📍 चक्रधरपुर, पश्चिमी सिंहभूम : बारिश के मौसम में जहां एक ओर सुरक्षित छत सभी की प्राथमिक ज़रूरत बन जाती है, वहीं दूसरी ओर अब भी कई ऐसे आदिवासी समुदाय हैं जो बिना मजबूत छावनी के जीवन जीने को मजबूर हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सुमीता होता फाउंडेशन की ओर से पश्चिमी सिंहभूम जिले के बंदगांव प्रखंड अंतर्गत टेबो पंचायत के कांडयोंग गांव में निवास करने वाले 25 बिरहोर परिवारों के बीच प्लास्टिक तिरपाल का वितरण किया गया।
🏠 झोपड़ी में पत्ता छावनी, बारिश में होती है परेशानी
कांडयोंग गांव के बिरहोर परिवार लकड़ी और पत्तों से बनी झोपड़ियों में रहते हैं। बारिश के मौसम में यह झोपड़ियाँ पानी रोकने में अक्षम हो जाती हैं, जिससे परिवारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
इसी समस्या को देखते हुए फाउंडेशन के अध्यक्ष सदानंद होता व टीम ने निर्णय लिया कि बिरहोर परिवारों को प्लास्टिक तिरपाल मुहैया कराकर उन्हें बारिश से राहत दिलाई जाएगी।
🤝 गांव-गांव घूमकर किया वितरण
शुक्रवार को फाउंडेशन अध्यक्ष सदानंद होता, सक्रिय सदस्य दिनेश जेना, वेद प्रकाश दास कांडयोंग गांव पहुँचे और गांव में घूम-घूमकर प्लास्टिक तिरपाल का वितरण किया। टीम ने न केवल तिरपाल वितरित किए बल्कि उन्हें घरों की छत पर बांधकर सही तरह से लगाने में भी मदद की।
🗣️ फाउंडेशन के सदस्यों के विचार
🗨️ सदानंद होता, अध्यक्ष –

“बिरहोर समाज हमारे राज्य की एक विशेष और लुप्तप्राय जनजाति है। उन्हें संरक्षित करना और उनके मूलभूत ज़रूरतों को पूरा करना हम सबका कर्तव्य है। यह तिरपाल उन्हें बारिश से सुरक्षा देगा।”
🗨️ दिनेश जेना, सक्रिय सदस्य –
“बिरहोर परिवार हमारे समाज का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्हें सम्मान देना और उनके साथ खड़े होना हम सभी की सामाजिक ज़िम्मेदारी है।”
👥 इन परिवारों को मिला लाभ
इस पहल के तहत दुर्गा बिरहोर, गुरूवा बिरहोर, मंगल सिंह बिरहोर, नयन सिंह बिरहोर, जग मोहन बिरहोर, करम सिंह बिरहोर, गुमीर सिंह बिरहोर, सोमाय बिरहोर, सोमल बिरहोर, बबलू बिरहोर, सुकरा बिरहोर, विनोद बिरहोर, दीप दयाल बिरहोर, एतवा बिरहोर, एतवारी बिरहोर, रायमुनी बिरहोर, पानी बिरहोर समेत कुल 25 परिवारों को प्लास्टिक तिरपाल वितरित किया गया।
🌱 सामाजिक जागरूकता का उदाहरण
सुमीता होता फाउंडेशन की यह पहल न केवल बिरहोर जनजाति के लिए एक राहत कार्य है, बल्कि यह समाज को यह संदेश भी देती है कि जब तक अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सहायता नहीं पहुंचती, तब तक विकास अधूरा है।
📸 स्थानीय ग्रामीणों ने फाउंडेशन की इस मानवीय पहल की सराहना की और उम्मीद जताई कि भविष्य में भी ऐसे सहयोग मिलते रहेंगे।
✍️ रिपोर्ट: जय कुमार, बंदगांव
📡 The News Frame | समाज, सरोकार और सच















