
जमशेदपुर: Srinath यूनिवर्सिटी ने एक बार फिर रोजगारोन्मुख शिक्षा और उद्योग से जुड़ी ट्रेनिंग के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान को साबित किया है। विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट सेल द्वारा परिसर में एक मेगा ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (OJT) ड्राइव का आयोजन किया गया, जिसमें देश की प्रतिष्ठित कंपनियों Apollo Tyres, Tata Electronics और ASL Motors ने भाग लिया। इस विशेष भर्ती अभियान में डिप्लोमा पाठ्यक्रम के 255 से अधिक छात्रों का चयन आकर्षक स्टाइपेंड पर किया गया।

यह उपलब्धि केवल प्लेसमेंट या ट्रेनिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस बात का भी संकेत है कि श्रीनाथ यूनिवर्सिटी अपने विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक शिक्षा तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि उन्हें उद्योग की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर लगातार काम कर रही है। OJT ड्राइव के माध्यम से छात्रों को अब सीधे औद्योगिक माहौल में सीखने, समझने और खुद को साबित करने का अवसर मिलेगा।
Apollo Tyres, Tata Electronics और ASL Motors जैसी कंपनियों की भागीदारी
इस मेगा OJT ड्राइव की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इसमें तीन बड़ी और प्रतिष्ठित कंपनियों ने हिस्सा लिया। Apollo Tyres देश और दुनिया की जानी-मानी टायर निर्माण कंपनियों में से एक है, जबकि Tata Electronics इलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीकी निर्माण क्षेत्र में तेजी से उभरती हुई बड़ी कंपनी है। वहीं ASL Motors ऑटोमोबाइल सेक्टर में अपनी पहचान रखने वाली प्रमुख कंपनी मानी जाती है।
इन कंपनियों द्वारा श्रीनाथ यूनिवर्सिटी के छात्रों का चयन यह दर्शाता है कि संस्थान के विद्यार्थी उद्योग जगत की अपेक्षाओं पर खरे उतर रहे हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट होता है कि विश्वविद्यालय का प्रशिक्षण मॉडल उद्योगों के लिए उपयोगी और भरोसेमंद बन चुका है।
255 से अधिक छात्रों का चयन, आकर्षक स्टाइपेंड के साथ मिलेगा प्रशिक्षण
इस OJT ड्राइव में डिप्लोमा कोर्स के 255 से अधिक छात्रों का चयन किया गया। चयनित छात्रों को संबंधित कंपनियों में जॉब-सेंट्रिक और इंडस्ट्री-फोकस्ड ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग दी जाएगी। इस दौरान छात्रों को आकर्षक स्टाइपेंड भी मिलेगा, जो उनके लिए न केवल आर्थिक सहयोग होगा बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाएगा।
किसी भी छात्र के लिए पढ़ाई के दौरान ही किसी प्रतिष्ठित कंपनी में प्रशिक्षण का अवसर मिलना बहुत बड़ी उपलब्धि होती है। इससे छात्र अपनी शिक्षा के साथ-साथ उद्योग की वास्तविक कार्यप्रणाली को समझ पाते हैं और अपने करियर की दिशा को लेकर अधिक स्पष्टता हासिल करते हैं।
क्या होती है ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग और क्यों है यह जरूरी?
ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (OJT) एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें छात्रों को सीधे उद्योग या कार्यस्थल पर जाकर सीखने का मौका मिलता है। यह पारंपरिक क्लासरूम शिक्षा से अलग होती है, क्योंकि इसमें केवल किताबों या लैब तक सीमित ज्ञान नहीं होता, बल्कि छात्र वास्तविक मशीनों, तकनीकों, प्रक्रियाओं और कार्यसंस्कृति के बीच काम करना सीखते हैं।
आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री होना पर्याप्त नहीं है। कंपनियां ऐसे युवाओं की तलाश करती हैं, जिनके पास व्यावहारिक ज्ञान, तकनीकी दक्षता, टीमवर्क, समस्या समाधान क्षमता और प्रोफेशनल एटीट्यूड हो। OJT इन सभी पहलुओं को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है। यही कारण है कि श्रीनाथ यूनिवर्सिटी इस मॉडल को अपने प्रशिक्षण ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रही है।
वास्तविक औद्योगिक वातावरण में सीखने का मिलेगा अवसर
Srinath विश्वविद्यालय प्रबंधन के अनुसार, चयनित छात्रों को कंपनियों में ऐसा प्रशिक्षण दिया जाएगा, जहां वे वास्तविक औद्योगिक वातावरण में काम करेंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि छात्र सिर्फ सिद्धांत नहीं, बल्कि वास्तविक उत्पादन प्रक्रिया, मशीन संचालन, गुणवत्ता नियंत्रण, कार्य अनुशासन, सुरक्षा मानकों और टीम आधारित कामकाज को भी नजदीक से समझ सकेंगे।
जब छात्र किसी इंडस्ट्री में सीधे काम करते हैं, तो उन्हें यह भी पता चलता है कि कक्षा में पढ़ाई गई चीजें वास्तविक जीवन में कैसे लागू होती हैं। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे नौकरी के लिए पहले से कहीं अधिक तैयार हो जाते हैं।
तकनीकी कौशल, व्यावहारिक ज्ञान और पेशेवर दक्षता में होगा सुधार
OJT का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह छात्रों के तकनीकी कौशल, व्यावहारिक ज्ञान और पेशेवर दक्षता को एक साथ विकसित करता है। मशीनों, प्रोडक्शन सिस्टम, मेंटेनेंस, गुणवत्ता जांच, रिपोर्टिंग, कार्य योजना और समय प्रबंधन जैसे कई पहलुओं को छात्र प्रशिक्षण के दौरान व्यावहारिक रूप से सीखते हैं।
इसके अलावा, कंपनियों में काम करने का अनुभव छात्रों को प्रोफेशनल कम्युनिकेशन, कार्यस्थल के व्यवहार, टीम कोऑर्डिनेशन और समस्या समाधान की क्षमता भी सिखाता है। यही वे गुण हैं जो किसी भी छात्र को केवल “डिग्री होल्डर” से आगे बढ़ाकर “इंडस्ट्री-रेडी प्रोफेशनल” बनाते हैं।

सैद्धांतिक ज्ञान और उद्योग की जरूरतों के बीच की दूरी होगी कम
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग सैद्धांतिक ज्ञान और उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं के बीच की दूरी को कम करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। अक्सर देखा जाता है कि छात्र कक्षा में पढ़ाई तो कर लेते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता कि इंडस्ट्री में उन्हीं विषयों का उपयोग किस तरह होता है। OJT इस गैप को खत्म करने का काम करती है।
जब छात्र सीधे कंपनियों में जाकर सीखते हैं, तो वे यह समझ पाते हैं कि उद्योग किस तरह की तकनीकी समझ, कार्यक्षमता और व्यवहारिक कौशल की अपेक्षा करता है। यही समझ आगे चलकर उन्हें बेहतर नौकरी, तेज करियर ग्रोथ और अधिक आत्मविश्वास दिलाने में मदद करती है।
अनुभवी विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और प्रोफेशनल नेटवर्किंग का अवसर
इस प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को केवल तकनीकी अनुभव ही नहीं मिलेगा, बल्कि उन्हें अनुभवी विशेषज्ञों का मार्गदर्शन भी मिलेगा। उद्योग में वर्षों से काम कर रहे प्रोफेशनल्स के साथ काम करना छात्रों के लिए सीखने का बड़ा अवसर होता है। वे उनसे काम करने के तरीके, चुनौतियों से निपटने की रणनीति, करियर विकास और प्रोफेशनल व्यवहार जैसी कई महत्वपूर्ण बातें सीख सकते हैं।

इसके साथ ही OJT छात्रों के लिए प्रोफेशनल नेटवर्किंग का भी अवसर बनती है। जब छात्र उद्योग के लोगों, टीम लीडर्स, इंजीनियरों और प्रबंधकों के साथ काम करते हैं, तो उनका एक ऐसा नेटवर्क बनता है, जो आगे चलकर नौकरी, करियर सलाह और नए अवसरों के रूप में उनके काम आ सकता है।
