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NIT जमशेदपुर में ‘डिजिटल ट्विन’ पर सेमिनार: छात्रों ने सीखी इंजीनियरिंग के भविष्य की नई तकनीक

On: October 16, 2025 10:42 PM
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NIT जमशेदपुर में ‘डिजिटल ट्विन’ पर सेमिनार: छात्रों ने सीखी इंजीनियरिंग के भविष्य की नई तकनीक

जमशेदपुर। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर में छात्रों के लिए एक बेहद उपयोगी और दिलचस्प सेमिनार आयोजित किया गया, जिसका विषय था – “डिजिटल ट्विन” (Digital Twin)। इस तकनीक को आने वाले समय की इंजीनियरिंग की रीढ़ माना जा रहा है।

क्या है ‘डिजिटल ट्विन’?

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‘डिजिटल ट्विन’ का मतलब होता है किसी असली मशीन या वस्तु की कंप्यूटर में बिल्कुल वैसी ही वर्चुअल कॉपी बनाना

मान लीजिए, आपने एक बड़ी मशीन बनाई — तो कंप्यूटर में उसी मशीन की डिजिटल कॉपी तैयार कर ली जाती है। यह कॉपी असली मशीन से लगातार डेटा लेकर बताती रहती है कि वह कैसे काम कर रही है, कहाँ गलती हो सकती है और क्या सुधार किए जा सकते हैं।

फायदा क्या है?
इंजीनियर इस डिजिटल मॉडल पर प्रयोग या बदलाव कर सकते हैं, बिना असली मशीन को नुकसान पहुँचाए। इससे मशीन की परफॉर्मेंस बेहतर होती है, और समय और पैसा दोनों की बचत होती है।

पूर्व छात्रा ने दी व्यवहारिक जानकारी

सेमिनार की मुख्य वक्ता थीं सुश्री पूजा प्रियदर्शिनी, जो NIT जमशेदपुर की मैकेनिकल इंजीनियरिंग (बैच 2011–2015) की छात्रा रह चुकी हैं। वे वर्तमान में L&T टेक्निकल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड में कार्यरत हैं।

उन्होंने बहुत आसान भाषा में छात्रों को बताया कि ‘डिजिटल ट्विन’ कैसे फैक्ट्रियों और मशीनों के काम करने का तरीका बदल रहा है:

  • मशीन की भविष्यवाणी: पहले से पता चल जाता है कि मशीन कब खराब हो सकती है।
  • बेहतर डिज़ाइन: कंप्यूटर पर पहले ही यह तय किया जा सकता है कि कौन-सा डिज़ाइन सबसे अच्छा रहेगा।
  • स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग: प्रदूषण कम होता है और उत्पादन ज्यादा टिकाऊ बनता है।

उन्होंने छात्रों को मैकेनिकल इंजीनियरिंग के साथ-साथ डेटा एनालिसिस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी नई तकनीकों को सीखने के लिए भी प्रेरित किया।

शिक्षकों और छात्रों की रही खास भागीदारी

कार्यक्रम का आयोजन मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग और उद्योग एवं अंतरराष्ट्रीय संबंध प्रभाग (I&IR) ने मिलकर किया।
इसमें डीन प्रो. के. बी. यादव, एसोसिएट डीन डॉ. राम कृष्ण, प्रो. परमानंद और प्रो. संजय समेत कई फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे।

सेमिनार के सफल संचालन में स्टूडेंट एलुमनाई सेक्रेटरी ईशिका गुप्ता और उनकी टीम ने अहम भूमिका निभाई।
छात्रों, शिक्षकों और रिसर्च स्कॉलर्स ने बड़े उत्साह से हिस्सा लिया और भविष्य की इंजीनियरिंग तकनीकों पर सवाल-जवाब भी किए।

यह सेमिनार छात्रों के लिए न सिर्फ ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि शिक्षा और उद्योग जगत के बीच एक मजबूत कड़ी भी बना। एनआईटी के छात्र अब बेहतर समझ पा रहे हैं कि कैसे डिजिटल तकनीकें आने वाले वक्त में इंडस्ट्री 4.0 का चेहरा बदलने जा रही हैं।

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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