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SIR-2026 जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने दावा-आपत्ति सुनवाई स्थलों का किया निरीक्षण

On: August 24, 2026 8:22 PM
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जमशेदपुर: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 को लेकर पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने मतदाताओं की सुविधा के लिए दावा एवं आपत्ति सुनवाई की व्यवस्था को सक्रिय कर दिया है। इसी क्रम में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त श्री राजीव रंजन ने सोमवार को जिले में निर्धारित विभिन्न दावा-आपत्ति सुनवाई स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों और कर्मचारियों से प्रक्रिया की जानकारी लेते हुए मतदाताओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होने देने तथा प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का नियमानुसार समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

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जिला प्रशासन की ओर से मतदाताओं से अपील की गई है कि वे SIR-2026 के तहत अपने निर्वाचक विवरण की जांच करें। यदि मतदाता सूची में नाम से संबंधित कोई त्रुटि है, नाम छूट गया है अथवा किसी अन्य प्रकार की आपत्ति है तो निर्धारित अवधि के भीतर दावा अथवा आपत्ति दर्ज कराएं।

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चल रहा SIR-2026

भारत निर्वाचन आयोग से प्राप्त कार्यक्रम के अनुसार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), 2026 की प्रक्रिया निर्धारित समय-सारणी के तहत संचालित की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य निर्वाचक सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन और व्यवस्थित बनाना है।

SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं को अपने निर्वाचक विवरण की जांच करने और आवश्यकता पड़ने पर सुधार अथवा आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया जा रहा है। जिला प्रशासन ने इस पूरी प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए विभिन्न स्थानों पर दावा-आपत्ति सुनवाई की व्यवस्था की है।

5 अगस्त से 15 सितंबर तक दावा एवं आपत्ति दर्ज करने की अवधि

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 5 अगस्त 2026 से 15 सितंबर 2026 तक दावा एवं आपत्ति दायर करने की अवधि निर्धारित की गई है।

इस अवधि में मतदाता अपने निर्वाचक विवरण की जांच कर सकते हैं। यदि उन्हें मतदाता सूची में किसी प्रकार की गलती दिखाई देती है या उनका नाम सूची में शामिल नहीं है, तो वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।

जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और निर्धारित अवधि के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी करें।

5 अगस्त से 14 अक्टूबर तक नोटिस चरण में होगा निष्पादन

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 5 अगस्त 2026 से 14 अक्टूबर 2026 तक नोटिस चरण के अंतर्गत प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निष्पादन किया जाएगा।

इस दौरान संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी और सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी नियमानुसार प्राप्त आवेदनों की जांच एवं सुनवाई करेंगे। प्रशासन का लक्ष्य है कि मतदाताओं से प्राप्त दावों और आपत्तियों का समयबद्ध तरीके से निपटारा किया जाए।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कई स्थानों का किया निरीक्षण

दावा एवं आपत्ति सुनवाई की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त श्री राजीव रंजन ने जिले के विभिन्न निर्धारित केंद्रों का निरीक्षण किया।

उन्होंने समाहरणालय परिसर, अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम कार्यालय, मानगो अंचल कार्यालय, जेएनएसी कार्यालय, जमशेदपुर सदर प्रखंड परिसर तथा वाणिज्य कर कार्यालय में बनाए गए दावा-आपत्ति सुनवाई स्थलों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहां उपलब्ध सुविधाओं और मतदाताओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

अधिकारियों से ली प्रक्रिया की जानकारी

निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से दावा एवं आपत्ति प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली।

उन्होंने यह भी जाना कि सुनवाई के लिए आने वाले मतदाताओं को किस प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है और आवेदन के साथ किन आवश्यक दस्तावेजों की जरूरत पड़ रही है।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नागरिकों को पूरी प्रक्रिया सरल और स्पष्ट तरीके से समझाई जाए, ताकि किसी भी मतदाता को आवेदन जमा करने या सुनवाई की प्रक्रिया को लेकर भ्रम अथवा परेशानी न हो।

मतदाताओं को प्रक्रिया की स्पष्ट जानकारी देने का निर्देश

उपायुक्त ने कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में नागरिक दावा एवं आपत्ति दर्ज कराने के लिए निर्धारित केंद्रों पर पहुंच सकते हैं। ऐसे में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि वे प्रत्येक नागरिक को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं।

