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Jamshedpur: मूकबधिर अनाथ बालिका को मिला सुरक्षित आश्रय और बेहतर इलाज, जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल

On: July 8, 2026 9:56 PM
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Jamshedpur पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने मानवता और संवेदनशील प्रशासन का परिचय देते हुए एक 15 वर्षीय मूकबधिर अनाथ बालिका के सुरक्षित आवासन और बेहतर चिकित्सकीय उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की है। पूर्वी सिंहभूम और रांची जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों से बालिका को रांची स्थित बालिका गृह में सुरक्षित रखा गया है, जहां उसका इलाज भी लगातार जारी है।

धालभूमगढ़ से किया गया था रेस्क्यू

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जानकारी के अनुसार, देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाली 15 वर्षीय मूकबधिर बालिका गुड़िया कुमारी को अप्रैल 2026 में धालभूमगढ़ क्षेत्र से रेस्क्यू किया गया था। इसके बाद विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन करते हुए उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति के निर्देश पर बालिका को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया गया और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के मद्देनज़र विभिन्न चरणों में उसका चिकित्सकीय उपचार भी कराया गया।

बेहतर इलाज के लिए उठाया गया विशेष कदम

बालिका के अनाथ होने और उसकी गंभीर स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त राजीव रंजन के निर्देश पर उसे उच्च चिकित्सा संस्थान में इलाज दिलाने की पहल की गई। इसके लिए जिला प्रशासन ने संबंधित संस्थानों और विभागों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा।

दो जिलों के प्रशासन ने मिलकर की व्यवस्था

बालिका के उपचार और सुरक्षित आवासन को लेकर पूर्वी सिंहभूम एवं रांची जिला प्रशासन के बीच विशेष समन्वय स्थापित किया गया। पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त राजीव रंजन और रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री के आपसी विमर्श के बाद बालिका को रांची स्थित प्रेमाश्रय बालिका गृह में सुरक्षित आवासन उपलब्ध कराया गया।

साथ ही, रिनपास (RINPAS) की ओपीडी के माध्यम से उसके नियमित चिकित्सकीय उपचार की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

इलाज जारी, प्रशासन रख रहा लगातार निगरानी

वर्तमान में बालिका प्रेमाश्रय बालिका गृह, रांची में सुरक्षित रूप से रह रही है और उसका इलाज जारी है। पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बालिका के स्वास्थ्य, सुरक्षा और समुचित देखभाल के लिए रांची स्थित संबंधित विभागों और संस्थानों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा जा रहा है।

संवेदनशील प्रशासन का उदाहरण

यह पहल दर्शाती है कि प्रशासन केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद और असहाय बच्चों के संरक्षण, स्वास्थ्य और पुनर्वास के लिए भी गंभीरता से कार्य कर रहा है। दो जिलों के प्रशासन के संयुक्त प्रयास से एक विशेष आवश्यकता वाली अनाथ बालिका को सुरक्षित भविष्य और बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराना प्रशासन की मानवीय सोच का सकारात्मक उदाहरण माना जा रहा है।

Image: Generated by AI

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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