
जमशेदपुर: Karim सिटी कॉलेज में याद किए गए डॉ भीमराव अंबेडकर – इतिहास विभाग ने अंबेडकर जयंती पर “बी.आर. अंबेडकर का योगदान और फिलॉसफी” थीम वाला डिपार्टमेंटल सेमिनार आयोजित किया। मुख्य अतिथि डॉ. बी.एन. त्रिपाठी ने संवैधानिक नैतिकता, समानता और सामाजिक न्याय पर जोर दिया। छात्र मो रेहान रजा और आयुष्मान शर्मा ने शानदार प्रेजेंटेशन दिए। Karim सिटी कॉलेज में याद किए गए डॉ भीमराव अंबेडकर – ये कार्यक्रम युवाओं को प्रेरित करता है। आइए, पूरी जानकारी लेते हैं।

सेमिनार का आयोजन अंबेडकर जयंती पर विशेष
Karim सिटी कॉलेज में याद किए गए डॉ भीमराव अंबेडकर – 20 अप्रैल 2026 को इतिहास विभाग ने ये सेमिनार किया। जमशेदपुर के Karim सिटी कॉलेज कोल्हान यूनिवर्सिटी से संबद्ध है, सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय। थीम “बी.आर. अंबेडकर का योगदान और फिलॉसफी” – आज के भारत में उनकी प्रासंगिकता पर फोकस। छात्र-छात्राओं ने भाग लिया, डॉ. कौसर तस्नीम (विभागाध्यक्ष) और डॉ. मोहम्मद शाहनवाज ने संचालन किया।
कॉलेज पहले भी इतिहास सेमिनार करता रहा – “India’s Unsung Freedom Fighters”, “Wild Warriors” जैसे। Karimसिटी कॉलेज में याद किए गए डॉ भीमराव अंबेडकर से युवा सोचने को मजबूर हुए। कार्यक्रम धन्यवाद के साथ समाप्त, सभी को बधाई।
मुख्य अतिथि डॉ. बी.एन. त्रिपाठी का संबोधन
मुख्य अतिथि डॉ. बी.एन. त्रिपाठी ने कहा – अंबेडकर की फिलॉसफी आज भी प्रासंगिक। Karim सिटी कॉलेज में याद किए गए डॉ भीमराव अंबेडकर – उन्होंने डेमोक्रेटिक वैल्यूज मजबूत करने के लिए कॉन्स्टिट्यूशनल मोरैलिटी, इक्वालिटी, सोशल जस्टिस जरूरी बताया। अंबेडकर ने कानून को समानता का रक्षक माना। केंद्र सरकार मजबूत, अल्पसंख्यक सुरक्षा – उनके विचार आज लागू। छात्रों ने ताली बजाई।
डॉ. त्रिपाठी ने “राजनीतिक शक्ति के बिना शिकायतें दूर न होंगी” उद्धृत किया। ये संदेश युवाओं के लिए।
छात्रों के प्रेजेंटेशन गहन विश्लेषण
Karim सिटी कॉलेज में याद किए गए डॉ भीमराव अंबेडकर – मो रेहान रजा और आयुष्मान शर्मा ने शानदार प्रेजेंटेशन दिए। मो रेहान ने संविधान निर्माण, जाति व्यवस्था आलोचना पर बोले। अंबेडकर ने वर्ण-व्यवस्था, अस्पृश्यता का विरोध किया। आयुष्मान ने महिलाओं के अधिकार, इंडस्ट्रियलाइजेशन-सोशल इक्विटी पर। अंबेडकर का इकोनॉमिक विजन – पिछड़ों को न्याय।
“एजुकेट, एजिटेट, ऑर्गेनाइज़” फिलॉसफी पर जोर। शिक्षा लो, आंदोलन करो, संगठित हो। ये सोशल ट्रांसफॉर्मेशन का रोडमैप। प्रेजेंटेशन ऐतिहासिक तथ्यों और आज की जरूरत से जोड़े। ऑडियंस में क्रिटिकल थिंकिंग बढ़ी।
अंबेडकर के प्रमुख योगदान
Karim सिटी कॉलेज में याद किए गए डॉ भीमराव अंबेडकर – उनके योगदान अनगिनत:
- संविधान: भारत का संविधान निर्माता। अनुच्छेद 32 को “संविधान की आत्मा” कहा।
- सामाजिक न्याय: दलित उत्थान, शिक्षा पर जोर। कॉलेज स्थापित किए।
- महिला अधिकार: हिंदू कोड बिल, समान अधिकार।
- अर्थव्यवस्था: राज्य समाजवाद, श्रमिक कल्याण।
- धर्म: बौद्ध धर्म अपनाया, जाति-मुक्त समाज।
ये सेमिनार ने इन्हें याद किया।
अंबेडकर फिलॉसफी आज की प्रासंगिकता
Karim सिटी कॉलेज में याद किए गए डॉ भीमराव अंबेडकर – उनकी फिलॉसफी आज लागू। सामाजिक न्याय के बिना लोकतंत्र अधूरा। जाति अभी भी समस्या। “एजुकेट…” आज युवा आंदोलनों में दिखता। संवैधानिक नैतिकता से भ्रष्टाचार रोके। महिलाओं, पिछड़ों के लिए संघर्ष जारी। सेमिनार ने ऐतिहासिक-वर्तमान जोड़ा।
अंबेडकर ने कहा – कानून समानता का रक्षक। धर्म तार्किक हो। बौद्ध श्रेष्ठ क्योंकि जाति-मुक्त। ये विचार युवाओं को दिशा देते।
Karim सिटी कॉलेज सामाजिक जागरूकता का केंद्र
Karim सिटी कॉलेज सक्रिय। Karim सिटी कॉलेज में याद किए गए डॉ भीमराव अंबेडकर – पहले AI पर सेमिनार, अनलॉक्ड वर्ल्ड वेबिनार। इतिहास विभाग छात्रों को रिसर्च सिखाता। प्राचार्य डॉ. मोहम्मद रेयाज प्रेरित। ऐसे सेमिनार क्रिटिकल थिंकिंग बढ़ाते। जमशेदपुर शिक्षा हब बने।
अंबेडकर जयंती राष्ट्रीय महत्व
14 अप्रैल को जन्मदिन मनाया। Karim सिटी कॉलेज में याद किए गए डॉ भीमराव अंबेडकर – देशभर कार्यक्रम। संविधान दिवस पर भी याद। युवा उनके विचार अपनाएं – समानता, न्याय।
Karim सिटी कॉलेज में याद किए गए डॉ भीमराव अंबेडकर – ये सेमिनार हमें सोचने को मजबूर करता। संविधान निर्माता, समाज सुधारक की फिलॉसफी आज जरूरी। समानता, न्याय अपनाएं। युवा “एजुकेट पर चलें। Karim सिटी कॉलेज को बधाई।









































