू होने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। पंचायत के मुखिया पोरमा बानरा समेत स्थानीय लोगों ने उपायुक्त का आभार जताते हुए कहा कि प्रमाण-पत्र मिलने से बच्चों की शिक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का रास्ता अब आसान हो जाएगा।

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