
सरैया: Badki सरैया नगर पंचायत क्षेत्र में होल्डिंग टैक्स फाइन (जुर्माना) माफी की मांग को लेकर आज जन अधिकार संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने कार्यपालक पदाधिकारी से मिलकर ज्ञापन सौंपा और साफ तौर पर चेतावनी दी कि अगर एक महीने के भीतर जुर्माने की व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो पूरे नगर पंचायत क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आंदोलन खड़ा किया जाएगा।

ज्ञापन सौंपने का दिन क्या हुआ?
आज Badki सरैसया के जन अधिकार संघर्ष मोर्चा के सदस्यों ने नगर पंचायत के कार्यालय पहुंचकर कार्यपालक पदाधिकारी से मिलने की मांग की। शुरुआत में बताया गया कि कार्यपालक पदाधिकारी ने मिलने से इनकार कर दिया, जिसके बाद मोर्चा के सदस्यों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। इस दबाव के बाद कार्यपालक पदाधिकारी को बाहर आना पड़ा और उन्होंने प्रतिनिधिमंडल से वार्ता की। इस दौरान ज्ञापन की प्रतिलिपि नगर उपाध्यक्ष को भी दी गई।

होल्डिंग टैक्स जुर्माने को लेकर क्या मांगें हैं?
ज्ञापन में मुख्य बात यह रखी गई है कि Badki सरैया नगर पंचायत क्षेत्र के गरीब और मध्यम वर्गीय नागरिकों पर होल्डिंग टैक्स में भारी जुर्माना लगाकर वसूली की जा रही है, जिससे लोगों को गंभीर आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए मोर्चा ने निम्न मांगें रखीं:
- संपूर्ण होल्डिंग टैक्स फाइन (जुर्माना) माफी की मांग।
- नगर पंचायत क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर होल्डिंग टैक्स की दर तय की जाए।
- गरीब और लो-इनकम वाले दुकानदारों व आवासीय मकानों पर टैक्स और जुर्माने में छूट दी जाए।
- सड़क, नालियां, टूटी सीवर लाइन, जलनिकासी और स्वच्छता व्यवस्था पर तुरंत काम किया जाए, ताकि टैक्स देने का भी तर्क बने।
राहुल राज मंडल ने क्या चेतावनी दी?
जन अधिकार संघर्ष मोर्चा के सचिव राहुल राज मंडल ने प्रेस और स्थानीय मीडिया को बताया कि Badki सरैया में नगर पंचायत बने लगभग 8 साल हो चुके हैं, लेकिन अब अचानक भारी जुर्माना लगाकर आम जनता का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही और “मनमानी टैक्स वसूली” की श्रेणी में रखा।
राहुल मंडल ने साफ चेतावनी दी कि अगर एक महीने के भीतर संपूर्ण होल्डिंग टैक्स फाइन माफी की कोई ठोस और लिखित व्यवस्था नहीं होती, और टैक्स नियमों में सुधार नहीं होता, तो मोर्चा द्वारा सभी वार्डों में बैठकें बुलाकर महिलाओं, पुरुषों और युवाओं को संगठित किया जाएगा। इसके बाद हजारों की संख्या में नगर पंचायत कार्यालय का घेराव किया जाएगा और इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी नगर प्रशासन की होगी।
कुश कुशवाहा ने कार्यपालक पदाधिकारी के व्यवहार पर क्या कहा?
युवा नेता कुश कुशवाहा ने कार्यपालक पदाधिकारी को मिलने से इनकार करने और जनता के साथ व्यवहार के ढंग पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि इस तरह का रवैया जनता के प्रति निष्क्रिय और जनविरोधी है। उन्होंने मांग की कि जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ बातचीत का अंदाज सुधरे, संवाद करने की परंपरा विकसित की जाए, अन्यथा प्रशासन और जनता के बीच दूरी बढ़ेगी और जनता का भरोसा पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगा।
नगर पंचायत की वर्तमान स्थिति और विकास वार्ता
हाल की खबरों से पता चलता है कि Badki सरैया नगर पंचायत की पहली औपचारिक बैठक हो चुकी है, जिसमें होल्डिंग टैक्स, सफाई व्यवस्था, सड़क निर्माण और नाली व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई है। कार्यपालक पदाधिकारी ने समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया है और 15वें वित्त आयोग के तहत नगरपंध में आने वाले लगभग दो करोड़ रुपये के उपयोग पर भी विचार किया जा रहा है।
इसके बावजूद, जन अधिकार संघर्ष मोर्चा और अन्य जनसंघर्ष समूह यह बताते हैं कि जब तक आम आदमी की जेब पर नंगा हमला बंद नहीं होता, तब तक जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान बिहार सरकार की ओर से नगर निकायों के लिए घोषित एक‑बार जुर्माना और ब्याज माफी योजना का हवाला भी लोग दे रहे हैं, जिसमें होल्डिंग टैक्स बकायेदारों को ब्याज और जुर्माने से राहत दी गई है, लेकिन बड़की सरैया में इस योजना के रूप‑रंग और स्थानीय नीतियों को लेकर अभी भी भ्रम और शिकायतें हैं।
प्रतिनिधिमंडल में कौन‑कौन उपस्थित थे?
इस दौरान जन अधिकार संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल में निम्न नागरिक नेता और सक्रिय कार्यकर्ता उपस्थित थे:
- राहुल राज मंडल (सचिव, मोर्चा)
- कुश कुशवाहा (युवा नेता)
- अमन पाण्डेय
- हीरालाल मंडल
- सौरव बर्नवाल
- कृष्णा कसेरा
- बालेश्वर पंडित
- बीरू मंडल
- शंभू कसेरा
- सुनील पासवान
- अशोक पासवान
- दीपक स्वर्णकार
- मुंशी मंडल
- केदार मंडल
इन सभी सदस्यों ने संयुक्त रूप से ज्ञापन में जनविरोधी टैक्स और जुर्माने की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई और नगर पंचायत प्रशासन से तुरंत व्यावहारिक बदलाव की मांग की है।









