
जमशेदपुर: शहर के व्यस्ततम क्षेत्रों में शामिल साकची टैंक रोड स्थित शीतला मंदिर के समीप लगातार उत्पन्न हो रही यातायात अव्यवस्था और जाम की समस्या को लेकर भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन, पूर्वी सिंहभूम ने चिंता जताई है। संगठन ने इस मुद्दे को जनहित से जुड़ा बताते हुए जिला प्रशासन और यातायात विभाग से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की है।

एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष एस. एन. पाल ने बताया कि बुधवार को क्षेत्र में गंभीर जाम की स्थिति देखने के बाद डायल-100 पर शिकायत दर्ज कराई गई। उनका कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं और नो-पार्किंग क्षेत्रों में वाहनों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है, लेकिन साकची टैंक रोड में प्रतिदिन होने वाली भारी वाहनों की लोडिंग-अनलोडिंग से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
संगठन के अनुसार शीतला मंदिर के समीप स्थित सब्जी मंडी में सुबह से लेकर दिनभर भारी वाहनों द्वारा माल उतारने और चढ़ाने का कार्य सड़क पर ही किया जाता है। इसके कारण सड़क संकरी हो जाती है और वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। स्थानीय लोगों, दुकानदारों और राहगीरों को रोजाना जाम की समस्या से जूझना पड़ता है।
भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन ने सवाल उठाया है कि जब नो-पार्किंग में खड़े छोटे वाहनों पर नियमित कार्रवाई की जाती है तो सड़क को बाधित करने वाले भारी वाहनों के खिलाफ समान रूप से प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए जाते। संगठन का कहना है कि उपलब्ध वीडियो और प्रत्यक्ष दृश्य बताते हैं कि अव्यवस्थित लोडिंग-अनलोडिंग के कारण यातायात व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है।
“एस. एन. पाल ने कहा कि यह क्षेत्र घनी आबादी वाला होने के साथ-साथ शहर की प्रमुख सब्जी मंडियों में से एक है, जहां प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है। ऐसे में सड़क पर भारी वाहनों की अनियंत्रित गतिविधियों पर नियंत्रण जरूरी है। उन्होंने प्रशासन, यातायात पुलिस और संबंधित विभागों से नियमित निगरानी, वैकल्पिक व्यवस्था तथा प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।”
संगठन ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन जनहित से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर शीघ्र संज्ञान लेकर स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएगा, ताकि आम नागरिकों को जाम और यातायात अव्यवस्था से राहत मिल सके।
संदेश: शहर की यातायात व्यवस्था केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि नागरिकों की सहभागिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। सड़क पर अनुशासन और नियमों का पालन ही सुगम एवं सुरक्षित यातायात की कुंजी है।













































