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अपनी रीढ़ का रखें ख्याल — क्योंकि यह हमेशा आपका ख्याल रखती है

On: October 16, 2025 11:15 PM
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Take care of your spine: रीढ़ का रखें ख्याल- आज के तेज़ रफ्तार जीवन में पीठ दर्द धीरे-धीरे सबसे आम स्वास्थ्य समस्याओं में से एक बन गया है। लंबे समय तक डेस्क पर बैठना, लंबे समय तक खड़े रहना या भारी शारीरिक काम करना — हमारी रोज़मर्रा की गतिविधियां अक्सर रीढ़ को प्रभावित करती हैं, जो हमारी गतिशीलता और सही मुद्रा बनाए रखने का आधार है।

विशेषज्ञ मार्गदर्शन: डॉ. जीवेश मलिक, हेड कंसल्टेंट और एचओडी, न्यूरोसर्जरी विभाग, तथा डॉ. नीरज कुमार चौधरी, सीनियर कंसल्टेंट, न्यूरोसर्जरी विभाग, टाटा मेन हॉस्पिटल

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रीढ़ एक नाज़ुक संतुलित ढांचा है, जो हड्डियों, डिस्क, लिगामेंट्स और मांसपेशियों से बना होता है। गलत बैठने की मुद्रा, निष्क्रिय जीवनशैली, अतिरिक्त वजन या अचानक भारी शारीरिक गतिविधि इस संतुलन को बिगाड़ सकती है, जिससे दर्द और अकड़न होती है। जबकि अधिकांश पीठ दर्द अस्थायी होते हैं, लेकिन लगातार दर्द को कभी भी अनदेखा नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह डिस्क की कमजोरी या नसों पर दबाव जैसी गंभीर रीढ़ की समस्याओं का संकेत हो सकता है।

समय पर निदान और सही उपचार जटिलताओं को रोक सकता है और तेज़ी से स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित कर सकता है। टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में हमारे पास रीढ़ की समुचित देखभाल के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो रोकथाम से लेकर जटिल सर्जरी तक की सेवाएं प्रदान करती हैं।इनमें से एक उन्नत तकनीक है मिनिमली इनवेसिव स्पाइन सर्जरी (एमआईएसएस), जिसमें छोटे चीरे और सटीक उपकरणों का उपयोग करके दर्द कम किया जाता है, रक्तस्राव को घटाया जाता है और अस्पताल में रहने का समय कम किया जाता है। इस विधि से मरीज सामान्य जीवन में जल्दी लौट सकते हैं, जबकि लंबी अवधि में भी बेहतरीन परिणाम सुनिश्चित होते हैं।

रोकथाम भी उतना ही महत्वपूर्ण है। एक स्वस्थ रीढ़ मुख्य रूप से हमारे जीवनशैली विकल्पों पर निर्भर करती है — सही बैठने और खड़े होने की मुद्रा बनाए रखना, नियमित ब्रेक लेना, स्ट्रेचिंग और कोर एक्सरसाइज के जरिए सक्रिय रहना, सुरक्षित तरीके से वस्तुओं को उठाना, और शरीर के वजन को संतुलित रखना। आज कई उद्योगों में कर्मचारियों को रीढ़ की सुरक्षा और एर्गोनॉमिक प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से स्वस्थ कार्यशैली को अपनाने और पेशेवर जीवन में रीढ़ पर दबाव कम करने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

आधुनिक तकनीक ने रीढ़ की सर्जरी को सुरक्षित और रिकवरी को तेज़ बना दिया है, लेकिन रोकथाम हमेशा सबसे प्रभावी उपाय है। आपकी रीढ़ खामोशी से आपकी हर गतिविधि का समर्थन करती है — इससे पहले कि कोई समस्या उत्पन्न हो, समय रहते इसका समुचित ध्यान रखें। एक स्वस्थ रीढ़ ही वास्तव में स्वस्थ जीवन की आधारशिला है।

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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