
- चाईबासा में रेस्टोरेंट व ढाबा संचालकों पर डीसी का बड़ा एक्शन!
- अब एप्रोन, हेड कैप और ग्लव्स पहनना अनिवार्य, बिना फूड लाइसेंस पर अर्थदंड तय
📍 चाईबासा (जय कुमार) : पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। जिले के नवपदस्थापित उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अभिषेक आनंद ने आज चाईबासा सदर क्षेत्र के विभिन्न रेस्टोरेंट, ढाबा, होटल और खाद्य सामग्री दुकानों का औचक निरीक्षण किया।

🔍 मसालों और खाद्य सामग्री के लिए सैंपल कलेक्शन
निरीक्षण के दौरान मोदी ऑयल, गोल्डन मसाला, खंडेलवाल फ्रेश समेत कई प्रतिष्ठानों से हल्दी पाउडर, लाल मिर्च, मिक्स मसाला, वनस्पति और चायपत्ती के नमूने लिए गए। सभी सैंपल को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है।
⚠️ 14 फल दुकानों पर फूड लाइसेंस नहीं पाए गए
जांच के क्रम में 14 फल दुकानों के पास फूड लाइसेंस नहीं मिला, जिसके बाद दुकानदारों को कड़ी चेतावनी दी गई। उन्हें निर्देश दिया गया है कि 7 दिनों के अंदर www.foscos.fssai.gov.in पोर्टल के माध्यम से फूड लाइसेंस के लिए आवेदन करें और उसे अपने स्टॉल या प्रतिष्ठान में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करें।
🧑🍳 साफ-सफाई और किचन हाइजीन पर सख्त निर्देश
उपायुक्त के आदेशानुसार सभी होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट संचालकों को अब:
- एप्रोन, हेड कैप और ग्लव्स पहनकर ही भोजन तैयार करने का आदेश
- कच्ची सामग्री की गुणवत्ता और एक्सपायरी डेट जांचने के बाद ही इस्तेमाल की अनुमति
- गाय छाप या चंपई रंग और अत्यधिक फूड कलर के प्रयोग पर सख्त रोक
- खाद्य सामग्री को ढककर रखने और उचित तापमान में स्टोर करने का निर्देश
💬 फूड लाइसेंस न दिखाने पर अर्थदंड तय
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने चेतावनी दी कि जो भी खाद्य विक्रेता फूड लाइसेंस अपने प्रतिष्ठान में नहीं प्रदर्शित करेंगे, उनके विरुद्ध अर्थदंड की कार्रवाई की जाएगी। कई दुकानदार फूड लाइसेंस घर पर रखे हुए हैं, उन्हें तत्काल अपने स्टॉल, दुकान या ठेले पर इसे स्पष्ट रूप से लगाना अनिवार्य किया गया है।
🧾 संदेश स्पष्ट: गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं
यह कार्रवाई उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी के नेतृत्व में जिले में सुरक्षित और स्वच्छ खाद्य वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। आने वाले दिनों में यह अभियान और भी सख्त होगा।
चाईबासा जिला प्रशासन की यह पहल स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य और उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा के लिए एक सकारात्मक कदम है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है – खाद्य सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।
✍️ रिपोर्ट: जय कुमार, चाईबासा











































