
🕊️ वरिष्ठ पत्रकार अरुण रंजन का निधन – जमशेदपुर की पत्रकारिता जगत को अपूरणीय क्षति
जमशेदपुर। शहर के वरिष्ठ पत्रकार और समाजचिंतक श्री अरुण रंजन के निधन ने पत्रकारिता जगत को शोकसंतप्त कर दिया है। उनके जाने से न केवल एक यशस्वी पत्रकार का अंत हुआ, बल्कि पत्रकारिता की एक जीवंत चेतना भी बुझ गई। यह समाचार शहर भर में गहरी संवेदना के साथ स्वीकार किया गया।

“यह मेरी व्यक्तिगत क्षति है” — सरयू राय
पूर्व मंत्री व वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता श्री सरयू राय ने श्री अरुण रंजन के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे अपनी “व्यक्तिगत क्षति” बताया है। उन्होंने कहा—
“श्री अरुण रंजन जी से मेरा संबंध 1974 के जेपी आंदोलन के समय से बना था और यह आत्मीय रिश्ता उनके अंतिम दिनों तक बना रहा। रविवार (पाक्षिक पत्रिका) और नवभारत टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में उनकी पत्रकारिता के साथ मैं गहराई से जुड़ा रहा।”
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नवभारत टाइम्स में साथ काम करने की स्मृतियां
श्री सरयू राय ने भावुक होते हुए बताया कि जब अरुण रंजन नवभारत टाइम्स के संपादक थे, तब उन्होंने उन्हें स्वतंत्र पत्रकार के रूप में कार्य करने का अवसर दिया। बिहार की आर्थिक स्थिति पर श्री राय द्वारा लिखे गए साप्ताहिक कॉलम “समय का लेख” को दिल्ली के प्रभात प्रकाशन ने पुस्तक रूप में प्रकाशित किया, जिसकी भूमिका अरुण जी ने स्वयं लिखी थी।
📚 स्मृतियों में जीवित रहेंगे अरुण जी
“एक मेधावी, मेहनती और दूरदर्शी पत्रकार के रूप में अरुण जी की स्मृति हमेशा बनी रहेगी,” — सरयू राय
उन्होंने अपनी हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि पुण्यात्मा को सद्गति प्रदान करें।









































