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🌾 नीलगाय, जंगली जानवरों और आवारा पशुओं से फसल बचाने का मिलेगा मजबूत उपाय – तारबंदी

On: June 16, 2025 8:04 PM
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खैरथल-तिजारा: अब दो बीघा भूमि वाले किसान भी कर सकेंगे खेत की तारबंदी: कृषि विभाग की अनुदान योजना बनी किसानों की सुरक्षा की ढाल।

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राजस्थान सरकार किसानों की फसल सुरक्षा को लेकर गंभीर और संवेदनशील रुख अपनाए हुए है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत अब जिले के छोटे किसान भी अपने खेतों की तारबंदी कर फसल को नीलगाय, जंगली जानवरों और आवारा पशुओं से बचा सकेंगे। इससे उन किसानों को बड़ी राहत मिली है, जिनकी जमीन सीमित है और जो लंबे समय से फसल बर्बादी की मार झेल रहे थे।

🧱 अब 2 बीघा भूमि वाले किसान भी पात्र

कृषि विभाग की योजना में बड़ा बदलाव करते हुए अब 2 बीघा भूमि वाले किसान भी तारबंदी योजना के लिए पात्र बनाए गए हैं। यह बदलाव छोटे और सीमांत किसानों को केंद्र में रखते हुए किया गया है ताकि वे भी अपने खेतों की सुरक्षा के लिए सरकारी अनुदान का लाभ उठा सकें।

💰 अनुदान की दरें और पात्रता

संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), विजय सिंह ने बताया कि इस योजना के तहत अनुदान की दरें निम्नानुसार तय की गई हैं:

✳️ एकल किसान के लिए:

  • सामान्य श्रेणी:
    🧾 400 रनिंग मीटर तारबंदी पर 50% लागत अथवा ₹40,000 तक अनुदान (जो भी कम हो)।
  • लघु व सीमांत कृषक:
    🧾 60% लागत या अधिकतम ₹48,000 तक का अनुदान।

✳️ सामूहिक तारबंदी के लिए:

  • न्यूनतम 10 किसानों का समूह आवश्यक।
  • समूह के पास कम से कम 5.0 हैक्टेयर भूमि होनी चाहिए।
  • प्रति कृषक को 400 मीटर पर ₹56,000 तक का अनुदान मिलेगा (लागत का 70%)।
  • समूह में प्रत्येक किसान के पास कम से कम 2 बीघा भूमि होनी अनिवार्य।

✳️ वन अधिकार अधिनियम (FRA) के अंतर्गत लाभ:

  • जिन किसानों के पास पट्टे के रूप में 2 बीघा भूमि (0.5 हैक्टेयर) है, उन्हें मिलेगा 90% लागत या अधिकतम ₹72,000 तक का अनुदान।

🛕 मंदिर भूमि पर भी मिलेगी योजना की स्वीकृति

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी मंदिर की खेती योग्य भूमि की पंजिका में पुजारी को संरक्षक के रूप में दर्ज किया गया है, तो वह भी इस योजना का लाभ ले सकता है।

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📈 207 किसानों को स्वीकृति, और बढ़ रही संख्या

अब तक जिले में 207 किसानों को इस योजना के अंतर्गत प्रशासनिक स्वीकृति जारी की जा चुकी है, और आवेदन की प्रक्रिया लगातार जारी है। यह दर्शाता है कि किसान समुदाय इस योजना को लेकर उत्साहित और जागरूक हो रहा है।

🗣️ किसानों से अपील: योजना का लाभ उठाएं

संयुक्त निदेशक विजय सिंह ने सभी किसानों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस योजना से जुड़ें और अपनी फसलों को नुकसान से बचाएं। उन्होंने कहा—

“यह योजना सिर्फ सुरक्षा नहीं, बल्कि किसानों की आय को स्थिर करने का सशक्त माध्यम है। तारबंदी से जहां जानवरों का खतरा कम होगा, वहीं किसान मानसिक रूप से भी निश्चिंत होकर खेती कर सकेंगे।”

विशेष बातें संक्षेप में:

  • अब 2 बीघा भूमि वाले किसान भी योजना में पात्र।
  • अधिकतम ₹72,000 तक का अनुदान।
  • सामूहिक और एकल दोनों तरह की तारबंदी में मदद।
  • नीलगाय, आवारा पशु, जंगली जानवरों से फसल सुरक्षा सुनिश्चित।
  • 207 किसानों को स्वीकृति, योजना को मिल रहा भरपूर समर्थन।

यह योजना एक सकारात्मक संकेत है कि सरकार कृषक हितों को प्राथमिकता दे रही है। अब छोटे किसान भी सुरक्षित खेती की ओर कदम बढ़ा सकते हैं, जिससे उनकी मेहनत की फसल को चौपायों और वन्यजीवों से कोई खतरा नहीं रहेगा।

“सुरक्षित फसल, समृद्ध किसान – यही है तारबंदी योजना का संकल्प।”

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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