
MGM अस्पताल की बदहाल व्यवस्था ने खड़े किए गंभीर सवाल, डॉक्टर गायब, AC बंद, पानी संकट और लिफ्ट व्यवस्था चरमराई
जमशेदपुर: MGM अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बेहद गंभीर और चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में कथित लापरवाही, अव्यवस्था और प्रशासनिक ढिलाई ने मरीजों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया है। सबसे हैरान करने वाली घटना उस समय सामने आई जब एक महिला मरीज को ऑपरेशन थिएटर में ले जाकर एनेस्थेसिया दिया गया, लेकिन जिस डॉक्टर को ऑपरेशन करना था, वह अस्पताल ही नहीं पहुंचे। परिणाम यह हुआ कि मरीज घंटों तक बेहोशी की हालत में पड़ी रही और उसका ऑपरेशन नहीं हो सका।

ऑपरेशन थिएटर में इंतजार करती रही मरीज, डॉक्टर गायब
जानकारी के अनुसार छोटा गोविंदपुर निवासी 46 वर्षीय शांति देवी को पित्त की थैली में पथरी की समस्या थी। वह एक सप्ताह पहले इलाज के लिए अस्पताल आई थीं। सोमवार को उन्हें ऑपरेशन के लिए भर्ती किया गया था। तय प्रक्रिया के अनुसार बुधवार सुबह लगभग 10:15 बजे उन्हें ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया। करीब 10:30 बजे उन्हें एनेस्थेसिया देकर बेहोश कर दिया गया।
परिजनों और अस्पताल सूत्रों का आरोप है कि जिस सर्जन को ऑपरेशन करना था, वह अस्पताल पहुंचे ही नहीं। बताया जा रहा है कि डॉक्टर सर्वर आलम का उस दिन OT ड्यूटी था, लेकिन दोपहर 1:30 बजे तक भी वे ऑपरेशन थिएटर नहीं पहुंचे। इस बीच मरीज लगातार बेहोश हालत में रही और अंततः ऑपरेशन नहीं हो पाया।
परिजनों का कहना है कि मरीज को “नाक में सुंघाकर” बेहोश किया गया था और दोपहर करीब 2 बजे तक भी वह पूरी तरह होश में नहीं आई थी। इस घटना ने अस्पताल की कार्यशैली और मरीज सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
“डॉक्टर आए, अटेंडेंस बनाया और चले गए”
अस्पताल के अंदर से मिली जानकारी के अनुसार संबंधित डॉक्टर सुबह समय पर नहीं पहुंचे। सूत्रों का दावा है कि डॉक्टर सर्वर आलम लगभग 11:40 बजे अस्पताल पहुंचे, बायोमेट्रिक अटेंडेंस बनाया और फिर कहीं चले गए। वहीं अस्पताल के प्रिंसिपल भी लगभग 11:15 बजे पहुंचे।
यह भी आरोप लगाया गया कि अस्पताल में ड्यूटी को लेकर कोई स्पष्ट आदेश पत्र पिछले तीन महीनों से जारी नहीं हुआ है। एक वरिष्ठ डॉक्टर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि किस डॉक्टर की ड्यूटी कहां है, इसे लेकर भारी भ्रम की स्थिति बनी रहती है। इससे अस्पताल संचालन पर गंभीर असर पड़ रहा है।
सुबह 9 बजे से 3 बजे तक सर्जरी ड्यूटी, फिर भी सर्जन नदारत
अस्पताल नियमों के अनुसार सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक सर्जरी विभाग की नियमित ड्यूटी रहती है। इसके बावजूद ऑपरेशन थिएटर में सर्जन का अनुपस्थित रहना न केवल लापरवाही बल्कि मरीज की जान के साथ खिलवाड़ माना जा रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि एनेस्थेसिया देने के बाद मरीज को लंबे समय तक बिना सर्जरी के छोड़ देना बेहद खतरनाक स्थिति पैदा कर सकता है। इससे मरीज के शरीर पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
MGM अस्पताल में गर्मी से बेहाल मरीज
मामला केवल एक ऑपरेशन तक सीमित नहीं है। अस्पताल की पूरी व्यवस्था बदहाल नजर आ रही है। आरोप है कि पिछले एक महीने से अस्पताल के कई हिस्सों में AC बंद पड़े हैं। जबकि पूरी बिल्डिंग सेंट्रल AC सिस्टम से लैस है।
सबसे चिंताजनक स्थिति बर्न यूनिट और इमरजेंसी वार्ड की बताई जा रही है, जहां मरीज भीषण गर्मी में तड़प रहे हैं। इमरजेंसी में AC बंद होने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह अटेंडर गत्ते के पंखे से मरीजों को हवा करते नजर आए।
हालांकि ICU और OPD में AC चलता मिला, लेकिन इमरजेंसी और अन्य वार्डों की हालत बेहद खराब बताई जा रही है।
केवल 8 में से 2 लिफ्ट चालू
अस्पताल आने वाले मरीजों को लिफ्ट व्यवस्था ने भी परेशान कर रखा है। बताया गया कि अस्पताल में कुल 8 लिफ्ट हैं, लेकिन उनमें से केवल 2 ही काम कर रही हैं। इससे मरीजों, बुजुर्गों और स्ट्रेचर पर लाए जा रहे गंभीर रोगियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
परिजनों का कहना है कि कई बार मरीजों को सीढ़ियों के सहारे ऊपर ले जाना पड़ता है, जिससे स्थिति और गंभीर हो जाती है।
पानी की भारी किल्लत, पांचवें तल्ले तक पानी ढो रहे लोग
MGM अस्पताल में पानी संकट भी चरम पर बताया जा रहा है। अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर से लोग बोतलों और बाल्टियों में पानी भरकर पांचवें तल्ले तक ले जाते दिखे। मरीजों और उनके परिजनों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
अस्पताल के एक कर्मचारी ने बताया कि पानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण प्लांट AC भी ठीक से काम नहीं कर पा रहा है। यदि पानी की सप्लाई सुचारु हो जाए तो AC सिस्टम की बड़ी समस्या खत्म हो सकती है।
सुपरिटेंडेंट छुट्टी पर, जिम्मेदारी कौन लेगा?
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉ. बलराम झा छुट्टी पर बताए जा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर अस्पताल की व्यवस्था की निगरानी कौन कर रहा है।
कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में सामने आई यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा रही है। मरीजों की जान जोखिम में डालने वाली इस लापरवाही पर अब प्रशासन क्या कार्रवाई करता है, इस पर सभी की नजर टिकी हुई है।
सबसे बड़ा सवाल
- एनेस्थेसिया देने के बाद ऑपरेशन क्यों नहीं हुआ?
- OT ड्यूटी में तैनात डॉक्टर कहां थे?
- अस्पताल में महीनों से आदेश पत्र क्यों जारी नहीं हुआ?
- इमरजेंसी और बर्न यूनिट में AC बंद क्यों हैं?
- पानी और लिफ्ट जैसी बुनियादी सुविधाएं कब सुधरेंगी?
कोल्हान के लाखों लोगों की उम्मीदों का केंद्र माना जाने वाला MGM अस्पताल यदि इसी तरह अव्यवस्था और लापरवाही का शिकार रहा, तो यह आम मरीजों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।










































