
Jamshedpur: खासमहल स्थित जगन्नाथ मंदिर को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है। रेलवे द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की तैयारी की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग मंदिर परिसर के पास जुट गए। लोगों का आरोप है कि मंदिर के नाम पर बार-बार कार्रवाई की कोशिश की जा रही है, जबकि आसपास मौजूद अन्य अतिक्रमणों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।

श्रद्धालुओं में नाराजगी
मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि मंदिर आस्था का केंद्र है और यहां आने वाले भक्तों को बार-बार परेशान किया जा रहा है। उनका कहना है कि रेलवे की टीम कई बार नोटिस देकर लौट चुकी है, जिससे श्रद्धालुओं में असमंजस और नाराजगी का माहौल है। लोगों ने मांग की कि अगर रेलवे को अतिक्रमण हटाना ही है तो पहले आसपास फैले अवैध कब्जों पर कार्रवाई करे।
पहले भी हो चुका है विरोध
यह पहला मौका नहीं है जब इस मंदिर को लेकर विवाद सामने आया हो। इससे पहले भी रेलवे द्वारा दीवार हटाने का नोटिस जारी किया गया था, लेकिन स्थानीय विरोध और जनभावनाओं को देखते हुए नोटिस वापस लेना पड़ा था। उस समय भी कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने इसका विरोध किया था।
रेलवे का पक्ष
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य सुरक्षा और रेलवे भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना है। अधिकारियों के अनुसार कुछ निर्माण रेलवे क्षेत्र में आ रहे हैं, जिसके कारण कार्रवाई की जा रही है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर की सुरक्षा के लिए बनाई गई संरचनाओं को गलत तरीके से अतिक्रमण बताया जा रहा है।
इलाके में तनाव का माहौल
मंदिर परिसर के आसपास भारी संख्या में लोग जुटने से इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। स्थिति को देखते हुए पुलिस और सुरक्षा बलों को भी तैनात किया गया। फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।
लोगों की मांग
स्थानीय श्रद्धालुओं और मंदिर समिति का कहना है कि धार्मिक स्थलों को लेकर संवेदनशीलता बरती जानी चाहिए। उनका कहना है कि रेलवे और प्रशासन को बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए ताकि किसी की धार्मिक भावनाएं आहत न हों।










