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पर्व-त्योहारों को लेकर हाई अलर्ट: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की बड़ी बैठक

On: March 19, 2026 9:55 PM
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रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने ईद, सरहुल और रामनवमी जैसे महत्वपूर्ण पर्वों के मद्देनज़र राज्य में विधि-व्यवस्था की स्थिति को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री आवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के उपायुक्त (DC) और वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक (SSP/SP) से सीधे संवाद कर तैयारियों का विस्तृत जायजा लिया गया।

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अशांति फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अशांति, हिंसा या उपद्रव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विधि-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले तत्वों की पहचान पहले से की जाए और उन पर कड़ी निगरानी रखी जाए। यदि कोई व्यक्ति या समूह माहौल बिगाड़ने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाए। प्रशासन को चौबीसों घंटे अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जा सके।

शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की सामाजिक संरचना विविधताओं से भरी है और यहां सभी समुदाय मिल-जुलकर पर्व-त्योहार मनाते हैं। इस परंपरा को बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी त्योहार आपसी सद्भाव, भाईचारे और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हों। किसी भी प्रकार का तनाव या विवाद उत्पन्न न हो, इसके लिए जिला प्रशासन को स्थानीय स्तर पर सक्रिय भूमिका निभानी होगी और सभी समुदायों से संवाद बनाए रखना होगा।

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सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक निर्देश

मुख्यमंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिलों में पर्याप्त संख्या में पुलिस बलों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही इंटेलिजेंस तंत्र को मजबूत करते हुए इंफॉर्मर नेटवर्क को सक्रिय किया जाए, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी समय पर प्रशासन तक पहुंच सके। सुरक्षा में तैनात जवानों को पूरी तरह सतर्क रहने और संवेदनशील स्थानों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

संवेदनशील क्षेत्रों और धार्मिक स्थलों पर विशेष निगरानी

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों को संवेदनशील के रूप में चिन्हित किया गया है, वहां अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जाए। धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष सतर्कता बरती जाए और वहां किसी भी प्रकार की गतिविधि पर नजर रखी जाए जिससे शांति भंग होने की आशंका हो। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन स्थानीय समुदायों के साथ समन्वय बनाकर काम करे ताकि किसी भी स्थिति को मिलकर संभाला जा सके।

जुलूस और शोभायात्रा के लिए विशेष प्रबंधन

त्योहारों के दौरान निकलने वाली शोभायात्राओं और जुलूसों को लेकर मुख्यमंत्री ने विस्तृत निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जुलूस मार्ग का पहले से भौतिक सत्यापन किया जाए और वहां सुरक्षा के सभी इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। भीड़भाड़ वाले इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जाए और वहां अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए। साथ ही, जुलूस के दौरान होने वाली हर गतिविधि पर प्रशासन की नजर बनी रहनी चाहिए।

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भड़काऊ और उत्तेजक गानों पर पूर्ण प्रतिबंध

मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिया कि किसी भी शोभायात्रा या जुलूस में भड़काऊ, उत्तेजक या विवादित गाने नहीं बजने चाहिए। इसके लिए जिला प्रशासन को पूजा समितियों और अखाड़ों के साथ समन्वय स्थापित कर उन्हें पूर्व स्वीकृत और प्री-रिकॉर्डेड गानों की व्यवस्था उपलब्ध कराने को कहा गया। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी तरह की सामग्री से सामाजिक तनाव उत्पन्न न हो।

सभी गतिविधियों का दस्तावेजीकरण अनिवार्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों के दौरान निकलने वाली शोभायात्राओं और जुलूसों की सभी गतिविधियों का विस्तृत दस्तावेजीकरण किया जाए। इसके अंतर्गत वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी और अन्य रिकॉर्डिंग शामिल होंगी। इससे भविष्य में सुरक्षा रणनीति बनाने और किसी भी घटना की समीक्षा करने में प्रशासन को मदद मिलेगी।

सोशल मीडिया और अफवाहों पर कड़ी नजर

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कई बार अफवाहें सोशल मीडिया के माध्यम से तेजी से फैलती हैं और इससे माहौल बिगड़ सकता है। ऐसे में प्रशासन को सक्रिय रहकर अफवाह फैलाने वालों की पहचान करनी होगी और उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी होगी। साइबर मॉनिटरिंग को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।

महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी जुलूस और आयोजनों में शामिल होते हैं। इसलिए उनकी सुरक्षा और सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं। किसी भी आपात स्थिति में उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए पूर्व से ही योजना तैयार रखी जाए और सुरक्षा बलों को इस दिशा में प्रशिक्षित किया जाए।

सेफ जोन और आपातकालीन व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जुलूस मार्ग में विभिन्न स्थानों पर सेफ जोन बनाए जाएं, जहां किसी भी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित रखा जा सके। इसके साथ ही फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस, दंगा नियंत्रण वाहन और वॉटर कैनन जैसे सभी आवश्यक संसाधनों को तैयार रखा जाए, ताकि किसी भी स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

आधुनिक तकनीक से निगरानी

उन्होंने कहा कि संवेदनशील स्थानों और जुलूस मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और पूरी गतिविधि की निगरानी की जाए। इसके साथ ही ड्रोन के माध्यम से एरियल सर्विलांस की व्यवस्था की जाए ताकि बड़े क्षेत्रों पर नजर रखी जा सके और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पहचान तुरंत हो सके।

अन्य महत्वपूर्ण निर्देश

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि जुलूस मार्ग पर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम की व्यवस्था हो। हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार झंडों की लंबाई का पालन सुनिश्चित किया जाए। सभी जिला प्रशासन को यह भी कहा गया कि वे स्थानीय स्तर पर सभी समुदायों के साथ संवाद बनाए रखें और किसी भी समस्या का समाधान तुरंत करें।

मुख्यमंत्री की इस उच्च स्तरीय बैठक से यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार आगामी त्योहारों को लेकर पूरी तरह गंभीर है। प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि शांति, सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। अब यह जिम्मेदारी जिला प्रशासन और पुलिस तंत्र पर है कि वे इन निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करें और राज्य में सभी त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराएं।

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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