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InnovEST-2026 सम्मेलन का शानदार समापन सतत बदलावों के लिए इंजीनियरिंग में नवाचार

On: April 4, 2026 11:05 PM
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जमशेदपुर: एनआईटी जमशेदपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग ने हाल ही में ‘सतत बदलावों के लिए इंजीनियरिंग में नवाचार’ (InnovEST-2026) पर एक भव्य अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का सफल समापन किया। यह कार्यक्रम शोधकर्ताओं, छात्रों और उद्योग विशेषज्ञों के लिए सतत विकास के नए आयाम खोलने वाला साबित हुआ।

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आज के दौर में पर्यावरणीय चुनौतियां और तकनीकी प्रगति के बीच संतुलन बनाना बेहद जरूरी है। InnovEST-2026 ने इसी पर फोकस किया, जहां सतत बदलावों के लिए इंजीनियरिंग में नवाचार को प्रमुखता दी गई। इस ब्लॉग में हम इस सम्मेलन की गहराई से चर्चा करेंगे, ताकि आप भी प्रेरित हो सकें।

InnovEST-2026 सम्मेलन का शुभारंभ और उद्देश्य

InnovEST-2026 का आयोजन एनआईटी जमशेदपुर के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा किया गया, जो दो दिवसीय था। इसका मुख्य उद्देश्य यांत्रिक इंजीनियरिंग में नवाचार को बढ़ावा देना था, खासकर सतत विकास के क्षेत्र में। लगभग 300 शोध पत्रों में से 170 को चुना गया, जिन पर गहन चर्चा हुई। 35 प्रतिभागी ऑफलाइन और 115 ऑनलाइन जुड़े, जो इसकी व्यापक अपील को दर्शाता है।

यह सम्मेलन सतत बदलावों के लिए इंजीनियरिंग में नवाचार के महत्व को रेखांकित करता है। आज जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा संकट और संसाधन कमी जैसी वैश्विक समस्याओं का सामना करने के लिए इंजीनियर्स को नए समाधान खोजने पड़ रहे हैं। एनआईटी जमशेदपुर ने इस मंच के जरिए अंतर्विषयक सहयोग को प्रोत्साहित किया।

प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति और संबोधन

समापन सत्र में कई गणमान्य व्यक्तियों ने शिरकत की। निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने अपने संबोधन में सततता की वैश्विक चुनौतियों पर इंजीनियरिंग नवाचारों की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं को व्यावहारिक और पर्यावरण-अनुकूल समाधानों पर फोकस करने को कहा।

उप निदेशक प्रो. आर. वी. शर्मा ने आयोजन समिति की तारीफ की और इसे ज्ञान आदान-प्रदान का बेहतरीन प्लेटफॉर्म बताया। डीन (शैक्षणिक) प्रो. एम. के. सिन्हा ने शोध प्रस्तुतियों की गुणवत्ता की सराहना की। रजिस्ट्रार प्रो. एस. के. सारंगी ने कार्यक्रम के सुचारू संचालन पर संतोष जताया। मैकेनिकल विभागाध्यक्ष डॉ. परमानंद कुमार ने प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी की प्रशंसा की।

इन नेताओं की मौजूदगी ने सतत बदलावों के लिए इंजीनियरिंग में नवाचार के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को मजबूत किया। उनके विचारों ने प्रतिभागियों को नई दिशा दी।

मुख्य चर्चा विषय और शोध प्रस्तुतियां

सम्मेलन में सतत इंजीनियरिंग के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श हुआ। प्रस्तुतियों ने पर्यावरण-अनुकूल सामग्रियों, ऊर्जा दक्षता और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग जैसे विषयों को छुआ। मुख्य वक्ताओं और सत्र अध्यक्षों ने भविष्य की तकनीकों पर अंतर्दृष्टि दी।

सतत विकास के लिए नवीन तकनीकें

  • हरित ऊर्जा समाधान: सौर और पवन ऊर्जा में नवाचार पर फोकस।
  • उन्नत सामग्रियां: बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक और रिसाइकलिंग तकनीकें।
  • एआई और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन: इंजीनियरिंग प्रक्रियाओं को सतत बनाने में इनकी भूमिका।

ये चर्चाएं दिखाती हैं कि सतत बदलावों के लिए इंजीनियरिंग में नवाचार कैसे व्यावहारिक रूप से लागू हो सकता है। छात्रों ने भी सक्रिय योगदान दिया, जो भविष्य की पीढ़ी के लिए सकारात्मक संकेत है।

आयोजन समिति का योगदान

आयोजन सचिवों डॉ. आर. के. गौड़ा, डॉ. ए. के. पटेल, डॉ. एस. के. झा, डॉ. ए. के. रे, डॉ. एस. के. एस. सुधांशु और डॉ. अभिषेक शर्मा ने उत्कृष्ट कार्य किया। उनकी योजना ने सभी सत्रों को सुचारू बनाया। ऐसे समर्पित प्रयास ही बड़े कार्यक्रमों को सफल बनाते हैं।

एनआईटी जमशेदपुर: एक नजर

एनआईटी जमशेदपुर 1960 में स्थापित एक प्रतिष्ठित संस्थान है। यहां मैकेनिकल इंजीनियरिंग सहित कई ब्रांचों में बीटेक, एमटेक और पीएचडी कोर्स चलते हैं। मैकेनिकल विभाग Foundry Engineering, Manufacturing Systems जैसे स्पेशलाइजेशन प्रदान करता है। यह संस्थान उद्योग-उन्मुख शिक्षा पर जोर देता है।

विभाग की विशेषताएं

विशेषताविवरण
कोर्सबीटेक, एमटेक, पीएचडी
फोकस क्षेत्रसतत इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग
सुविधाएंआधुनिक लैब्स, रिसर्च सेंटर
प्लेसमेंटटाटा, सुपरलैप्स जैसे कंपनियां

यह तालिका एनआईटी के मजबूत आधार को दर्शाती है।

सतत इंजीनियरिंग का भविष्य

वैश्विक स्तर पर सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को हासिल करने के लिए इंजीनियरिंग नवाचार जरूरी हैं। भारत जैसे विकासशील देश में यह और भी महत्वपूर्ण है। InnovEST-2026 जैसे कार्यक्रम विज्ञान-प्रौद्योगिकी को सतत विकास से जोड़ते हैं।

चुनौतियां और समाधान

  • चुनौती: जलवायु परिवर्तन – समाधान: रिन्यूएबल एनर्जी इनोवेशन।
  • चुनौती: संसाधन कमी – समाधान: सर्कुलर इकोनॉमी मॉडल।
  • चुनौती: प्रदूषण – समाधान: ग्रीन मैन्युफैक्चरिंग।

ये उदाहरण दिखाते हैं कि सतत बदलावों के लिए इंजीनियरिंग में नवाचार कैसे क्रांति ला सकता है।

InnovEST-2026 छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणा

यदि आप इंजीनियरिंग छात्र हैं, तो ऐसे सम्मेलनों में भाग लें। यह नेटवर्किंग, नए आइडियाज और करियर ग्रोथ के अवसर प्रदान करते हैं। एनआईटी जमशेदपुर जैसे संस्थान युवाओं को प्रोत्साहित कर रहे हैं।

InnovEST-2026 सतत बदलावों के लिए इंजीनियरिंग में नवाचार का प्रतीक बन गया। इसने सहयोग, ज्ञान और प्रगति का संदेश दिया। एनआईटी जमशेदपुर की यह पहल भविष्य के लिए प्रेरणा स्रोत है। आइए, हम सब मिलकर सतत भारत निर्माण में योगदान दें!

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