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भाजपा का Jamshedpur बंद राजनीतिक दिखावा और अवसरवादी राजनीति का उदाहरण टेल्को कॉलोनी मंडल कांग्रेस अध्यक्ष देबाशीष घोष

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On: July 4, 2026 5:03 PM
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जमशेदपुर: डीडी बार परिसर में हुई चर्चित हत्या की घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी द्वारा आहूत Jamshedpur बंद को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। टेल्को कॉलोनी मंडल कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देबाशीष घोष ने भाजपा के इस बंद को राजनीतिक दिखावा, अवसरवादी राजनीति और जनता की भावनाओं का लाभ उठाने की कोशिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस संवेदनशील मामले को न्याय के प्रश्न के रूप में उठाने के बजाय उसे राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है, जो न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि पीड़ित परिवारों की पीड़ा का राजनीतिक दोहन भी है।

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देबाशीष घोष ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी आज संवेदनशीलता का प्रदर्शन कर रही है, लेकिन उसके आचरण और प्राथमिकताओं को देखकर यह सवाल उठता है कि क्या वह वास्तव में सभी पीड़ितों के साथ न्याय चाहती है, या फिर केवल एक खास नैरेटिव बनाकर राजनीतिक लाभ हासिल करना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि भाजपा सच में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी होती, तो वह केवल बंद और विरोध प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि घटना से प्रभावित सभी पक्षों के प्रति समान संवेदना और जिम्मेदारी का परिचय देती।

कांग्रेस का आरोप भाजपा बंद के जरिए कर रही है राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश

टेल्को कॉलोनी मंडल कांग्रेस अध्यक्ष देबाशीष घोष ने अपने बयान में कहा कि भाजपा द्वारा बुलाया गया जमशेदपुर बंद न्याय की लड़ाई से ज्यादा राजनीतिक मंचन जैसा दिखाई देता है। उनके अनुसार, किसी भी संवेदनशील आपराधिक मामले को लेकर जनता के गुस्से, दुख और भावनात्मक माहौल को अपने पक्ष में मोड़ने की कोशिश लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुकूल नहीं है।

उन्होंने कहा कि जब कोई हत्या या गंभीर आपराधिक घटना होती है, तब राजनीतिक दलों की प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिले, पुलिस निष्पक्ष जांच करे, दोषियों की पहचान हो, उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित हो और पूरे मामले की पारदर्शी विवेचना हो। लेकिन यदि ऐसे मामलों में बंद, नारेबाजी और राजनीतिक बयान ही मुख्य केंद्र बन जाएं, तो इससे यह संदेश जाता है कि असली मुद्दा न्याय नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ है।

देबाशीष घोष ने कहा कि भाजपा का यह रवैया बताता है कि वह शहर की शांति, सामाजिक संतुलन और संवेदनशील माहौल को ध्यान में रखने के बजाय घटना को एक राजनीतिक अवसर के रूप में देख रही है। कांग्रेस का मानना है कि किसी भी दुखद घटना पर राजनीति करने से पीड़ित परिवारों की पीड़ा कम नहीं होती, बल्कि कई बार न्याय की प्रक्रिया भी राजनीतिक शोर-शराबे के बीच धुंधली पड़ जाती है।

संवेदनशीलता का दिखावा कर रही भाजपा देबाशीष घोष का आरोप

देबाशीष घोष ने कहा कि भाजपा इस पूरे मामले में खुद को पीड़ित परिवारों के पक्ष में खड़ा दिखाने की कोशिश कर रही है, लेकिन उसके व्यवहार में वास्तविक संवेदनशीलता नहीं दिखाई देती। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा आज जिस तरह भावनात्मक भाषा का इस्तेमाल कर रही है, उससे यह आभास होता है कि वह जनता के आक्रोश और दुख को अपने राजनीतिक अभियान का हिस्सा बनाना चाहती है।

उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की संवेदनशीलता का मूल्यांकन उसके बयान से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार से होना चाहिए। यदि कोई पार्टी न्याय, पीड़ित परिवार और कानून-व्यवस्था की बात करती है, तो उसे अपने आचरण से यह साबित भी करना चाहिए कि वह वास्तव में पीड़ितों के साथ खड़ी है। केवल बंद बुला देना, विरोध प्रदर्शन करना या सरकार पर हमला बोल देना ही संवेदनशीलता का प्रमाण नहीं माना जा सकता।

कांग्रेस नेता का कहना है कि भाजपा को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसने घटना से प्रभावित सभी पीड़ितों के प्रति समान चिंता दिखाई या नहीं। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो उसकी पूरी राजनीतिक मुहिम पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