उन्होंने निर्देश दिया कि सुनवाई स्थल पर आने वाले मतदाताओं को यह स्पष्ट रूप से बताया जाए कि उन्हें किस प्रक्रिया के तहत आवेदन करना है और आवश्यक दस्तावेज कौन-कौन से हैं।

इससे न केवल मतदाताओं का समय बचेगा, बल्कि दावा एवं आपत्ति के निष्पादन की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी और व्यवस्थित तरीके से पूरी की जा सकेगी।

सभी सुनवाई स्थलों पर आवश्यक व्यवस्था रखने के निर्देश

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी निर्धारित सुनवाई स्थलों पर आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध रहें।

उन्होंने कहा कि मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। सुनवाई केंद्रों पर आने वाले नागरिकों के साथ सहयोगात्मक व्यवहार किया जाए और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए।

प्रशासन का प्रयास है कि SIR की प्रक्रिया में आम नागरिकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित हो और प्रत्येक पात्र मतदाता को अपना दावा अथवा आपत्ति दर्ज कराने का उचित अवसर मिले।

उप निर्वाचन पदाधिकारी समेत संबंधित अधिकारी रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान उप निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती प्रियंका सिंह के अलावा संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) एवं सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (AERO) मौजूद रहे।

अधिकारियों ने जिला निर्वाचन पदाधिकारी को अपने-अपने क्षेत्र में चल रही दावा एवं आपत्ति प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने सुनवाई स्थलों पर मतदाताओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी साझा की।

SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध बनाना

जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त श्री राजीव रंजन ने कहा कि SIR प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य निर्वाचक सूची को अधिक शुद्ध और अद्यतन बनाना है।

मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए यह आवश्यक है कि इसमें पात्र मतदाताओं के नाम सही रूप से दर्ज हों और निर्वाचक विवरण में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे।

SIR के माध्यम से मतदाताओं को अपने विवरण की जांच करने और किसी प्रकार की गलती होने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसे सामने रखने का अवसर मिल रहा है।

पात्र मतदाताओं से नाम की जांच करने की अपील

जिला प्रशासन ने सभी पात्र मतदाताओं से अपील की है कि वे अपने नाम और निर्वाचक विवरण की जांच जरूर करें।

यदि किसी मतदाता का नाम छूट गया है, नाम अथवा अन्य विवरण में कोई त्रुटि है या मतदाता सूची से संबंधित किसी अन्य विषय पर आपत्ति है, तो निर्धारित अवधि में दावा अथवा आपत्ति दर्ज कराई जानी चाहिए।

प्रशासन ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे इस प्रक्रिया को केवल प्रशासनिक औपचारिकता न समझें, बल्कि अपने मताधिकार और लोकतांत्रिक अधिकार से जुड़ी महत्वपूर्ण प्रक्रिया के रूप में इसमें सक्रिय भागीदारी करें।

नाम छूटने या त्रुटि होने पर समय पर करें दावा

मतदाता सूची में नाम का सही रूप से दर्ज होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए यदि किसी व्यक्ति को अपने निर्वाचक विवरण में किसी प्रकार की समस्या दिखाई देती है, तो उसे निर्धारित अवधि के भीतर संबंधित केंद्र पर दावा या आपत्ति दर्ज करनी चाहिए।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समय सीमा के भीतर प्राप्त दावों और आपत्तियों पर निर्धारित नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

नागरिकों के साथ सहयोगात्मक व्यवहार का निर्देश

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को विशेष रूप से निर्देश दिया कि सुनवाई के लिए आने वाले नागरिकों के साथ सहयोगात्मक व्यवहार किया जाए।

उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को प्रक्रिया समझने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। यदि कोई मतदाता दावा या आपत्ति दर्ज कराने के लिए आता है तो उसे आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए।

इससे SIR की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुगम और नागरिक-केंद्रित बनाया जा सकेगा।

