मौसममनोरंजनचुनावटेक्नोलॉजीखेलक्राइमजॉबसोशललाइफस्टाइलदेश-विदेशव्यापारमोटिवेशनलमूवीधार्मिकत्योहारInspirationalगजब-दूनिया

Rail यात्री संघर्ष समिति जमशेदपुर का आंदोलन अब होगा संगठित

810c92dedce0cbe5e9d700a4ea327a2e
On: April 12, 2026 8:51 PM
Follow Us:
Rail
---Advertisement---

यहां आपका विज्ञापन लग सकता है!

अपने ब्रांड या सर्विस को हजारों विज़िटर्स तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका। टार्गेटेड ऑडियंस और बेहतर विज़िबिलिटी के साथ, इस जगह पर लगाएं अपना ऐड!

Book Now

या कॉल करें: +91-7004699926

B 1

जमशेदपुर: चक्रधरपुर Rail मंडल के टाटानगर जंक्शन से गुजरने वाली यात्री Rail की लगातार लेटलतीफी के खिलाफ जो आवाज उठ रही है, उसे अब एक संगठित चेहरे की मिलने जा रही है। 7 अप्रैल को आयोजित धरना‑प्रदर्शन की समीक्षा के बाद यह तय हुआ है कि अब यह आंदोलन ‘Rail यात्री संघर्ष समिति’ के संरक्षण में आगे बढ़ेगा और शिवशंकर सिंह इस समिति के संयोजक के रूप में काम करेंगे।

A 2

यह फैसला जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय की अगुवाई में मिलानी हॉल में आयोजित एक विस्तृत समीक्षा बैठक के दौरान लिया गया, जिसमें Rail की व्यवस्था, ट्रेनों की देरी के कारण और आगे की रणनीति पर गहन चर्चा हुई।

7 अप्रैल के धरने Rail का विश्लेषण

7 अप्रूल को टाटानगर जंक्शन के बाहर आयोजित धरने को लेकर सरयू राय ने कहा कि इसका एक ही मुख्य संदेश था: टाटानगर से यात्री Rail समय पर चलें और टाटानगर समय पर पहुंचें।” उन्होंने यह भी बताया कि रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी 6 अप्रूल की रात 11 बजे के बाद तक धरने को रद्द या स्थगित कराने की कोशिश कर रहे थे, क्योंकि उन्हें यह डर था कि इससे सरकार की छवि खराब होगी।

सरयू राय ने यह भी बताया कि टाटानगर जंक्शन पर औसतन कोई भी यात्री ट्रेन केवल पांच मिनट ठहरती है और बस इन पांच मिनट को Rail सही ढंग से मैनेज कर ले, तो ट्रेनों की लेटलतीफी का बड़ा हिस्सा खत्म हो सकता है।

Rail , मालगाड़ियां और अफसरों की ‘जेब‑गर्मी’

सरयू राय ने रेलवे के भीतर चल रही ट्रेन परिचालन व्यवस्था पर गहरी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि Rail का खेल ऐसा है कि मालगाड़ियों को ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि यात्री ट्रेनें घंटों रोककर रख दी जाती हैं।

उन्होंने NTES ऐप जैसे टेक्नोलॉजी एक्सपेरिमेंट पर भी तंजिया अंदाज में बात की। उन्होंने बताया कि कुछ ट्रेनों की रियल‑टाइम लोकेशन ऐप में दर्शाई जाती है, लेकिन जैसे ही ट्रेन टाटानगर जंक्शन के आस‑पास पहुंचती है, उसका रिकॉर्ड गायब हो जाता है, जबकि प्राइवेट ट्रेन‑ट्रैकर ऐप वही दिखा देते हैं कि ट्रेन कितने समय से चल रही है।