प्रत्युष आनंद और उनके परिवार को लेकर भाजपा पर उठाए सवाल

देबाशीष घोष ने अपने बयान में एक महत्वपूर्ण सवाल उठाते हुए कहा कि परिजनों का आरोप है कि इसी घटना में गंभीर रूप से घायल प्रत्युष आनंद और उनके परिवार का हालचाल जानने के लिए भाजपा के किसी जिम्मेदार नेता या प्रतिनिधि ने अब तक संपर्क तक नहीं किया। उन्होंने कहा कि यदि यह आरोप सही है, तो भाजपा का वर्तमान रुख और भी अधिक संदिग्ध हो जाता है।

उनके अनुसार, यदि एक ही घटना में एक से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं, तो किसी भी राजनीतिक दल का दायित्व है कि वह सभी प्रभावित पक्षों के प्रति समान संवेदना दिखाए। यदि भाजपा केवल एक पक्ष को केंद्र में रखकर बंद और विरोध का माहौल बना रही है, जबकि दूसरे घायल पक्ष की अनदेखी कर रही है, तो यह उसके दोहरे रवैये और चुनिंदा संवेदनशीलता का संकेत माना जाएगा।

देबाशीष घोष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ऐसे किसी भी रवैये की कड़ी निंदा करती है, जिसमें पीड़ितों के साथ भी राजनीतिक चयन किया जाए। उन्होंने कहा कि न्याय और संवेदना का कोई राजनीतिक पक्ष नहीं होना चाहिए। यदि कोई दल सच में पीड़ितों के साथ है, तो उसे बिना भेदभाव सभी प्रभावित परिवारों से मिलना चाहिए, उनकी पीड़ा सुननी चाहिए और न्याय की मांग में उनके साथ खड़ा होना चाहिए।

सभी पीड़ितों के प्रति समान संवेदना दिखाए भाजपा”

कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा यदि वास्तव में न्याय और पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होने का दावा करती है, तो उसे सभी पीड़ितों के प्रति समान संवेदना, समान जिम्मेदारी और समान प्रतिबद्धता दिखानी होगी। केवल एक घटना या एक परिवार को लेकर आक्रोश जताना और दूसरे पीड़ित पक्ष की उपेक्षा करना नैतिक रूप से भी गलत है और राजनीतिक रूप से भी अस्वीकार्य है।

देबाशीष घोष ने कहा कि समाज और राजनीति दोनों में विश्वसनीयता तभी बनती है, जब किसी दल का रवैया निष्पक्ष और मानवीय हो। यदि भाजपा पीड़ितों के नाम पर बंद का आह्वान करती है, तो उसे यह भी बताना चाहिए कि उसने घायल लोगों और उनके परिवारों के लिए क्या किया, किससे मुलाकात की, क्या सहायता दी और न्याय की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए क्या ठोस प्रयास किए।

उनका कहना था कि पीड़ितों के प्रति सच्ची प्रतिबद्धता केवल सार्वजनिक बयान देने से साबित नहीं होती, बल्कि यह तब दिखती है जब कोई दल हर प्रभावित व्यक्ति के लिए न्याय की एक समान मांग करे।

बंद और प्रदर्शन से नहीं निष्पक्ष जांच से मिलेगा न्याय

देबाशीष घोष ने साफ कहा कि केवल बंद, प्रदर्शन और राजनीतिक बयानबाजी से न्याय नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि किसी भी हत्या या गंभीर आपराधिक मामले में न्याय का सबसे मजबूत रास्ता है— निष्पक्ष जांच, त्वरित कार्रवाई, दोषियों की गिरफ्तारी और कानून के अनुसार कठोर दंड। यदि राजनीतिक दल वास्तव में पीड़ितों के हित में खड़े होना चाहते हैं, तो उन्हें जांच प्रक्रिया को मजबूत करने, साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और पुलिस-प्रशासन पर निष्पक्ष कार्रवाई के लिए दबाव बनाने पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि समाज में न्याय की उम्मीद कानून के ढांचे से बनती है, न कि राजनीतिक नारों से। ऐसे मामलों में बंद बुलाने से शहर की सामान्य व्यवस्था प्रभावित होती है, आम लोगों को परेशानी होती है, छोटे कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ता है और कई बार मूल मुद्दा राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में उलझ जाता है। इसलिए जिम्मेदार राजनीति की मांग यही है कि संवेदनशील मामलों को राजनीतिक मंच के बजाय न्यायिक और प्रशासनिक गंभीरता के साथ उठाया जाए।

दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई ही असली संवेदना

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यदि किसी दल को सचमुच पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना है, तो उसे यह सुनिश्चित करने की मांग करनी चाहिए कि दोषियों की जल्द गिरफ्तारी हो, निष्पक्ष जांच पूरी हो और कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यही पीड़ितों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि और सच्ची संवेदना होगी।

