जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में VB-GRAMG (Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission-Gramin), अबुआ आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) तथा PM JANMAN आवास योजना की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में उपायुक्त ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO), बीपीओ और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण विकास योजनाओं का क्रियान्वयन तेज गति से किया जाए और पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रत्येक पंचायत में कम से कम 15 से 20 योजनाएं तथा प्रत्येक गांव में कम से कम पांच योजनाएं संचालित की जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आधारभूत विकास दोनों को बढ़ावा मिल सके।
01 जुलाई से मनरेगा का नया नाम VB-GRAMG
बैठक के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि 01 जुलाई 2026 से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का संचालन अब VB-GRAMG (Viksit Bharat – Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission-Gramin) के नाम से किया जा रहा है।
उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण कर गांवों के समग्र विकास को गति देना भी है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक पंचायत में अधिक से अधिक विकास कार्य प्रारंभ किए जाएं ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध हो सकें।
हर पंचायत में 20 और हर गांव में 5 योजनाएं संचालित करने का लक्ष्य
बैठक में उपायुक्त ने ग्रामीण विकास कार्यों की गति बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक पंचायत में कम से कम 15 से 20 योजनाएं क्रियान्वयन की स्थिति में लाई जाएं, जबकि प्रत्येक गांव में कम से कम पांच विकास योजनाएं संचालित हों।
उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, जल संरक्षण, तालाब, सिंचाई, सामुदायिक परिसंपत्तियों और अन्य विकास कार्यों को गति मिलेगी। साथ ही ग्रामीण मजदूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिलेगा और पलायन की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।
ग्रामीण आवास योजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश
बैठक में अबुआ आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) तथा PM JANMAN आवास योजना की भी विस्तृत समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन लाभुकों को आवास निर्माण के लिए राशि मिल चुकी है, उनसे निर्धारित समय के भीतर निर्माण कार्य पूरा कराया जाए।
उन्होंने कहा कि जिन लाभुकों ने राशि प्राप्त करने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं किया है या अधूरा छोड़ रखा है, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

इसके साथ ही तृतीय किस्त प्राप्त लाभुकों के आवासों की छत ढलाई शीघ्र पूरी कराने तथा प्रथम किस्त प्राप्त करने वाले लाभुकों के निर्धारित निर्माण कार्य इसी माह पूरा कराने के निर्देश दिए गए।
जियो टैगिंग अभियान युद्धस्तर पर चलाने का निर्देश
VB-GRAMG के तहत पूर्ण हो चुकी परिसंपत्तियों की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने Geo-MGNREGA Portal पर सभी परिसंपत्तियों की जियो टैगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक पूर्ण परियोजना की डिजिटल रिकॉर्डिंग आवश्यक है ताकि योजनाओं की पारदर्शिता बनी रहे और वास्तविक प्रगति का सही आकलन किया जा सके।
इसके लिए रोजगार सेवकों का साप्ताहिक रोस्टर तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जिन पंचायतों और गांवों में अधिक योजनाएं संचालित हैं, वहां जियो टैगिंग कार्य को प्राथमिकता देने को कहा गया।
NMMS App से 100 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज कराने का निर्देश
बैठक में मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि NMMS App के माध्यम से सभी मजदूरों की 100 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की जाए, ताकि भुगतान प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न आए।
उन्होंने कहा कि डिजिटल उपस्थिति प्रणाली से पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जी उपस्थिति जैसी समस्याओं पर भी रोक लगेगी।
एक सप्ताह में 95 प्रतिशत e-KYC पूरा करने का लक्ष्य
बैठक के दौरान जॉब कार्डधारियों के e-KYC की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी पात्र जॉब कार्डधारियों का 95 प्रतिशत e-KYC एक सप्ताह के भीतर पूरा किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन क्षेत्रों में e-KYC की प्रगति धीमी है, वहां विशेष अभियान चलाकर निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा किया जाए।
अपात्र जॉब कार्डधारियों के नाम हटाने के निर्देश
उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि जो जॉब कार्डधारी स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर पलायन कर चुके हैं अथवा योजना के पात्र नहीं हैं, उनके नाम ग्रामसभा की अनुशंसा के आधार पर नियमानुसार हटाए जाएं।
उन्होंने कहा कि इससे वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ मिलेगा और सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।
ग्रामीण रोजगार और आवास दोनों पर रहेगा प्रशासन का फोकस
बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि ग्रामीण विकास योजनाओं का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गरीब परिवारों को सुरक्षित आवास और बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी योजनाओं की नियमित समीक्षा करें, लाभुकों से संपर्क बनाए रखें और किसी भी समस्या का त्वरित समाधान करें ताकि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचे।
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, निदेशक एनईपी, जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), बीपीओ तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ग्रामीण विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है। उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में आयोजित इस समीक्षा बैठक में VB-GRAMG, अबुआ आवास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और PM JANMAN आवास योजना की प्रगति को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। प्रत्येक पंचायत में अधिक योजनाएं संचालित करने, हर गांव तक विकास कार्य पहुंचाने, जियो टैगिंग, e-KYC, डिजिटल उपस्थिति और समय पर आवास निर्माण पूरा कराने पर विशेष जोर दिया गया। इन निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आवास और आधारभूत विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।





















