
🔸 लोकपरंपरा के संरक्षण को मिला संबल

बोंगाजोंगा, ओटार पंचायत, बंदगांव प्रखंड : बंदगांव प्रखंड अंतर्गत ओटार पंचायत के बोंगाजोंगा गांव में आयोजित छऊ नाच परब में क्षेत्रीय सांस्कृतिक धरोहर की अद्भुत झलक देखने को मिली। इस विशेष अवसर पर विधायक सुखराम उरांव के प्रतिनिधि एवं नकटी पंचायत के मुखिया मिथुन गागराई बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए और उन्होंने छऊ नृत्य मंडलियों को नगद राशि देकर सम्मानित किया।
🔹 पौराणिक कथाओं पर आधारित नृत्य ने बांधा समां
मुख्य अतिथि ने संबोधन में कहा कि
“छऊ नाच हमारी सांस्कृतिक पहचान है। ग्रामीण अंचलों में ऐसे आयोजनों से लोककलाएं जीवित रहती हैं।”
कार्यक्रम में पौराणिक और ऐतिहासिक कथाओं पर आधारित छऊ नृत्य प्रस्तुत कर कलाकारों ने दर्शकों का दिल जीत लिया। रथयात्रा के अवसर पर आयोजित इस मेले में स्थानीय जनता की भारी भीड़ उमड़ी, जिसने कलाकारों के नृत्य और अभिनय की भरपूर सराहना की।
👥 मौजूद रहे क्षेत्रीय नेता और जनप्रतिनिधि
कार्यक्रम में प्रखंड प्रमुख पीटर घनश्याम तियु, झामुमो नेता राजेश नायक, आयोजन समिति के सदस्य एवं सैकड़ों छऊ प्रेमी उपस्थित रहे। सभी ने कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन क्षेत्रीय संस्कृति को मजबूती देने का कार्य करते हैं।
🌟 विशेष बिंदु:
- छऊ मंडलियों को नगद राशि देकर किया गया सम्मान
- रथयात्रा परब के अवसर पर हुआ भव्य आयोजन
- छऊ नृत्य की प्रस्तुतियों में दिखा पौराणिक गौरव
- ग्रामीण संस्कृति के प्रति लोगों की गहरी आस्था दिखी
बोंगाजोंगा का यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोकसंस्कृति के प्रति जागरूकता और सम्मान का प्रतीक बनकर सामने आया। छऊ कलाकारों का सम्मान न केवल उनकी प्रतिभा को मान्यता देता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी लोककला से जुड़ने की प्रेरणा देता है।
📝 रिपोर्ट: जय कुमार









































