
जमशेदपुर: जमशेदपुर की टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन (TSAF) की पर्वतारोही Joga पूर्ति ने चीन में चल रही एशियन क्लाइम्बिंग चैम्पियनशिप 2026 में कमाल कर दिया है। उन्होंने महिलाओं की स्पीड क्लाइम्बिंग में शीर्ष 16 में जगह बनाई और आधिकारिक रूप से एशियन गेम्स 2026 के लिए क्वालिफाई कर लिया। यह उपलब्धि न सिर्फ Joga पूर्ति के व्यक्तिगत संघर्ष की कहानी है, बल्कि भारतीय स्पोर्ट्स क्लाइम्बिंग के उज्ज्वल भविष्य का संकेत भी देती है। आइए, इस प्रेरणादायक सफर को विस्तार से जानें।

Joga स्पोर्ट्स क्लाइम्बिंग क्या है? एक नजर
स्पोर्ट्स क्लाइम्बिंग आजकल तेजी से लोकप्रिय हो रहा खेल है, जिसमें पर्वतारोही दीवारों पर चढ़ते हैं। इसमें तीन मुख्य तरह की स्पर्धाएं होती हैं – स्पीड क्लाइम्बिंग, बोल्डरिंग और लीड क्लाइम्बिंग। स्पीड क्लाइम्बिंग में सबसे तेज समय में 10-15 मीटर की ऊंचाई चढ़नी होती है, जो Joga पूर्ति की स्पेशलिटी है। यह खेल 2020 टोक्यो ओलंपिक में डेब्यू कर चुका है और अब एशियन गेम्स में भी प्रमुख स्थान पा रहा है। भारत में TSAF जैसे संगठन इसे बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे युवा पीढ़ी इसमें रुचि ले रही है।
Joga पूर्ति की यह सफलता बताती है कि सही ट्रेनिंग और समर्पण से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। वर्ल्ड क्लाइम्बिंग के आंकड़ों के मुताबिक, शीर्ष 16 में जगह बनाना ही एशियन गेम्स के लिए टिकट है।
Joga पूर्ति का सफर संघर्ष से सफलता तक
Joga पूर्ति जमशेदपुर की बेटी हैं, जिन्होंने TSAF के मार्गदर्शन में क्लाइम्बिंग की दुनिया में कदम रखा। शुरू में यह खेल उनके लिए एक शौक था, लेकिन TSAF की व्यवस्थित ट्रेनिंग ने उन्हें प्रोफेशनल बना दिया। चीन में एशियन क्लाइम्बिंग चैम्पियनशिप 2026 के दौरान उन्होंने महिलाओं की स्पीड क्लाइम्बिंग में जबरदस्त प्रदर्शन किया। सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई करते हुए उन्होंने अपना बेस्ट टाइम रिकॉर्ड किया, जो एशियन गेम्स 2026 का सीधा प्रवेश पत्र है।
कल्पना कीजिए, एक लड़की जो छोटे शहर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का झंडा लहरा रही है। TSAF ने उन्हें आधुनिक जिम, कोचिंग और इंटरनेशनल एक्सपोजर दिया। इससे पहले एशियन गेम्स 2022 में भी TSAF के दो पर्वतारोहियों ने क्वालिफाई किया था, जो फाउंडेशन की लगातार मेहनत का नतीजा है। जोगा पूर्ति अब चैम्पियनशिप में शीर्ष 16 के मुकाबलों में उतरेंगी, और हम सब उनकी जीत की दुआ कर रहे हैं।

TSAF की भूमिका खिलाड़ियों का निर्माण
टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन (TSAF) सिर्फ एक संगठन नहीं, बल्कि सपनों का प्लेटफॉर्म है। यह 1990 के दशक से एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा दे रहा है। Joga पूर्ति के अलावा अमन और अनीशा जैसे युवा भी एशियन गेम्स 2026 के लिए दौड़ में हैं। TSAF उच्च प्रदर्शन वाले खिलाड़ियों को ट्रेनिंग, न्यूट्रिशन और मेंटल कोचिंग देता है। उनका मंत्र है – “भारत को विश्व पटल पर चमकाना”।
इस फाउंडेशन ने स्पोर्ट्स क्लाइम्बिंग को ग्रामीण और छोटे शहरों तक पहुंचाया। उदाहरण के तौर पर, जमशेदपुर में उनके ट्रेनिंग सेंटर में सैकड़ों बच्चे रोजाना प्रैक्टिस करते हैं। Joga पूर्ति की सफलता TSAF की इस प्रतिबद्धता का जीता-जागता प्रमाण है।

एशियन गेम्स 2026 भारत की मजबूत दावेदारी
एशियन गेम्स 2026 एशिया का सबसे बड़ा मल्टी-स्पोर्ट इवेंट होगा, जहां स्पोर्ट्स क्लाइम्बिंग नया आकर्षण बनेगा। Joga पूर्ति की क्वालिफिकेशन से भारत की टीम मजबूत हो गई है। अमन और अनीशा भी सेमीफाइनल के करीब हैं, जो भारतीय क्लाइम्बिंग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
पिछले एशियन गेम्स 2022 हांगझोउ में भारत ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था। अब एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड की उम्मीदें हैं। यह सफलता न सिर्फ मेडल्स लाएगी, बल्कि युवाओं को प्रेरित करेगी। सरकार और कॉर्पोरेट्स जैसे TSAF को ऐसे प्रयासों के लिए सपोर्ट करना चाहिए।
Joga क्लाइम्बिंग में भारत का भविष्य
भारत में स्पोर्ट्स क्लाइम्बिंग का विकास तेजी से हो रहा है। IFSC (इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ स्पोर्ट क्लाइम्बिंग) के अनुसार, एशिया में भारत टॉप 10 देशों में शामिल हो रहा है। TSAF जैसे संस्थान आउटडोर और इंडोर क्लाइम्बिंग वॉल्स बना रहे हैं। Joga पूर्ति जैसी स्टोरीज से लड़कियां भी इस खेल में आ रही हैं। भविष्य में ओलंपिक मेडल्स की भी संभावना है।

चुनौतियां और समाधान क्लाइम्बिंग के रास्ते में रोड़े
हर सफलता के पीछे चुनौतियां होती हैं। Joga पूर्ति को मौसम, चोटों और फंडिंग की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। चीन जैसे देशों में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर है, लेकिन TSAF ने इसे पार किया। भारत में क्लाइम्बिंग को प्रमोट करने के लिए:
- अधिक ट्रेनिंग सेंटर्स बनाएं।
- स्कूलों में इसे शामिल करें।
- स्पॉन्सरशिप बढ़ाएं।
TSAF इन दिशाओं में काम कर रहा है, जिससे एशियन गेम्स 2026 में भारत चमकेगा।
Joga पूर्ति की यह उपलब्धि भारतीय स्पोर्ट्स क्लाइम्बिंग में मील का पत्थर है। TSAF की मेहनत से भारत एशियन गेम्स 2026 में धमाल मचाएगा। यह हमें सिखाती है कि सपने देखो और मेहनत करो। युवाओं से अपील है – क्लाइम्बिंग आजमाओ, TSAF जैसे प्लेटफॉर्म जॉइन करो।










































