जमशेदपुर; पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड अंतर्गत Kalikapur गांव में ग्राम प्रधान अरिंदम कुमार भकत के आवास पर माता विपत तारिणी की पूजा बड़े ही श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुई। इस धार्मिक आयोजन में गांव के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। विशेष रूप से महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ पूजा-अर्चना में भाग लिया और माता से अपने परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और संकटों से रक्षा की कामना की।
पूजा स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। पूरे परिसर में भक्तिमय माहौल देखने को मिला। सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया था और दिनभर पूजा, भजन-कीर्तन एवं प्रसाद वितरण का कार्यक्रम चलता रहा।
विधि-विधान से संपन्न हुई माता विपत तारिणी की पूजा
इस धार्मिक अनुष्ठान को पुजारी मनोज कुमार कर ने वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ संपन्न कराया। पूजा के दौरान माता विपत तारिणी का विशेष श्रृंगार किया गया तथा भक्तों ने फूल, फल, नारियल, चुनरी और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया।
पूजा के दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने माता की आरती में भाग लिया और पूरे वातावरण में “जय माता विपत तारिणी” के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि माता विपत तारिणी की पूजा करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं तथा परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
महिलाओं की रही विशेष भागीदारी
इस धार्मिक आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता महिलाओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। कलिकापुर गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से आई महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में माता की पूजा-अर्चना की और पूरे श्रद्धा भाव से व्रत एवं अनुष्ठान में भाग लिया।
पूजा के बाद सभी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। महिलाओं ने माता से अपने परिवार की खुशहाली, बच्चों की उन्नति और समाज में सुख-शांति की प्रार्थना की। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और धार्मिक मर्यादा का विशेष ध्यान रखा गया।
समाजसेवी गणेश प्रसाद का ससुराल है कलिकापुर
यह धार्मिक आयोजन इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि झारखंड आंदोलनकारी एवं समाजसेवी गणेश प्रसाद का ससुराल कलिकापुर गांव में ही स्थित है। उनके परिवार की ओर से हर वर्ष धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभाई जाती है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस प्रकार के धार्मिक कार्यक्रम गांव में सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करने का कार्य करते हैं। इससे नई पीढ़ी को भी अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलता है।
श्रद्धालुओं ने लिया माता का आशीर्वाद
पूजा संपन्न होने के बाद श्रद्धालुओं ने माता विपत तारिणी की आरती में भाग लिया और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजन स्थल पर भक्तों के लिए प्रसाद की विशेष व्यवस्था की गई थी। सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर माता के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।

पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्तिमय वातावरण बना रहा और गांव के लोगों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित
इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के कई सम्मानित एवं सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हुए। प्रमुख रूप से उपस्थित लोगों में ग्राम प्रधान अरिंदम कुमार भकत, गणेश प्रसाद, तूलिका भकत, चांदनी भकत, अभिषेक कुमार भकत, पूर्व मुखिया चांदनी माहली, आशीष कुमार गुप्ता, आशुतोशी भकत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।
सभी ने माता विपत तारिणी के चरणों में श्रद्धा अर्पित करते हुए गांव एवं क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
माता विपत तारिणी पूजा का धार्मिक महत्व
माता विपत तारिणी की पूजा विशेष रूप से संकटों से मुक्ति, परिवार की रक्षा और सुख-समृद्धि के लिए की जाती है। मान्यता है कि सच्चे मन से माता की आराधना करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन की कठिनाइयों से मुक्ति मिलती है।
झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा सहित पूर्वी भारत के कई क्षेत्रों में माता विपत तारिणी की पूजा अत्यंत श्रद्धा और विश्वास के साथ की जाती है। इस अवसर पर महिलाएं विशेष व्रत रखकर अपने परिवार की लंबी आयु, सुख-शांति और समृद्धि की कामना करती हैं।
Kalikapur ग्राम प्रधान अरिंदम कुमार भकत के आवास पर आयोजित माता विपत तारिणी की पूजा धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपरा का सुंदर उदाहरण बनी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता, विधि-विधान से संपन्न पूजा और भक्तिमय वातावरण ने पूरे आयोजन को सफल और यादगार बना दिया। ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में प्रेम, भाईचारे और आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देने के साथ-साथ लोगों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं।
















