
जमशेदपुर: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर के यांत्रिक अभियांत्रिकी विभाग ने आज इतिहास रच दिया। Innovest 2026 सम्मेलन का सफल उद्घाटन 3 अप्रैल 2026 को हो गया, जो यांत्रिक इंजीनियरिंग में सतत परिवर्तनों के लिए नवाचारों पर केंद्रित है। मुख्य अतिथि आईआईटी पटना के निदेशक प्रो. टी.एन. सिंह की मौजूदगी में यह दो दिवसीय आयोजन शुरू हुआ, जिसमें शिक्षाविद, शोधकर्ता और छात्रों ने उत्साह से हिस्सा लिया। यह सम्मेलन न सिर्फ अनुसंधान को बढ़ावा देगा, बल्कि भारत को तकनीकी महाशक्ति बनाने में योगदान देगा। आइए, जानते हैं इसकी पूरी कहानी और महत्व को विस्तार से।

Innovest 2026 सम्मेलन क्या है और क्यों खास?
Innovest 2026 यानी Innovations in Engineering for Sustainable Transformations एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन है, जो एनआईटी जमशेदपुर के यांत्रिक अभियांत्रिकी विभाग द्वारा आयोजित किया जा रहा है। यह पहला संस्करण 3-4 अप्रैल 2026 को चल रहा है, जिसमें सस्टेनेबल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नई खोजों पर फोकस है। सम्मेलन का उद्देश्य शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों और छात्रों को एक मंच देना है, जहां वे विचार साझा कर सकें।
दोस्तों, आज के दौर में जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा संकट के बीच सस्टेनेबल ट्रांसफॉर्मेशन्स जरूरी हैं। इस सम्मेलन में 300 से ज्यादा शोध पत्र आए, जिनमें से 170 का चयन हुआ। लगभग 35 लोग ऑफलाइन और 115 ऑनलाइन जुड़े। यह आयोजन एनआईटी को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाएगा। विभागाध्यक्ष डॉ. परमानंद कुमार ने स्वागत भाषण में कहा कि यह मंच नवीन शोध प्रस्तुत करने का सुनहरा अवसर है।
भारत जैसे विकासशील देश में यांत्रिक इंजीनियरिंग का योगदान अहम है। यह सम्मेलन उद्योग-अकादमी सहयोग को बढ़ावा देगा, जो वास्तविक समस्याओं का हल निकालेगा। जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर में यह आयोजन स्थानीय विकास को नई गति देगा।

उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि और वक्तव्य: प्रेरणा के पल
उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि प्रो. टी.एन. सिंह, निदेशक आईआईटी पटना ने अपने वक्तव्य से सबको प्रेरित किया। उन्होंने अंतःविषयक अनुसंधान पर जोर दिया और कहा कि उद्योगोन्मुख नवाचार ही भविष्य है। अकादमिक संस्थानों और उद्योग के बीच सहयोग से तकनीकी प्रगति तेज होगी।
मुख्य संरक्षक प्रो. गौतम सुत्रधार, निदेशक एनआईटी जमशेदपुर ने विभाग की सराहना की। उन्होंने कहा कि Innovest 2026 जैसे आयोजन संस्थान को अग्रणी बनाते हैं। अनुसंधान उत्कृष्टता, वैश्विक सहयोग और नवाचार-आधारित शिक्षा पर बल दिया। प्रतिभागियों को सक्रिय भागीदारी की सलाह दी।
अन्य प्रमुख वक्ता
- प्रो. आर.वी. शर्मा, उप-निदेशक: गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान और नैतिकता पर जोर।
