मौसममनोरंजनचुनावटेक्नोलॉजीखेलक्राइमजॉबसोशललाइफस्टाइलदेश-विदेशव्यापारमोटिवेशनलमूवीधार्मिकत्योहारInspirationalगजब-दूनिया

राष्ट्रीय पोषण माह 2025, इस वर्ष की थीम है: ‘भोजन हमें जोड़ता है’ – पुष्पम्मा मैथ्यू, मुख्य आहार विशेषज्ञ, TMH

Ce94618781f51ab2727e4c0bd2ddd427
On: September 5, 2025 11:25 PM
Follow Us:
Add A Heading 24
---Advertisement---

यहां आपका विज्ञापन लग सकता है!

अपने ब्रांड या सर्विस को हजारों विज़िटर्स तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका। टार्गेटेड ऑडियंस और बेहतर विज़िबिलिटी के साथ, इस जगह पर लगाएं अपना ऐड!

Book Now

या कॉल करें: +91-7004699926

B 1

JAMSHEDPUR : हर वर्ष, राष्ट्रीय पोषण सप्ताह हमें स्वस्थ खानपान के महत्व और अपनी भोजन संबंधी पसंद पर विचार करने का अवसर देता है। “भोजन हमें जोड़ता है” एक सशक्त संदेश है, जो याद दिलाता है कि भोजन केवल शरीर को ऊर्जा देने वाला माध्यम ही नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा साझा सूत्र है जो व्यक्तियों, परिवारों और संस्कृतियों को समय और स्थान की सीमाओं से परे जोड़ता है।

A 2

भोजन आपसी जुड़ाव और रिश्तों को मजबूत करने का सबसे प्रभावी साधन है। भारत की खाद्य संस्कृति में विविधता का संगम है, जिसमें विविध व्यंजन और परंपराएँ देश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाती हैं। उत्तर में हिमालय की हिमाच्छादित पर्वत श्रेणियों से लेकर दक्षिण में केरल के समुद्र और बैकवाटर्स तक, भारत की भौगोलिक विशेषताएँ और ऐतिहासिक धरोहर स्वाद, मसालों और अनोखी पाक विधियों की एक समृद्ध परंपरा को जन्म देती हैं।

भोजन एक सांस्कृतिक सेतु के रूप में

मानव की सबसे बुनियादी आवश्यकता है, लेकिन यह केवल पेट भरने तक सीमित नहीं है। यह हमारी पहचान, परंपराओं और विरासत की गहरी और अनूठी अभिव्यक्ति भी है। दादी-नानी के हाथों का बना वह सूप जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलता आ रहा है, या फिर त्योहारों पर परिवार और समाज के साथ मिलकर खाया जाने वाला विशेष व्यंजन – हर पकवान की अपनी एक कहानी है। भोजन हमें यह याद दिलाता है कि हम कौन हैं और कहाँ से आते हैं।

दुनिया भर में पारंपरिक भोजन वहाँ की भौगोलिक स्थिति, इतिहास और सांस्कृतिक मान्यताओं को प्रतिबिंबित करता है। साथ मिलकर भोजन साझा करना अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोगों को एक-दूसरे की परंपराओं और मूल्यों को समझने का अवसर देता है। भोजन के माध्यम से हम आपसी पुल बनाते हैं, संवाद की शुरुआत करते हैं और समझ को और गहरा बनाते हैं।

भोजन और पारिवारिक बंधन

घर में भोजन अक्सर जुड़ाव का केंद्र होता है। परिवार केवल खाने के लिए ही नहीं, बल्कि दिनभर के अनुभव साझा करने, जीवन पर चर्चा करने और रिश्तों को गहरा करने के लिए खाने की मेज़ के आसपास जुटता है। एक साथ मिलकर भोजन तैयार करना हो या फिर आराम से बैठकर नाश्ता करना – ये छोटे-छोटे रोज़मर्रा के पल पारिवारिक रिश्तों को और मजबूत बना देते हैं।

माता-पिता भोजन के माध्यम से अपने बच्चों को न केवल आदतें सिखाते हैं, बल्कि जीवन के मूल्य भी समझाते हैं। बच्चों को खाना बनाना सिखाना या उन्हें किराने की खरीदारी में शामिल करना, उन्हें स्वस्थ भोजन चुनने के लिए प्रेरित करता है और जिम्मेदारी व जुड़ाव की भावना विकसित करता है। शोध से पता चलता है कि जब परिवार साथ बैठकर भोजन करते हैं, तो बच्चे न केवल पौष्टिक आहार अपनाते हैं, बल्कि पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करते हैं और भावनात्मक रूप से भी अधिक संतुलित रहते हैं। अच्छे स्वास्थ्य के लिए सभी आवश्यक पोषक तत्वों का पर्याप्त सेवन संतुलित आहार के माध्यम से करना बेहद ज़रूरी है। पोषण की भूमिका शिशु के माँ के गर्भ में आने के क्षण से लेकर जीवन के अंतिम पड़ाव यानी वृद्धावस्था तक बनी रहती है।