देबाशीष घोष के अनुसार, संवेदनशील मामलों में जनता की भावनाएं बहुत प्रबल होती हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों को और अधिक जिम्मेदारी से व्यवहार करना चाहिए। उन्हें ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे सामाजिक तनाव बढ़े, माहौल बिगड़े या पीड़ित परिवारों के नाम पर राजनीतिक ध्रुवीकरण हो। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि न्याय की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना सबसे महत्वपूर्ण है।

कांग्रेस ने भाजपा के दोहरे चरित्र पर साधा निशाना

देबाशीष घोष ने भाजपा पर दोहरे चरित्र का आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ वह संवेदना और न्याय की भाषा बोलती है, दूसरी तरफ उसके आचरण में चयनात्मकता दिखाई देती है। यदि पार्टी वास्तव में निष्पक्ष है, तो उसे यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसने घायल प्रत्युष आनंद और उनके परिवार के प्रति क्या कदम उठाए, क्या उनसे मुलाकात की, क्या सहायता की पेशकश की और क्या उनके लिए भी उतनी ही मुखरता से न्याय की मांग की।

उन्होंने कहा कि यदि किसी घटना में भाजपा केवल उन्हीं तथ्यों और पक्षों को सामने ला रही है, जो उसके राजनीतिक एजेंडे को मजबूत करते हैं, तो यह जनता के साथ ईमानदार राजनीति नहीं कही जा सकती। कांग्रेस ने इसे “अवसरवादी राजनीति” बताते हुए कहा कि दुखद घटनाओं को राजनीतिक स्क्रिप्ट में बदलना लोकतंत्र की स्वस्थ परंपरा नहीं है।

कांग्रेस की अपील जांच को प्रभावित करने के बजाय उसे मजबूत करने में सहयोग करें

देबाशीष घोष ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और जागरूक नागरिकों को इस मामले में एक जिम्मेदार भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने अपील की कि कोई भी दल या समूह ऐसा वातावरण न बनाए जिससे जांच प्रभावित हो, गवाहों पर दबाव बने या मामले का फोकस न्याय से हटकर राजनीतिक टकराव पर चला जाए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि पुलिस और जांच एजेंसियां पूरी निष्पक्षता से काम करें, हर तथ्य की गहराई से पड़ताल हो, दोषियों को बचाने की कोई कोशिश न हो और जो भी व्यक्ति कानून तोड़ने का दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जनता को भड़काने, बंद के जरिए तनाव बढ़ाने या अधूरी जानकारियों के आधार पर राजनीतिक निष्कर्ष निकालने से बचना चाहिए।

Jamshedpur की जनता शांति, न्याय और जवाबदेही चाहती है

कांग्रेस का कहना है कि जमशेदपुर की जनता किसी राजनीतिक प्रदर्शन से अधिक शांति, सुरक्षा, न्याय और जवाबदेही चाहती है। शहर के लोग यह देखना चाहते हैं कि घटना की निष्पक्ष जांच हो, दोषी कानून के शिकंजे में आएं और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। देबाशीष घोष ने कहा कि इस समय सबसे ज्यादा जरूरी है कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिले और शहर में यह भरोसा कायम रहे कि कानून अपना काम करेगा।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को जनता के दुख और आक्रोश को समझना चाहिए, लेकिन उसे भुनाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। बंद, टकराव और नारेबाजी के बजाय संवेदनशील, संतुलित और जिम्मेदार राजनीतिक व्यवहार ही इस समय की जरूरत है।

डीडी बार हत्याकांड पर सियासत तेज, कांग्रेस ने भाजपा के बंद पर उठाए गंभीर सवाल

डीडी बार में हुई कथित हत्या की घटना को लेकर अब जमशेदपुर में राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। टेल्को कॉलोनी मंडल कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देबाशीष घोष ने भाजपा के बंद को राजनीतिक दिखावा, अवसरवादी राजनीति और जनता की भावनाओं के राजनीतिक इस्तेमाल का उदाहरण बताया है। उन्होंने भाजपा पर चयनात्मक संवेदना, घायल पक्ष की अनदेखी और बंद के जरिए राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश का आरोप लगाया है।

साथ ही कांग्रेस ने यह स्पष्ट किया है कि वह इस मामले में निष्पक्ष जांच, दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी, कठोर कानूनी कार्रवाई और सभी पीड़ितों के प्रति समान संवेदना की पक्षधर है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह मामला केवल आपराधिक जांच तक सीमित रहता है या फिर जमशेदपुर की राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बनकर उभरता है।

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