दावों और आपत्तियों का समयबद्ध निष्पादन जरूरी

जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने संबंधित पदाधिकारियों को प्राप्त दावा एवं आपत्तियों का नियमानुसार और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रत्येक आवेदन की प्रक्रिया पूरी की जाए। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि किसी पात्र नागरिक का दावा अनावश्यक रूप से लंबित न रहे और प्राप्त आपत्तियों की भी नियमानुसार जांच की जाए।

विभिन्न कार्यालयों में बनाई गई है व्यवस्था

मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने केवल समाहरणालय में ही नहीं, बल्कि विभिन्न कार्यालयों और प्रशासनिक परिसरों में भी दावा-आपत्ति सुनवाई की व्यवस्था की है।

इससे अलग-अलग क्षेत्रों के मतदाताओं को अपने निकट निर्धारित स्थान पर प्रक्रिया में शामिल होने में सुविधा मिलेगी। प्रशासन का प्रयास है कि नागरिकों को अनावश्यक रूप से दूर न जाना पड़े और वे आसानी से अपनी शिकायत या दावा संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कर सकें।

लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी की अपील

जिला प्रशासन ने मतदाताओं से SIR-2026 के तहत अपने निर्वाचक विवरण की जांच करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने में नागरिकों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है।

मतदाताओं को चाहिए कि वे अपने विवरण की जांच करें और किसी भी प्रकार की त्रुटि मिलने पर समय रहते संबंधित प्रक्रिया के माध्यम से उसे सुधारने अथवा आपत्ति दर्ज कराने की कार्रवाई करें।

प्रशासन ने प्रक्रिया को सुचारु बनाने पर दिया जोर

निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि SIR से संबंधित पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से संचालित हो।

सुनवाई स्थलों पर आने वाले नागरिकों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने, उनके आवेदन प्राप्त करने और दावों एवं आपत्तियों के नियमानुसार निष्पादन की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

प्रशासन की ओर से यह भी प्रयास किया जा रहा है कि प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं को किसी तरह की तकनीकी अथवा प्रक्रियागत परेशानी का सामना न करना पड़े।

मतदाता स्वयं भी निभाएं जिम्मेदारी

SIR प्रक्रिया को सफल बनाने में प्रशासन के साथ-साथ मतदाताओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। नागरिकों को अपने निर्वाचक विवरण की जांच करनी चाहिए और आवश्यकता होने पर समय सीमा के भीतर दावा या आपत्ति दर्ज करनी चाहिए।

सही जानकारी और आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन करने से प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी। वहीं, मतदाताओं को भी निर्धारित तिथियों का ध्यान रखना चाहिए, ताकि दावा अथवा आपत्ति दर्ज कराने का अवसर न छूटे।

जिला प्रशासन की अपील

पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे SIR-2026 के तहत अपने निर्वाचक विवरण की जांच करें और यदि किसी प्रकार की त्रुटि, नाम छूटने या अन्य आपत्ति हो तो निर्धारित अवधि में दावा अथवा आपत्ति दर्ज कराएं।

प्रशासन ने नागरिकों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सभी सुनवाई स्थलों पर आवश्यक व्यवस्था बनाए रखें और नागरिकों के दावों एवं आपत्तियों का नियमानुसार समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें।

महत्वपूर्ण तिथियां
  • दावा एवं आपत्ति दर्ज करने की अवधि: 05 अगस्त 2026 से 15 सितंबर 2026 तक
  • नोटिस चरण में दावा एवं आपत्ति के निष्पादन की अवधि: 05 अगस्त 2026 से 14 अक्टूबर 2026 तक
  • मुख्य उद्देश्य: निर्वाचक सूची को अधिक शुद्ध एवं अद्यतन बनाना
  • सुनवाई स्थल: समाहरणालय, अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम कार्यालय, मानगो अंचल कार्यालय, जेएनएसी कार्यालय, जमशेदपुर सदर प्रखंड परिसर एवं वाणिज्य कर कार्यालय

इस प्रकार SIR-2026 के तहत पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने मतदाताओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न स्थानों पर दावा एवं आपत्ति सुनवाई की व्यवस्था की है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी के निरीक्षण और निर्देशों के बाद अधिकारियों को प्रक्रिया को और अधिक सुगम, पारदर्शी तथा समयबद्ध तरीके से संचालित करने पर जोर दिया गया है।

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