एक एकीकृत लक्ष्य के रूप में पोषण

सांस्कृतिक और पारिवारिक जुड़ाव के अलावा, भोजन हमें एक साझा लक्ष्य – अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति – में भी एकजुट करता है। राष्ट्रीय पोषण सप्ताह यह समझाने का उपयुक्त समय है कि हमारे भोजन की पसंद हमारे शरीर, ऊर्जा और दीर्घकालिक स्वास्थ्य पर कितना गहरा प्रभाव डालती है।

हम क्या खाते हैं, इस बारे में सोच-समझकर निर्णय लेना कई पुरानी बीमारियों से बचाव कर सकता है, रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकता है और मानसिक स्वास्थ्य को भी सहारा देता है। सामुदायिक बगीचे, स्थानीय खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देना, किसानों के हाट-बाज़ार और स्कूल लंच कार्यक्रम जैसी पहलें खासकर वंचित क्षेत्रों में पोषक आहार तक पहुँच सुनिश्चित करने में मदद करती हैं। ऐसे प्रयास न केवल स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं बल्कि सामूहिक देखभाल और जिम्मेदारी की भावना को भी मज़बूत करते हैं।

तेज़ रफ़्तार की जिंदगी में सजग भोजन

आज की व्यस्त जीवनशैली में हम अक्सर भाग-दौड़ में, मोबाइल या स्क्रीन पर ध्यान लगाए हुए, या फिर व्यस्त समय-सारणी के बीच खाना खा लेते हैं। राष्ट्रीय पोषण सप्ताह हमें यह प्रेरणा देता है कि हम थोड़ा ठहरें और सजग होकर भोजन करें — यानी इस पर ध्यान दें कि हम क्या खा रहे हैं, कैसे खा रहे हैं और क्यों खा रहे हैं। सजग भोजन हमें अपने आहार से गहरा जुड़ाव बनाने और शरीर के संकेतों को समझने में मदद करता है।

मौसमी चीजें चुनना, नए-नए स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन आज़माना, भाप में पकाना, उबालना, हल्का भूनना या सेंकना जैसी स्वस्थ पकाने की विधियाँ अपनाना, या फिर किसी मित्र के साथ घर का पौष्टिक भोजन साझा करना – ये सब हमारे खानपान में फिर से उद्देश्य और आनंद लेकर आते हैं।

इस तरह भोजन जीवन का उत्सव बन जाता है और हमारे शरीर तथा अपने प्रियजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक सुंदर माध्यम भी। जब हम राष्ट्रीय पोषण सप्ताह को “भोजन हमें जोड़ता है” थीम के साथ मना रहे हैं, तो यह याद रखना ज़रूरी है कि स्वस्थ खानपान केवल व्यक्तिगत सफ़र नहीं है — यह एक सामूहिक प्रयास है, जो हमें रोगमुक्त जीवन की ओर ले जाता है!

भोजन में हमें जोड़ने की अनोखी शक्ति है — यह संस्कृतियों, पीढ़ियों और समुदायों की सीमाओं को पार कर हमें एक करता है। भोजन आनंद देता है, स्वास्थ्य का पोषण करता है और हमें हमारी साझा मानवता की याद दिलाता है। इस माह आइए, केवल यह न सोचें कि हम क्या खाते हैं, बल्कि इस पर भी ध्यान दें कि भोजन हमें किस तरह एक साथ जोड़ता है।

WhatsApp Image 2026 05 11 At 11.09.39 AM
Ce94618781f51ab2727e4c0bd2ddd427

Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

और पढ़ें

Untitled Design 31 4

मानसिक Health सेवाओं को मजबूत बनाने में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसरों की भूमिका अहम उपायुक्त मनीष कुमार

Untitled Design 25 2

सदर अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे DM स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के दिए निर्देश

Untitled Design 28 4

पद्मश्री स्वर्गीय नाना चुड़ासमा जयंती पर रक्तदान शिविर आयोजित DM ने युवाओं से किया नियमित रक्तदान का आह्वान Chaibasa

Untitled Design 11 6

पश्चिमी Singhbhum में नशा मुक्त झारखंड अभियान का शुभारंभ स्कूटी रैली और जागरूकता रथों के माध्यम से दिया गया नशामुक्ति का संदेश

Untitled Design 16 4

जिले के सभी Anganwadi केंद्रों में बाल भोज-सह-जन्मोत्सव का आयोजन उपायुक्त ने बच्चों संग मनाया जन्मोत्सव

Untitled Design 7 3

90 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान (डॉन योजना) के तहत Chainpur पंचायत में नशा मुक्ति एवं विधिक जागरूकता शिविर आयोजित

Leave a Comment

धार्मिक

See All

लाइफस्टाइल

See All

मौसम

See All

खेल

See All

क्राइम

See All

Entertainment

See All

ज्योतिष

See All
Link copied