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Jharkhand में स्वास्थ्य सेवाएं अनफिट, 108 एंबुलेंस कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल

On: May 5, 2026 5:55 PM
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रांची, झारखंड: Jharkhand राज्य में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली 108 एंबुलेंस सेवा इन दिनों गंभीर संकट से गुजर रही है। वेतन भुगतान में देरी से नाराज़ कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है, जिसके चलते मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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वेतन नहीं मिलने से भड़का आक्रोश

बताया जा रहा है कि एंबुलेंस कर्मियों को पिछले दो महीनों का वेतन नहीं मिला है। इसी के विरोध में उन्होंने हड़ताल का रास्ता अपनाया। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार काम करने के बावजूद उन्हें समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

Jharkhand राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित

हड़ताल का असर सिर्फ राजधानी रांची ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड में देखने को मिल रहा है। कई जगहों पर मरीजों को समय पर एंबुलेंस नहीं मिल पा रही है, जिसके कारण उन्हें निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे गंभीर मरीजों की स्थिति और भी खराब हो रही है।

कर्मचारियों की मुख्य मांगें

हड़ताल पर बैठे कर्मियों ने अपनी कई मांगें रखी हैं, जिनमें प्रमुख हैं—

  • बकाया वेतन का तत्काल भुगतान
  • पीएफ और ईएसआई जैसी सुविधाओं का लागू होना
  • सभी कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र
  • महंगाई के अनुसार वेतन में बढ़ोतरी

कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें कम वेतन दिया जाता है और कई बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित रखा गया है।

प्रबंधन का पक्ष

सेवा संचालित करने वाली संस्था ने वेतन में देरी के लिए सरकारी फंड में देरी को जिम्मेदार बताया है। प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील भी की गई, लेकिन कर्मचारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनके खाते में वेतन नहीं आएगा, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे।

आम जनता पर सीधा असर

इस हड़ताल का सबसे ज्यादा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस न मिलने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

झारखंड में 108 एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल ने स्वास्थ्य व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। एक ओर कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तो दूसरी ओर आम जनता इसकी कीमत चुका रही है। अब नजर सरकार और प्रबंधन पर है कि वे इस संकट का समाधान कितनी जल्दी निकालते हैं।

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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