मौसममनोरंजनचुनावटेक्नोलॉजीखेलक्राइमजॉबसोशललाइफस्टाइलदेश-विदेशव्यापारमोटिवेशनलमूवीधार्मिकत्योहारInspirationalगजब-दूनिया

रुक्शाना परवीन ने NIT जमशेदपुर में PhD डिफेंस सफलतापूर्वक पूरा किया लिथियम-आयन बैटरी रिसाइक्लिंग में क्रांतिकारी शोध

810c92dedce0cbe5e9d700a4ea327a2e
On: April 20, 2026 8:19 PM
Follow Us:
NIT
---Advertisement---

यहां आपका विज्ञापन लग सकता है!

अपने ब्रांड या सर्विस को हजारों विज़िटर्स तक पहुंचाने का बेहतरीन मौका। टार्गेटेड ऑडियंस और बेहतर विज़िबिलिटी के साथ, इस जगह पर लगाएं अपना ऐड!

Book Now

या कॉल करें: +91-7004699926

B 1

जमशेदपुर: रुक्शाना परवीन ने NIT जमशेदपुर के रसायन विज्ञान विभाग में अपना पीएचडी डिफेंस सफलतापूर्वक पूरा किया। उनका शोध rechargeable batteries, खासकर lithium-ion batteries से मूल्यवान धातुओं की पुनर्प्राप्ति पर केंद्रित है। Dr. Balram Ambade के मार्गदर्शन और Dr. Manis Kumar Jha के सह-मार्गदर्शन में ये काम पूरा हुआ। पर्यावरण संरक्षण और circular economy के लिए ये शोध मील का पत्थर है। आइए, रुक्शाना परवीन ने NIT जमशेदपुर में PhD डिफेंस सफलतापूर्वक पूरा किया की पूरी कहानी जानते हैं।

A 2

रुक्शाना परवीन का शोध बैटरी रिसाइक्लिंग में नई क्रांति

रुक्शाना परवीन ने NIT जमशेदपुर में PhD डिफेंस सफलतापूर्वक पूरा किया – उनका शोध हाइड्रोमेटलर्जिकल प्रक्रिया से critical और non-ferrous metals की recovery पर है। आजकल ई-वेस्ट का पहाड़ बढ़ रहा है। पुरानी lithium-ion batteries में lithium, cobalt, nickel जैसी कीमती धातुएं छिपी हैं। रुक्शाना ने रासायनिक घोलों से इन्हें निकालने की कुशल विधि विकसित की। ये प्रक्रिया 90% से ज्यादा recovery rate देती है, जो पर्यावरण के लिए वरदान है।

लिथियम-आयन बैटरी मोबाइल, EV, लैपटॉप में इस्तेमाल होती हैं। खदानों से नई धातु निकालना महंगा और प्रदूषणकारी। रुक्शाना का तरीका सर्कुलर इकोनॉमी को मजबूत करता है – पुरानी बैटरी से नई बनाएं, कचरा कम करें। उनका PhD डिफेंस आज NIT के रसायन विज्ञान विभाग में हुआ, जहां विशेषज्ञों ने खूब सराहना की। ये शोध CSIR-NML के साथ सहयोग से हुआ, जो जमशेदपुर की ताकत है।

मार्गदर्शकों की भूमिका Dr. Balram Ambade और Dr. Manis Kumar Jha

रुक्शाना परवीन ने NIT जमशेदपुर में PhD डिफेंस सफलतापूर्वक पूरा किया Dr. Balram Ambade, एसोसिएट प्रोफेसर (रसायन विज्ञान विभाग, NIT जमशेदपुर) के नेतृत्व में। डॉ. अंबेडे पर्यावरण विज्ञान, वायु प्रदूषण, माइक्रोप्लास्टिक के विशेषज्ञ हैं। वे दुनिया के टॉप 2% वैज्ञानिकों में शुमार। उनका अनुभव रुक्शाना के शोध को मजबूत दिशा देता है।

सह-मार्गदर्शक Dr. Manis Kumar Jha, मुख्य वैज्ञानिक (CSIR-NML, जमशेदपुर) ने हाइड्रोमेटलर्जी में गहन ज्ञान दिया। NML धातु विज्ञान का केंद्र है, जहां बैटरी रिसाइक्लिंग पर रिसर्च चलता है। दोनों गुरुओं ने रुक्शाना को लैब वर्क, डेटा एनालिसिस, पेपर पब्लिकेशन में ट्रेनिंग दी। PhD के दौरान कई इंटरनेशनल जर्नल में उनके पेपर पब्लिश हुए। ये टीमवर्क की जीत है।

हाइड्रोमेटलर्जिकल प्रक्रिया आसान भाषा में समझें

हाइड्रोमेटलर्जिकल तरीका रसायनों से धातु निकालता है। बैटरी को घोल में डालें, धातुएं घुल जाती हैं। फिर फिल्टर, प्रेसिपिटेशन से शुद्ध cobalt, nickel, lithium मिलता है। पायरोमेटलर्जिकल (उच्च ताप) से बेहतर – कम ऊर्जा, कम प्रदूषण। रुक्शाना ने recovery rate बढ़ाया, लागत घटाई। रुक्शाना परवीन ने NIT जमशेदपुर में PhD डिफेंस सफलतापूर्वक पूरा किया – ये तकनीक इंडस्ट्री के लिए तैयार।

