मौसममनोरंजनचुनावटेक्नोलॉजीखेलक्राइमजॉबसोशललाइफस्टाइलदेश-विदेशव्यापारमोटिवेशनलमूवीधार्मिकत्योहारInspirationalगजब-दूनिया

करुणा मय मंडल की कविता ने दिखाया जनता का आक्रोश और लोकतंत्र की सच्चाई

On: August 23, 2025 9:22 PM
Follow Us:

जमशेदपुर । पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड से पूर्व जिला पार्षद करुणा मय मंडल ने भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग पर एक तीखी, भावपूर्ण और संदेशात्मक कविता प्रस्तुत की है। यह कविता न सिर्फ व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि जनता की जागरूकता और बदलते समय की ताकत को भी दर्शाती है।

कविता में भ्रष्टाचार और सत्ता पर करारा प्रहार

पूरी कविता

---Advertisement---
Netaji Advertisement

“चोरी और सीना जोरी
सब करोगे जबरन।
भ्रष्टाचारी जेल जाओगे
जेल से करोगे शासन।।

यही नीति सिद्धांत है
संविधान का सम्मान।
लूट का छूट मिल जाए
होगी भारत महान।।

नेता हो तू विधाता नहीं
समझ लो पहचान।
अपनी गुनाहों की कर्ज
करना होगा भुगतान।।

देख रही जनता सबकुछ
बखूबी समझ रही है।
संसद की जो शोरगोल
क्या गलत क्या सही है।।

ये वक्त बहत बलवान है
तेरी रिमोट से बाहर है।
सत्ता कया उसके अधीन
ये सारी संसार है।।

सियासत है दांव पेंच का
कब तक अजमाओगे।
निश्चित ऊंचे ऊंट एक दिन
पहाड़ के नीचे आओगे।।”

  • करुणा मय मंडल, पूर्व जिला पार्षद पोटका, पूर्वी सिंहभूम, झारखंड

कविता का संदेश – सत्ता से जनता का सीधा संवाद

इस कविता में कवि ने भ्रष्टाचार, सत्ता की हठधर्मिता और लोकतांत्रिक मूल्यों के क्षरण पर गहरी चोट की है।

  • कवि कहते हैं कि आज की राजनीति में चोरी और जबरन वसूली आम हो गई है।
  • भ्रष्ट नेता जेल भी जाते हैं और वहीं से सत्ता पर नियंत्रण करने की कोशिश करते हैं।
  • संविधान की दुहाई देने वाले ही लूट और छूट के सहारे भारत महान बनाने का दावा करते हैं, यह व्यवस्था की विडंबना है।
  • कवि चेतावनी देते हैं कि सत्ता में बैठे नेता खुद को भगवान न समझें।
  • जनता सब कुछ देख रही है और सही-गलत का फैसला करना जानती है।
  • समय बहुत बलवान है, किसी के “रिमोट कंट्रोल” में नहीं है।
  • राजनीति दांव-पेंच का खेल है, लेकिन अंततः सत्ता के ऊँट को पहाड़ के नीचे आना ही पड़ेगा।

जनता का मनोभाव

यह कविता जनता के भीतर गहराते असंतोष और लोकतांत्रिक चेतना का प्रतिबिंब है।
कवि करुणा मय मंडल ने अपनी रचना के माध्यम से यह संदेश दिया है कि –

  • सत्ता अस्थायी है, जनता स्थायी है।
  • भ्रष्टाचार और अन्याय ज्यादा दिन टिक नहीं सकता।
  • लोकतंत्र में अंतिम ताकत जनता के पास है।


---Advertisement---
Netaji Advertisement
---Advertisement---
Netaji Advertisement

Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

और पढ़ें

पारडीह चौक के पास ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री की सूचना पर पुलिस की छापेमारी, 38 पुड़िया के साथ युवक गिरफ्तार

नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय के चतुर्थ दीक्षांत समारोह में 1600 से अधिक विद्यार्थियों को मिली उपाधि, राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने किया सम्मानित

लोकसभा में गूंजा मनोहरपुर लौह अयस्क खदान का मुद्दा, सांसद जोबा माझी ने पूर्ण संचालन की उठाई मांग

दिल्ली में इस्तीफा मांगे, रांची में ना आए पास। राजनीत का यही तकाजा, गठबंधन का ना टूटे विश्वास।।

जमशेदपुर: साकची में चेन छिनतई का खुलासा, पुलिस ने दो शातिर अपराधियों को किया गिरफ्तार; लूटा गया चेन और बाइक बरामद

ग्रेजुएट महाविद्यालय में कानूनी जागरूकता शिविर: DLSA सचिव कुमार सौरभ त्रिपाठी ने छात्राओं को बताए कानूनी अधिकार और प्रावधान

Leave a Comment