
जमशेदपुर में पहली और झारखंड में दूसरी सुविधा; हर वर्ष 40 से 45 नवजात शिशुओं को मिलेगा लाभ

जमशेदपुर, 4 जुलाई, 2026: क्षेत्र में नवजात शिशुओं की चिकित्सा सेवाओं को और सुदृढ़ बनाते हुए टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) ने गंभीर श्वसन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे नवजात शिशुओं के लिए जीवनरक्षक इनहेल्ड नाइट्रिक ऑक्साइड (iNO) थेरेपी की शुरुआत की है। इस सेवा का हाल ही में डॉ. विनीता सिंह, जीएम एमएस ने शुभारंभ किया। इसके साथ ही टीएमएच की नियोनेटल इंटेंसिव केयर सेवाओं में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ गई है।
35 बेड वाली नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU) के साथ टीएमएच क्षेत्र में नवजात शिशुओं की विशेष चिकित्सा देखभाल के प्रमुख केंद्रों में से एक है। iNO थेरेपी की शुरुआत से अब अस्पताल स्थानीय स्तर पर नवजात शिशुओं की जटिल और उच्च जोखिम वाली स्वास्थ्य स्थितियों का और अधिक प्रभावी ढंग से उपचार कर सकेगा।
iNO थेरेपी का मुख्य रूप से उपयोग नवजात शिशुओं में होने वाली पर्सिस्टेंट पल्मोनरी हाइपरटेंशन (PPHN) के उपचार के लिए किया जाता है। यह एक गंभीर स्थिति है, जिसमें जन्म के बाद शिशु के फेफड़ों की रक्त वाहिकाएं सामान्य रूप से शिथिल नहीं हो पातीं। इससे शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह बाधित हो जाता है, जिसका असर हृदय और अन्य महत्वपूर्ण अंगों पर पड़ता है। समय पर उपचार नहीं मिलने पर यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।
स्वस्थ नवजात शिशु में पहली सांस लेने के साथ ही फेफड़े फैल जाते हैं और उनकी रक्त वाहिकाएं शिथिल हो जाती हैं, जिससे पूरे शरीर में ऑक्सीजन का संचार सामान्य रूप से होने लगता है। लेकिन PPHN से प्रभावित नवजात शिशुओं में यह प्रक्रिया सामान्य रूप से नहीं हो पाती। इनहेल्ड नाइट्रिक ऑक्साइड (iNO) थेरेपी फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं को शिथिल कर ऑक्सीजन के प्रवाह में सुधार करती है और इस गंभीर स्थिति में शिशु के स्वस्थ होने में सहायता करती है।
इस थेरेपी की शुरुआत से हर वर्ष लगभग 40 से 45 नवजात शिशुओं को लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे गंभीर रूप से बीमार नवजात शिशुओं को समय पर विशेष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी और उनके स्वस्थ होने तथा जीवन रक्षा की संभावना में भी वृद्धि होगी।
महत्वपूर्ण बात यह है कि टीएमएच जमशेदपुर का पहला और झारखंड का दूसरा अस्पताल है, जहां यह अत्याधुनिक उपचार सुविधा उपलब्ध कराई गई है। अब तक iNO थेरेपी के लिए मरीजों के परिजनों को महानगरों का रुख करना पड़ता था, जिससे उपचार में देरी होती थी और मेडिकल इमरजेंसी के दौरान उन पर आर्थिक तथा मानसिक दबाव भी बढ़ जाता था।
स्थानीय स्तर पर यह सुविधा उपलब्ध होने से अब जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों के नवजात शिशुओं को घर के निकट ही समय पर अत्याधुनिक उपचार मिल सकेगा। इससे इमरजेंसी रेफरल की आवश्यकता में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। iNO थेरेपी के माध्यम से समय पर किया गया उपचार नवजात शिशुओं की स्थिति को स्थिर करने के साथ उनके जीवन रक्षा और शीघ्र स्वस्थ होने की संभावनाओं को भी बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यह पहल मरीज केंद्रित और वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने तथा झारखंड की स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी अवसंरचना को सशक्त बनाने के प्रति टीएमएच की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। नवजात शिशुओं के लिए अत्याधुनिक उपचार सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराकर टीएमएच न केवल उनकी पहुंच को आसान बना रहा है, बल्कि गंभीर देखभाल की आवश्यकता वाले नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य परिणाम भी सुनिश्चित कर रहा है।