लिथियम-आयन बैटरी रिसाइक्लिंग का महत्व पर्यावरण और अर्थव्यवस्था

रुक्शाना परवीन ने NIT जमशेदपुर में PhD डिफेंस सफलतापूर्वक पूरा किया – उनका शोध समयानुकूल है। भारत में EV क्रांति चल रही। 2030 तक लाखों पुरानी बैटरी। बिना रिसाइक्लिंग के मिट्टी, पानी प्रदूषित। सरकार की बैटरी रिसाइक्लिंग पॉलिसी में ये फिट बैठता। सर्कुलर इकोनॉमी से import कम, export बढ़ेगा।

वैश्विक बाजार: लिथियम की कीमत आसमान छू रही। रिसाइक्लिंग से 95% तक recovery। तेलंगाना में ग्रीनको एनर्जी जैसी कंपनियां हाइड्रो तकनीक इस्तेमाल कर रही। रुक्शाना का काम CSIR-NML को मजबूत करेगा। NIT जमशेदपुर ऐसे शोध से देश को आगे ले जा रहा।

भारत में बैटरी वेस्ट की समस्या

  • उत्पादन: 2026 तक 1.6 लाख टन Li-ion वेस्ट।
  • प्रदूषण: Cobalt लीक से कैंसर, जन्म दोष।
  • आयात: 70% धातु चीन से।
  • रिसाइक्लिंग: अभी 5% ही। रुक्शाना का शोध 90% target।

NIT जमशेदपुर का गौरव रसायन विज्ञान विभाग की उपलब्धियां

NIT जमशेदपुर राष्ट्रीय महत्व का संस्थान। रसायन विज्ञान विभाग पर्यावरण, मटेरियल साइंस में आगे। रुक्शाना परवीन ने NIT जमशेदपुर में PhD डिफेंस सफलतापूर्वक पूरा किया – पहले भी शैलेंद्र कुमार, अबू राशिद जैसे छात्र सफल। विभाग PhD डिफेंस सेमिनार नियमित आयोजित करता। Dr. Ambade M.Tech, PhD कोऑर्डिनेटर। CSIR-NML से टाई-अप मजबूत। जमशेदपुर स्टील सिटी रिसर्च हब बन रहा।

रुक्शाना जैसी महिला शोधार्थी प्रेरणा। STEM में लड़कियां आगे आ रही। उनका सफर ग्रामीण पृष्ठभूमि से PhD तक – संघर्ष की कहानी।

THE NEWS FRAME

रुक्शाना का सफर आगे

रुक्शाना परवीन ने NIT जमशेदपुर में PhD डिफेंस सफलतापूर्वक पूरा किया – अब पोस्ट-डॉक्टोरल या इंडस्ट्री में रोल। CSIR-NML में जॉब, स्टार्टअप शुरू कर सकती। पेटेंट फाइलिंग, स्केल-अप रिसर्च। भारत को बैटरी रिसाइक्लिंग में आत्मनिर्भर बनाएंगी। युवाओं को सलाह – पर्यावरण शोध चुनें।

रुक्शाना परवीन ने NIT जमशेदपुर में PhD डिफेंस सफलतापूर्वक पूरा किया – ये जमशेदपुर का गौरव है। बैटरी रिसाइक्लिंग से पर्यावरण बचेगा, अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। Dr. Ambade, Dr. Jha को धन्यवाद। रुक्शाना जैसी बेटियां देश का भविष्य। युवा शोध करें, STEM चुनें। NIT-NML मॉडल अपनाएं।

WhatsApp Image 2026 05 11 At 11.09.39 AM

और पढ़ें

Bike

लो जी आपकी पुरानी गाड़ी अब हो गई कबाड़, नहीं चलेगी इस पेट्रोल से। क्या E20 और E85 पेट्रोल से आपकी पुरानी गाड़ी कबाड़ हो जाएगी? जानिए पूरी सच्चाई

Untitled Design 31 2

भारत में महंगी हुई LPG गैस घरेलू सिलेंडर ₹60 महंगा मध्य पूर्व युद्ध का असर भारतीय रसोई तक पहुंचा

Untitled Design 30 1

Nigeria में सेना का बड़ा ऑपरेशन 360 बंधकों को सुरक्षित छुड़ाया महिलाओं और बच्चों को मिली नई जिंदगी

Untitled Design 29 1

Kumardungi के एकलव्य विद्यालय चोरी कांड का पुलिस ने किया खुलासा चोरी का सामान बरामद दो आरोपी गिरफ्तार

RBI

Digital Fraud पीड़ितों को मिलेगी राहत: RBI का बड़ा प्रस्ताव, ₹25,000 तक मिलेगा मुआवजा

Untitled Design 26 2

ईरान-America के बीच बढ़ा तनाव संघर्षविराम उल्लंघन के आरोपों से मध्य पूर्व में गहराया संकट होरमुज़ जलडमरूमध्य फिर बना टकराव का केंद्र

Leave a Comment

Link copied