चयनित छात्रों को मिले Letter of Intent, बढ़ा उत्साह
भर्ती प्रक्रिया के सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद चयनित छात्रों को संबंधित कंपनियों की ओर से Letter of Intent (LOI) भी प्रदान किए गए। यह छात्रों के लिए बेहद खास पल रहा, क्योंकि LOI यह दर्शाता है कि उन्हें औपचारिक रूप से प्रशिक्षण के लिए चुना गया है और अब वे अपने करियर के एक नए चरण में प्रवेश करने जा रहे हैं।
LOI मिलने से छात्रों और उनके परिवारों में उत्साह बढ़ा है। इससे यह भरोसा भी मजबूत हुआ है कि विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे छात्रों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि करियर की दिशा में ठोस अवसर भी मिल रहे हैं।
सीनियर डायरेक्टर ए.के. शाही ने बताई यूनिवर्सिटी की रणनीति
विश्वविद्यालय के सीनियर डायरेक्टर, ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट सेल, ए.के. शाही ने इस अवसर पर कहा कि श्रीनाथ यूनिवर्सिटी उद्योगों की आवश्यकताओं का पहले से आकलन करती है और उसी के अनुरूप छात्रों को प्रशिक्षण देती है। उन्होंने कहा कि संस्थान के प्रशिक्षण मॉड्यूल पूरी तरह इंडस्ट्री-ओरिएंटेड और रोजगार केंद्रित हैं, यही कारण है कि यहां के छात्रों को बेहतर करियर अवसर लगातार मिल रहे हैं।
उनके अनुसार, विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल छात्रों को डिग्री देना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसा व्यावहारिक और तकनीकी प्रशिक्षण देना है, जिससे वे सीधे उद्योग जगत की जरूरतों के अनुरूप खुद को साबित कर सकें।
आयोजन में प्लेसमेंट सेल और सहयोगी टीम की रही अहम भूमिका
इस सफल आयोजन में विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट सेल और अन्य सहयोगी सदस्यों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। इस अवसर पर एनआईआईटी से अरूप मांझी सहित प्लेसमेंट सेल के मिन्हाज शेख, शंकर, जयाथी, सुबोदीप भद्र, विकास कुमार और शुभम नायक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन और समन्वय में इन सभी ने अहम योगदान दिया।
किसी भी बड़े प्लेसमेंट या OJT ड्राइव की सफलता के पीछे केवल छात्र ही नहीं, बल्कि एक समर्पित टीम का भी बड़ा योगदान होता है, जो कंपनियों से संपर्क, छात्रों की तैयारी, इंटरव्यू समन्वय और दस्तावेजी प्रक्रिया जैसे कई पहलुओं को संभालती है।
Srinath यूनिवर्सिटी के लिए क्यों खास है यह उपलब्धि?
255 से अधिक छात्रों का चयन केवल एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि श्रीनाथ यूनिवर्सिटी ने रोजगारोन्मुख शिक्षा, इंडस्ट्री कनेक्ट और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में मजबूत आधार तैयार कर लिया है। इस तरह की OJT ड्राइव्स छात्रों को आत्मविश्वास देती हैं, विश्वविद्यालय की साख बढ़ाती हैं और आने वाले बैचों के लिए भी नए अवसरों के द्वार खोलती हैं।
यह उपलब्धि इस बात को भी रेखांकित करती है कि यदि विश्वविद्यालय समय की मांग के अनुसार अपने पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण और उद्योग सहयोग को विकसित करें, तो उनके छात्र आसानी से बेहतर करियर अवसर हासिल कर सकते हैं।
श्रीनाथ यूनिवर्सिटी में आयोजित मेगा ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग ड्राइव छात्रों के करियर निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है। Apollo Tyres, Tata Electronics और ASL Motors जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा 255 से अधिक छात्रों का चयन यह दर्शाता है कि विश्वविद्यालय का प्रशिक्षण मॉडल उद्योग की अपेक्षाओं के अनुरूप है। OJT के माध्यम से छात्रों को तकनीकी कौशल, व्यावहारिक अनुभव, पेशेवर मार्गदर्शन और रोजगार की बेहतर संभावनाएं मिलेंगी।
यह पहल न केवल छात्रों के भविष्य को मजबूत करेगी, बल्कि जमशेदपुर की इस यूनिवर्सिटी को रोजगारोन्मुख शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक प्रतिष्ठा दिलाने का काम भी करेगी। आने वाले समय में ऐसी पहलें छात्रों को इंडस्ट्री-रेडी बनाने और उन्हें बेहतर करियर अवसरों से जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाएंगी।


















