
चाईबासा: नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर नियंत्रण एवं दवा दुकानों में नियमों के अनुपालन की जांच को लेकर बुधवार को ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा मुफ्फसिल थाना क्षेत्र स्थित दो खुदरा दवा दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान नशे के दुरुपयोग में प्रयुक्त होने वाली दवाओं की उपलब्धता, खरीद-बिक्री, स्टॉक, भंडारण व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक मानकों की गहन जांच की गई।

जांच के दौरान दोनों दुकानों में कोडीन युक्त कफ सिरप नहीं पाया गया। वहीं एक दुकान में स्लीपिंग पिल उपलब्ध मिला, जिसकी खरीद-बिक्री एवं स्टॉक से संबंधित रिकॉर्ड विधिवत संधारित पाया गया। अधिकारियों ने खरीद-बिक्री एवं स्टॉक बैलेंस से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की, जो संतोषजनक पाए गए।
निरीक्षण के क्रम में दवा एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप दवाओं के भंडारण की व्यवस्था सही पाई गई। दोनों दुकानों में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए मिले। दुकानदारों को निर्देश दिया गया कि कैमरों का फोकस मुख्य प्रवेश द्वार एवं दुकान के सामने की गतिविधियों पर सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की प्रभावी निगरानी की जा सके।
स्वच्छता व्यवस्था के तहत दुकानों में ढक्कनयुक्त डस्टबिन का उपयोग किए जाने की सराहना की गई। हालांकि एक दुकान में अग्निशामक यंत्र उपलब्ध नहीं पाया गया, जिस पर संबंधित संचालक को तत्काल अग्निशामक यंत्र लगाने का निर्देश दिया गया। दूसरी दुकान में अग्निशामक यंत्र उपलब्ध मिला।
निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि नहीं पाई गई। ड्रग इंस्पेक्टर ने दुकानदारों को निर्देशित किया कि नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए दुकान में जागरूकता संबंधी पोस्टर प्रदर्शित करें तथा किसी भी दवा की बिक्री केवल चिकित्सकीय प्रिस्क्रिप्शन के आधार पर ही करें।
साथ ही सभी दवा विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों अथवा निकटतम पुलिस थाना को सूचित करें, ताकि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।













