जमशेदपुर, 29 जुलाई, 2026: टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क (टीएसज़ेडपी) में आज अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर को माहभर चले वन महोत्सव कार्यक्रम के समापन समारोह के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत वृक्षारोपण अभियान, जागरूकता व्याख्यान तथा कीपर टॉक का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जमशेदपुर वन प्रमंडल के प्रभागीय वन पदाधिकारी (डीएफओ) श्री सबा आलम अंसारी की गरिमामयी उपस्थिति रही। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने बाघ संरक्षण पर एक व्याख्यान दिया और वनों तथा वन्यजीव आवासों के संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। छात्रों के साथ उनकी प्रेरणादायी बातचीत ने उन्हें भारत की समृद्ध प्राकृतिक विरासत और जैव विविधता की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत ज़ू परिसर में पौधारोपण के साथ हुई, जो टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क की प्राकृतिक आवासों के पुनर्स्थापन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इस पौधारोपण अभियान के साथ ही महीनेभर चले वन महोत्सव समारोह का भी समापन हुआ, जिसके अंतर्गत पूरे माह वृक्षारोपण और प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।



टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क के क्यूरेटर डॉ. एस. के. महतो ने “पारिस्थितिकी तंत्र की स्थिरता में बाघों की भूमिका” विषय पर एक विशेष व्याख्यान दिया। उन्होंने शीर्ष शिकारी (एपेक्स प्रीडेटर) के रूप में बाघों के पारिस्थितिक महत्व, जंगलों में उनके सामने मौजूद चुनौतियों तथा उनके दीर्घकालिक संरक्षण को सुनिश्चित करने में समाज की सामूहिक जिम्मेदारी पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दौरान एक कीपर टॉक भी आयोजित की गई, जिसमें ज़ू के कीपर्स ने प्रतिभागियों और आगंतुकों के साथ बाघों की जीवविज्ञान, व्यवहार, देखभाल और संरक्षण से जुड़ी रोचक जानकारियाँ साझा कीं। इस संवादात्मक सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों को मानव देखरेख में बाघों की देखभाल एवं प्रबंधन के साथ-साथ उनके संरक्षण के लिए किए जा रहे व्यापक प्रयासों की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।
इस कार्यक्रम में करीम सिटी कॉलेज और जमशेदपुर विमेंस यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों सहित लगभग 150 प्रतिभागियों तथा चिड़ियाघर के कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को जैव विविधता संरक्षण में अपनी भूमिका को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिला और उन्हें वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया।

इस कार्यक्रम का समन्वयन टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क की बायोलॉजिस्ट-सह-एजुकेशन ऑफिसर डॉ. सीमा रानी ने किया।
टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क के निदेशक डॉ. नईम अख्तर ने भी उपस्थित लोगों को संबोधित किया और विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि बाघों और उनके प्राकृतिक आवासों के दीर्घकालिक संरक्षण के लिए युवा पीढ़ी में जागरूकता पैदा करना अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण तथा प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के लिए सामूहिक संकल्प लेने के साथ हुआ, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति की इस अमूल्य धरोहर को सुरक्षित रखा जा सके।













