
जमशेदपुर : गैर सरकारी शिक्षक संघ सह समाजसेवी संस्था IPTA (इंडिपेंडेंट प्राइवेट टीचर्स एसोसिएशन) का 26वां स्थापना दिवस समारोह आगामी 26 मई 2026 को मानगो डिमना रोड स्थित सभागार में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर संस्था की वार्षिक पत्रिका “IPTA-संदेश” का 26वां संस्करण भी प्रकाशित किया जाएगा। संस्था के पदाधिकारियों ने इसे “महासंयोग” बताते हुए कहा कि स्थापना दिवस और पत्रिका के 26वें संस्करण का एक ही दिन आयोजित होना संस्था के लिए गौरव का विषय है।

इस संबंध में 24 मई को आयोजित प्रेस वार्ता में संस्था के संस्थापक सह राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ परमानन्द मोदी ने कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि IPTA की स्थापना देशभर के निजी शिक्षकों के हितों की रक्षा और उनकी आवाज़ को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई थी। पिछले 26 वर्षों से संस्था लगातार निजी शिक्षकों की समस्याओं को सरकार और समाज के सामने उठाती रही है।
डॉ मोदी ने कहा कि देश के निर्माण में निजी शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। निजी विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में कार्यरत शिक्षक समाज की नई पीढ़ी को तैयार करते हैं और देश के हर क्षेत्र के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भागीदारी होती है। इसके बावजूद आज भी निजी शिक्षकों की स्थिति काफी चिंताजनक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट शिक्षक दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन उन्हें उचित वेतन, सामाजिक सुरक्षा और सम्मान नहीं मिल पाता है।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से अपील करते हुए कहा कि निजी शिक्षकों के लिए संविधान के तहत एक विशेष एक्ट बनाया जाए, जिससे उनके रोजगार, वेतन, सामाजिक सुरक्षा और परिवार के पालन-पोषण की व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि निजी शिक्षकों की समस्याएं किसी से छिपी नहीं हैं। कई शिक्षक आर्थिक संकट, अस्थिर नौकरी और भविष्य की असुरक्षा के बीच काम करने को मजबूर हैं। ऐसे में सरकार को इस दिशा में गंभीर पहल करनी चाहिए।
संस्था द्वारा आयोजित स्थापना दिवस समारोह में कई विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम में पश्चिमी जमशेदपुर के विधायक सरयू राय मुख्य रूप से उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा शिक्षा विद डी.पी. शुक्ला, पूर्वी घोष और विजेंद्र कुमार भी कार्यक्रम में शामिल होकर अपने विचार रखेंगे।
प्रेस वार्ता में IPTA के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। इनमें राष्ट्रीय उपदेशक रणजीत श्रीवास्तव, पूर्वी सिंहभूम जिला संयोजक डीएस ठाकुर, IPTA अध्यक्ष पीएन मोदी तथा राष्ट्रीय सचिव आरबी निराला प्रमुख रूप से शामिल हुए। सभी पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से कहा कि संस्था आने वाले समय में निजी शिक्षकों के अधिकारों की लड़ाई को और मजबूत तरीके से आगे बढ़ाएगी।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों की समस्याओं, शिक्षा व्यवस्था में निजी शिक्षकों की भूमिका तथा उनके अधिकारों को लेकर विशेष चर्चा भी आयोजित की जाएगी। साथ ही “IPTA-संदेश” पत्रिका में शिक्षा, सामाजिक सरोकार और शिक्षकों के संघर्ष से जुड़े कई महत्वपूर्ण लेख प्रकाशित किए जाएंगे।
संस्था के पदाधिकारियों ने अधिक से अधिक शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि यह केवल एक स्थापना दिवस समारोह नहीं, बल्कि निजी शिक्षकों की आवाज़ को मजबूत करने का एक बड़ा मंच है।











