THE NEWS FRAME

Rail के एक एजीएम के बयान का उन्होंने जिक्र किया, जिनका कहना था कि पहले 27,000 मालगाड़ियां चलती थीं, जिन्हें कम करके 23,000 कर दिया गया है, ताकि यात्री ट्रेनों को रास्ता मिल सके। लेकिन उन्होंने सवाल उठाया कि यह 27,000 मालगाड़ियां थीं या 27,000 माल‑बोगियां? क्योंकि समस्या यह नहीं कि मालगाड़ियां बढ़ी या घटी, बल्कि यह है कि यात्री ट्रेनें समय पर पहुंचें।

सरयू राय ने यह भी बताया कि लोगों से मिली जानकारी और शिकायतों के अनुसार, अब जो रेक हैं, वे Rail ने कई मामलों में प्राइवेट पार्टियों को बेच दिए हैं। इसके साथ यह आरोप भी है कि “जो Rail जितनी बार चलता है, उतनी बार अफसरों की जेब गर्म होती है।”

Rail 40‑45 मिनट का आइडिया और दूसरी पटरियों की जरूरत

समीक्षा बैठक के दौरान यह भी सामने आया कि यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी कम करने के लिए एक ठोस सुझाव सामने रखा गया है। सरयू राय ने बताया कि अगर 40‑45 मिनट तक मालगाड़ियों को रोककर यात्री ट्रेनों को निकाला जाए, तो ट्रेनों की देरी में बहुत बड़ी कमी आ सकती है।

बैठक में यह भी उठाया गया कि टाटानगर जंक्शन से मेनलाइन लगभग हमेशा भरी रहती है, इसलिए जमशेदपुर से कांड्रा तक यात्री Rail के लिए एक अलग Rail लाइन या बाईपास लाइन की व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के बीच टकराव कम हो सके।

Rail यात्री संघर्ष समिति का जन्म और आंदोलन की रणनीति

समीक्षा बैठक के अंत में यह फैसला लिया गया कि अब यह विरोध और आंदोलन Rail यात्री संघर्ष समिति’ के नाम से आगे बढ़ेगा, जिसका संयोजक शिवशंकर सिंह होंगे।

शिवशंकर सिंह ने स्पष्ट किया कि विधायक सरयू राय ऐसे नेता हैं जो जो आंदोलन शुरू करते हैं, उसे अंजाम तक जरूर पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेनों की लेटलतीफी का मुद्दा अब किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि आम जनता का मुद्दा है और इस आंदोलन में सभी राजनीतिक दलों को दिल बड़ा करके जुड़ना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि यह एक कॉमन प्लेटफॉर्म है, एक साझा मंच है, जहां हर उस व्यक्ति का स्वागत है जो Rail यात्रियों की परेशानी को गंभीरता से लेता है। आंदोलन को क्रमबद्ध तरीके से चलाना है—छोटे‑छोटे कार्यक्रम, मासिक गतिविधियां, सोशल मीडिया अभियान और धीरे‑धीरे राज्यव्यापी हुंकार बतौर लक्ष्य रखा गया है।

THE NEWS FRAME

बैठक में उठाए गए गंभीर सुझाव

समीक्षा बैठक के दौरान Rail यात्रियों की तरफ से कई जरूरी बिंदु उठाए गए:

  • Rail ने आम रेल यात्रियों की आवाज को दबाने का असफल प्रयास किया, जैसे धरना स्थल बदलने की जबरदस्ती, टेंट हटाने की कोशिश आदि।
  • धरने को राजनीतिक रंग देने की बजाय इसे गैर‑राजनीत

विधायक जनसुविधा प्रतिनिधि मुकुल मिश्रा, जनता दल (यूनाइटेड) के महानगर अध्यक्ष अजय कुमार, युवा मोर्चा के अध्यक्ष नीरज सिंह, महिला मोर्चा की अध्यक्ष अमृता मिश्रा, अमित शर्मा, पप्पू सिंह, वीरू, मुकेश सिंह, सुमित सिंह, नीरज कुमार, कुंदन सिंह, दिनेश सिंह समेत दर्जनों लोग मौजूद रहे।

WhatsApp Image 2026 05 11 At 11.09.39 AM

और पढ़ें

Leave a Comment

Link copied