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Tata स्टील एडवेंचर फाउंडेशन के साथ एवरेस्ट बेस कैंप (EBC) ट्रेक 2026 एक अविस्मरणीय साहसिक यात्रा

On: April 15, 2026 10:02 PM
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हिमालय की ऊंची चोटियों पर चढ़ना कैसा लगेगा जहां हवा पतली हो, तापमान शून्य से नीचे चला जाए और हर कदम एक नई चुनौती लाए। जी हां, Tata स्टील एडवेंचर फाउंडेशन (TSAF) के साथ एवरेस्ट बेस कैंप (EBC) ट्रेक 2026 ने ठीक यही जादू बिखेरा। 31 मार्च से 11 अप्रैल 2026 तक चले इस ट्रेक में 10 प्रतिभागियों का समूह, जिसमें 3 महिलाएं और 7 पुरुष शामिल थे, ने 17,598 फीट की ऊंचाई तक सफर तय किया। इस पूरी यात्रा का नेतृत्व TSAF के मैनेजर अनंत राणा ने किया, जिनके अनुभव ने सबको प्रेरित किया। अगर आप साहसिक यात्राओं के शौकीन हैं, तो यह ब्लॉग आपके लिए है। आइए, जानते हैं इस ट्रेक की पूरी कहानी, चुनौतियां, अनुभव और प्रेरणा को करीब से।

एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक क्या है और क्यों खास है

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Tata एवरेस्ट बेस कैंप (EBC) ट्रेक दुनिया के सबसे लोकप्रिय हाई-एल्टीट्यूड ट्रेक में से एक है। यह नेपाल के सागरमाथा नेशनल पार्क में स्थित है, जहां माउंट एवरेस्ट की आधार शिविर तक पहुंचा जाता है। ऊंचाई 17,598 फीट (लगभग 5,364 मीटर) तक जाती है, जो इसे रोमांच प्रेमियों के लिए स्वर्ग बनाती है। लेकिन यह सिर्फ घूमना-फिरना नहीं, बल्कि शारीरिक और मानसिक दृढ़ता की परीक्षा है।

Tata स्टील एडवेंचर फाउंडेशन के साथ एवरेस्ट बेस कैंप (EBC) ट्रेक 2026 ने इसे और खास बना दिया। TSAF न सिर्फ टाटा स्टील के कर्मचारियों के लिए, बल्कि बाहरी लोगों के लिए भी अवसर प्रदान करता है। इस ट्रेक में एक प्रतिभागी Tata स्टील जमशेदपुर के स्पोर्ट्स विभाग से थे, जबकि 9 अन्य बाहर से। आयु सीमा 28 से 58 वर्ष तक थी, जो दर्शाता है कि उम्र सिर्फ संख्या है। प्रतिभागी थे: नेहा शाह, राजीव कुमार रुंगटा, मनीष भौका, प्रीति भौका, कुणाल सारंगी, शाहिल धनुका, सुमित्रा शाह, अनन्या लेपी, चेतन कुमार और प्रतीक सराओगी। इस समावेशिता ने ट्रेक को और समृद्ध किया।

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ट्रेक का रूट और प्रमुख पड़ाव

ट्रेक काठमांडू से शुरू होकर लुकला एयरपोर्ट तक फ्लाइट से पहुंचता है। फिर फेर्तनग, नमचे बाजार, तेंगबोचे, डिंगबोचे, लोबुचे और अंत में एवरेस्ट बेस कैंप। दुध कोशी नदी के किनारे-किनारे चलते हुए नामचे बाजार पहुंचना रोमांचक था। नामचे बाजार शेरपा समुदाय का केंद्र है, जहां बाजार की हलचल और संस्कृति आपको मंत्रमुग्ध कर देती है। तेंगबोचे का मठ और उसके आसपास के नजारे तो बस अविस्मरणीय! रास्ते में हिमालय की चोटियां जैसे अमादाब्लाम, थामसेरकू और कांगtega आपको सलाम करती नजर आती हैं। कुल दूरी लगभग 130 किलोमीटर, 12 दिनों में पूरी।

अनंत राणा ट्रेक के प्रेरक नेता

Tata स्टील एडवेंचर फाउंडेशन के साथ एवरेस्ट बेस कैंप (EBC) ट्रेक 2026 की सफलता का राज अनंत राणा हैं। TSAF के मैनेजर अनंत ने 2022 में ट्विन पीक शिखर फतह किया था। उसके बाद दार्जिलिंग के हिमालयन इंस्टीट्यूट से बेसिक माउंटेनियरिंग कोर्स पूरा किया। हाल ही में न्यूजीलैंड में फुल आयरनमैन रेस खत्म की, जो तैराकी, साइकिलिंग और दौड़ का मिश्रण है।

ट्रेक के दौरान अनंत ने न सिर्फ मार्गदर्शन दिया, बल्कि अपने रोचक किस्से सुनाकर टीम को उत्साहित रखा। कठिन मौसम में उनका नेतृत्व टीम को एकजुट रखने वाला साबित हुआ। प्रतिभागी अनन्या लेपी ने कहा, “अनंत के मार्गदर्शन ने कठिन पलों को आसान बनाया।” अनंत जैसे लीडर के बिना यह ट्रेक इतना सफल न होता।