- प्रो. एम.के. सिन्हा, डीन (शैक्षणिक): बहु-विषयक सहयोग और व्यावहारिक अनुप्रयोग।
- प्रो. सरोज कुमार सारंगी, कुलसचिव: संस्थागत सहयोग की सराहना।
ये वक्तव्य न सिर्फ प्रेरक थे, बल्कि सस्टेनेबल इंजीनियरिंग के रोडमैप भी दिखाते हैं। आयोजन सचिवों डॉ. रिंकू के.आर. गौड़ा, डॉ. शैलेश कुमार झा, डॉ. अरविंद पटेल, डॉ. अभिषेक कुमार और डॉ. श्री कृष्ण सुधांशु कंभामेट्टू की मेहनत सराहनीय है।
सम्मेलन के प्रमुख थीम्स: सस्टेनेबल इंजीनियरिंग के क्षेत्र
Innovest 2026 में कई महत्वपूर्ण थीम्स पर चर्चा हो रही है। यांत्रिक अभियांत्रिकी के उभरते क्षेत्र इस प्रकार हैं:
- सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग: कम ऊर्जा वाले उत्पादन तरीके।
- रिन्यूएबल एनर्जी सिस्टम: सोलर, विंड और हाइड्रोजन तकनीक।
- एडवांस्ड मटेरियल्स: लाइटवेट और इको-फ्रेंडली सामग्री।
- स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग: AI और IoT का उपयोग।
- थर्मल और फ्लूइड इंजीनियरिंग: ऊर्जा दक्षता।
इन थीम्स पर 170 शोध पत्र प्रस्तुत होंगे। उद्योग जैसे टाटा स्टील से जुड़ाव से व्यावहारिक समाधान निकलेंगे। दोस्तों, कल्पना कीजिए – ये नवाचार कार्बन उत्सर्जन कम करेंगे और ग्रीन जॉब्स पैदा करेंगे। एनआईटी जमशेदपुर का यह कदम पूर्वी भारत के लिए मील का पत्थर है।
एनआईटी जमशेदपुर का योगदान यांत्रिक अभियांत्रिकी में अग्रणी
एनआईटी जमशेदपुर 1960 से स्थापित है और अब राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है। Innovest 2026 इसकी शोध क्षमता को दिखाता है। संस्थान टाटा स्टील, NML जैसे पार्टनर्स के साथ काम करता है। छात्रों को इंटर्नशिप और प्रोजेक्ट्स मिलते हैं।
विभाग में आधुनिक लैब्स हैं – CFD, FEA, रोबोटिक्स। यह सम्मेलन छात्रों को ग्लोबल एक्सपोजर देगा। प्रो. गौतम सुत्रधार की दृष्टि से संस्थान टॉप NITs में शुमार हो रहा है। जमशेदपुर का औद्योगिक बैकग्राउंड इसे विशेष बनाता है।
चुनौतियां और भविष्य की संभावनाए नवाचार का रास्ता
सम्मेलन में चुनौतियां भी चर्चा का विषय बनीं:
- फंडिंग की कमी: सरकार और उद्योग से ज्यादा सपोर्ट चाहिए।
- स्किल गैप: छात्रों को इंडस्ट्री-रेडी बनाना।
- ग्लोबल कॉम्पिटिशन: पेटेंट और पब्लिकेशन बढ़ाएं।
भविष्य में Innovest वार्षिक होगा। इससे स्टार्टअप्स, पेटेंट्स निकलेंगे। भारत का 2047 विकसित राष्ट्र लक्ष्य यांत्रिक नवाचार से संभव है। छात्रों के लिए नेटवर्किंग का सुनहरा मौका।
Innovest 2026 का उद्घाटन एनआईटी जमशेदपुर के लिए गौरव का क्षण है। प्रो. टी.एन. सिंह, प्रो. गौतम सुत्रधार जैसे नेतृत्व से यांत्रिक अभियांत्रिकी में नवाचार को नई उड़ान मिलेगी। यह सम्मेलन सस्टेनेबल इंडस्ट्री रेवोल्यूशन का बीज बोएगा। छात्र, शोधकर्ता – सब इसमें योगदान दें। जमशेदपुर से शुरू होकर भारत का तकनीकी परिवर्तन होगा। ऐसे आयोजनों से हम विकसित भारत के सपने को साकार करेंगे










































