
- Rahul child murder case: Prime accused Shabbe injured in police encounter, shot in the leg; weapon recovered, investigation intensified.
जमशेदपुर: मानगो थाना क्षेत्र में हुए चर्चित राहुल सिंह उर्फ राहुल बच्चा हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी साहेब सिंह उर्फ शब्बे को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे तत्काल इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त हथियार भी बरामद करने का दावा किया है।

सिटी एसपी ने प्रेस वार्ता में बताया कि 8 जुलाई की देर रात मानगो थाना क्षेत्र के मुंशी मोहल्ला मजार गली के पास राहुल सिंह उर्फ राहुल बच्चा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे शहर में दहशत का माहौल बन गया था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन कर आरोपियों की तलाश शुरू की थी।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में मुख्य आरोपी साहेब सिंह उर्फ शब्बे के साथ आफताब और सौरभ दत्ता उर्फ बंगाली ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने घटना से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी दी, जिसके आधार पर पुलिस उन्हें घटना में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के लिए रोड नंबर-14 स्थित फॉरेस्ट क्षेत्र में लेकर गई।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों की निशानदेही पर जंगल क्षेत्र से एक लोडेड पिस्टल तथा एक खाली पिस्टल बरामद की गई। इसी दौरान मुख्य आरोपी साहेब सिंह उर्फ शब्बे ने कथित रूप से पुलिस को चकमा देकर भागने का प्रयास किया। पुलिस का आरोप है कि आरोपी ने पुलिस टीम पर दो राउंड फायरिंग भी की, जिससे मौके पर मौजूद जवानों की जान खतरे में पड़ गई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान सब-इंस्पेक्टर संजय द्वारा की गई फायरिंग में शब्बे के पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को तत्काल पुलिस सुरक्षा के बीच एमजीएम अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की हालत फिलहाल स्थिर है।
सिटी एसपी ने बताया कि पुलिस की प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना और अपराधियों को न्यायालय तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस समय रहते जवाबी कार्रवाई नहीं करती, तो पुलिसकर्मियों की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। ऐसे में आत्मरक्षा के तहत आवश्यक कार्रवाई की गई।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की जांच अभी जारी है। हत्या में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका, घटना के पीछे की साजिश, हथियार उपलब्ध कराने वाले लोगों और पूरे आपराधिक नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जा सके।
शहर में बढ़ते अपराध चिंता का विषय
राहुल बच्चा हत्याकांड ने एक बार फिर जमशेदपुर में बढ़ते अपराधों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल के दिनों में शहर में गोलीबारी, हत्या, लूट और गैंगवार जैसी घटनाओं में वृद्धि देखी गई है, जिससे आम नागरिकों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं के कारण लोग कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जता रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि संगठित अपराध पर प्रभावी अंकुश, अवैध हथियारों की तस्करी पर सख्ती, संवेदनशील इलाकों में नियमित पुलिस गश्त और अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई से ही शहर में कानून-व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। वहीं, पुलिस का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।