चुनौतियां ठंड, ऊंचाई और दृढ़ता की परीक्षा

Tata स्टील एडवेंचर फाउंडेशन के साथ एवरेस्ट बेस कैंप (EBC) ट्रेक 2026 में चुनौतियां कम न थीं। तापमान -25°C तक गिर गया, तेज हवाएं, बर्फबारी और रोजाना 6-8 घंटे की पैदल चढ़ाई। ऊंचाई बढ़ने से एल्टीट्यूड सिकनेस का खतरा रहता है, लेकिन TSAF की तैयारी ने सबको सुरक्षित रखा।

रोजाना लंबी पैदल यात्रा में घुटने, मांसपेशियां थक जातीं, लेकिन टीम ने हार नहीं मानी। शेरपा गाइड्स की मदद से रास्ते सुरक्षित रहे। महिलाओं ने भी पुरुषों को टक्कर दी – नेहा शाह, प्रीति भौका और सुमित्रा शाह ने साहस दिखाया। सभी 10 ने बेस कैंप पहुंचकर झंडा फहराया। यह दृढ़ता की मिसाल है!

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मौसम और स्वास्थ्य प्रबंधन

ट्रेकिंग से पहले TSAF ने फिटनेस टेस्ट, मेडिकल चेकअप और ट्रेनिंग दी। एक्यू क्लाइमेटाइजेशन के लिए अतिरिक्त दिन रखे गए। ऑक्सीजन लेवल चेक, हाइड्रेशन और दवाओं से एल्टीट्यूड सिकनेस रोका गया। बावजूद ठंड के, टीम ने कैंपफायर पर गाने गाए, कहानियां साझा कीं।

प्रतिभागियों के दिलचस्प अनुभव

प्रत्येक प्रतिभागी की कहानी अलग थी, लेकिन सबमें एक ही धागा – TSAF का साथ।

कुणाल सारंगी ने कहा: हिमालय की मनमोहक वादियों के बीच यह ट्रेक जीवन में एक बार मिलने वाला अद्भुत अनुभव रहा। रोमांच और चुनौतियों का अनोखा संगम। एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचना गर्व और कृतज्ञता से भरा पल था। TSAF का धन्यवाद!”

अनन्या लेपी का अनुभव: लंबे समय से संजोया सपना TSAF के सहयोग से साकार हुआ। चुनौतीपूर्ण लेकिन संतोषजनक। अनंत के नेतृत्व ने सब आसान कर दिया। और यात्राओं का इंतजार!”

अन्य प्रतिभागियों जैसे राजीव रुंगटा, मनीष भौका ने भी शेरपा संस्कृति और नेचर के करीब आने की बात की। 58 वर्षीय प्रतिभागी ने साबित किया कि उम्र बाधा नहीं। टीम की सकारात्मक ऊर्जा ने ट्रेक को यादगार बनाया।

शेरपा संस्कृति का जादू

नामचे और तेंगबोचे में शेरपा समुदाय से मिलना खास था। उनके साहस की कहानियां, बौद्ध मठ, स्थानीय खाना जैसे दाल-भात और थुकपा ने ट्रेक को सांस्कृतिक रंग दिया। शेरपा गाइड्स ने रास्ते बताए, कहानियां सुनाईं।

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TSAF क्यों चुनें एवरेस्ट बेस कैंप ट्रेक के लिए?

Tata स्टील एडवेंचर फाउंडेशन (TSAF) साहसिक गतिविधियों का केंद्र है। वे प्रोफेशनल ट्रेनिंग, सुरक्षा और समावेशिता पर फोकस करते हैं। गैर-कर्मचारियों को भी मौका देकर उन्होंने ट्रेक को डाइवर्स बनाया। अगले ट्रेक के लिए TSAF से जुड़ें – वेबसाइट चेक करें।

तैयारी के टिप्स

  • 3-6 महीने पहले कार्डियो, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग शुरू करें।
  • हाइकिंग प्रैक्टिस, ऊंचाई पर रहें।
  • अच्छे ट्रेकिंग शूज, थर्मल्स, सनस्क्रीन पैक करें।
  • TSAF जैसे संगठन चुनें अनुभवी लीडर्स के लिए।

Tata स्टील एडवेंचर फाउंडेशन के साथ एवरेस्ट बेस कैंप (EBC) ट्रेक 2026 ने साबित किया कि सपने ऊंचाई पर ही पूरे होते हैं। 10 प्रतिभागियों ने चुनौतियों को हराकर इतिहास रचा। अनंत राणा का नेतृत्व, टीम की एकता और TSAF का सहयोग – सबने इसे अविस्मरणीय बनाया। अगर आपका मन भी हिमालय की ओर है, तो TSAF से जुड़ें। यह ट्रेक न सिर्फ शरीर, बल्कि आत्मा को मजबूत करता है। 

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