
दिगम्बर: World णमोकार दिवस पर सरिया में भक्ति का संगम देखने को मिला, जहां दिगम्बर जैन मंदिर परिसर सामूहिक मंत्र जाप से गूंज उठा। यह आयोजन न सिर्फ स्थानीय स्तर पर था, बल्कि विश्व के 108 देशों में एक साथ हुआ, जो जैन धर्म के शांति और एकता के संदेश को मजबूत करता है। इस ब्लॉग में हम इस भव्य कार्यक्रम की पूरी कहानी, इसके महत्व और समाज पर प्रभाव को विस्तार से जानेंगे।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन से भक्ति का आगमन
सरिया स्थित दिगम्बर जैन मंदिर परिसर में World णमोकार दिवस पर सरिया में भक्ति का संगम का आगाज पारंपरिक तरीके से हुआ। नगर अध्यक्ष शोभा देवी ने सभी गणमान्य अतिथियों के साथ दीप प्रज्वलन किया। जीतो पेट्रोन सदस्य संतोष जैन, मोनीला जैन, जैन समाज अध्यक्ष राजेश जैन, अग्रवाल समाज अध्यक्ष कुसुम देवी, विकास जैन और बिहारी प्रसाद जैसे प्रमुख लोगों ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इसके ठीक बाद विकास जैन और अम्बर जैन ने मंगलाचरण प्रस्तुत कर वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। सीओ संतोष कुमार और फागु पंडित जैसे प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी ने आयोजन को और गरिमामय बना दिया। सोचिए, जब समाज के सभी वर्ग एक मंच पर आते हैं, तो भक्ति का क्या अद्भुत स्वरूप होता होगा। यह दीप प्रज्वलन सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि अज्ञान के अंधकार को दूर करने का प्रतीक था।
दिगम्बर मुनि भावसागर जी महाराज के सान्निध्य में णमोकार मंत्र जाप
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण था दिगम्बर मुनि भावसागर जी महाराज के सान्निध्य में हुआ सामूहिक णमोकार मंत्र जाप। पूरे परिसर में “णमो अरिहंताणं, णमो सिद्धाणं…” की ध्वनि गूंज रही थी। मुनि जी के प्रेरणादायक प्रवचनों ने सभी श्रद्धालुओं को आत्मचिंतन की ओर प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि णमोकार मंत्र जैन धर्म का मूल मंत्र है, जो अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और सदों को नमस्कार करता है।
World णमोकार दिवस पर सरिया में भक्ति का संगम इसी मंत्र की महिमा को समर्पित था। जैन समाज के अनुसार, यह मंत्र नकारात्मकता को दूर कर सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। महिलाएं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी इसमें डूबे थे। कार्यक्रम का संचालन राजेश जैन ने इतनी सहजता से किया कि हर कोई सहज भाव से जुड़ गया। यह जाप 48 मिनट तक चला, जो विश्व स्तर पर एकसमान समय था।
णमोकार मंत्र का आध्यात्मिक महत्व
जैन धर्म में णमोकार मंत्र को सबसे पावन माना जाता है। यह पांच परमेष्ठियों को नमन करता है और जीव की आत्मा को शुद्ध करता है। रोजाना जाप से मन की शांति मिलती है, क्रोध कम होता है। World णमोकार दिवस पर सरिया में भक्ति का संगम ने साबित कर दिया कि सामूहिक जाप से सामाजिक सद्भाव बढ़ता है। मुनि भावसागर जी ने कहा, “यह मंत्र विश्व शांति का दूत है।”

जीतो संयोजिका मोनीला जैन का संदेश वैश्विक एकता का प्रतीक
जीतो संयोजिका मोनीला जैन ने World णमोकार दिवस पर सरिया में भक्ति का संगम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह मंत्र केवल धार्मिक नहीं, बल्कि मानवता को एकता, शांति और आत्मशुद्धि सिखाने वाला सार्वभौमिक संदेश है। भारत से लेकर 108 देशों तक एक ही समय पर जाप हो रहा था, जो वैश्विक शांति का संदेश देता है।
मोनीला जी ने जोर देकर कहा, “यह हमारा सौभाग्य है कि हम इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने।” जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जीतो) का यह आयोजन हर साल होता है, लेकिन सरिया में इसकी भव्यता निराली थी। समाज के सभी वर्गों का सहयोग देखकर गर्व होता है।
World स्तर पर णमोकार जाप का प्रभाव
हर साल 9 अप्रैल को होने वाला यह दिवस जैन समाज की एकजुटता दिखाता है। झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में दिगंबर जैन मंदिरों में ऐसे आयोजन होते हैं। World णमोकार दिवस पर सरिया में भक्ति का संगम ने स्थानीय स्तर पर आध्यात्मिक जागरण पैदा किया। वैज्ञानिक दृष्टि से भी मंत्र जाप तनाव कम करता है, एकाग्रता बढ़ाता है।

सीओ संतोष कुमार की सराहना समाज में सकारात्मक ऊर्जा
सीओ संतोष कुमार ने आयोजन की खूब सराहना की। उन्होंने कहा कि World णमोकार दिवस पर सरिया में भक्ति का संगम जैसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा भरते हैं। प्रशासन का समर्थन पाकर जैन समाज उत्साहित था। अंत में अम्बर जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया।
यह सहभागिता दिखाती है कि धर्म और प्रशासन का मेल समाज हित में कितना जरूरी है। सरिया जैसे छोटे कस्बे में भी वैश्विक आयोजन संभव है, अगर इच्छाशक्ति हो।
जैन धर्म और सामाजिक एकता की मिसाल
World णमोकार दिवस पर सरिया में भक्ति का संगम जैन धर्म की अहिंसा, शांति और करुणा की मिसाल है। दिगम्बर जैन परंपरा में मुनियों का सान्निध्य मिलना दुर्लभ होता है। इस आयोजन ने महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका दिया, जहां शोभा देवी, कुसुम देवी, मोनीला जैन जैसी महिलाओं ने नेतृत्व किया। युवाओं का उत्साह देखकर भविष्य उज्ज्वल लगता है।
झारखंड के गिरिडीह जिले में सरिया धार्मिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। ऐसे आयोजन पर्यटन को भी बढ़ावा देंगे। जैन समाज की एकता अन्य समुदायों के लिए प्रेरणा है।

सरिया दिगम्बर जैन मंदिर का महत्व
यह मंदिर सरिया का आध्यात्मिक केंद्र है। World णमोकार दिवस पर सरिया में भक्ति का संगम ने इसकी महत्ता बढ़ा दी। मंदिर परिसर देर शाम तक भक्ति में डूबा रहा।
यह आयोजन सरिया में आध्यात्मिक चेतना जगाएगा। अगले वर्ष और भव्यता से मनाने का संकल्प लिया गया। समाज को ऐसे कार्यक्रमों से शक्ति मिलती है। World णमोकार दिवस पर सरिया में भक्ति का संगम यादगार रहेगा।
World णमोकार दिवस पर सरिया में भक्ति का संगम ने साबित कर दिया कि भक्ति सीमाओं से परे है। सामूहिक मंत्र जाप से न सिर्फ आत्मशांति मिली, बल्कि समाज में एकता का संदेश फैला। जैन समाज की यह पहल प्रेरणादायक है। ऐसे आयोजन बढ़ने चाहिए ताकि दुनिया शांति की राह पकड़े।









